दंगल टीवी पर 'सांचे दरबार की जय': मितांश यादव बोले- 'ध्यानू भगत का किरदार बड़ा सौभाग्य'
सारांश
मुख्य बातें
दंगल टीवी पर 2 नवंबर 2026 से प्रसारित नए धार्मिक-सामाजिक शो 'सांचे दरबार की जय... ध्यानू भगत की अमर कहानी' में अभिनेता मितांश यादव मां ज्वाला के परम भक्त ध्यानू भगत का किरदार निभा रहे हैं। यह शो दीपावली के शुभ अवसर पर लॉन्च किया गया और ध्यानू भगत की उस ऐतिहासिक आस्था की गाथा पर आधारित है, जिनका जयकारा 'सांचे दरबार की जय' आज भी जागरण और माता की चौकियों में गूंजता है।
मितांश यादव ने क्यों बताया खुद को खुशकिस्मत
अभिनेता मितांश यादव ने किरदार मिलने पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे यह किरदार निभाने का मौका मिला। मुझे पहले से ही भक्ति करना और मंत्रों का जाप करना पसंद है, इसलिए इस शो का हिस्सा बनकर मुझे बहुत अच्छा लगा।' उन्होंने आगे कहा कि इस कहानी के ज़रिए असली ध्यानू जी को एक सच्ची श्रद्धांजलि दी जा रही है, जिनकी भक्ति ने जागरण, जयकारे और माता की आराधना जैसी परंपराओं को प्रेरणा दी।
मितांश ने यह भी स्वीकार किया कि ध्यानू भगत की असली कहानी और मां ज्वाला के साथ उनके विशेष रिश्ते के बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि दंगल टीवी की टीम ने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे इतने प्रतिष्ठित किरदार को जीवंत करने का अवसर दिया।'
राजेश दुबे का अनुभव: 10 मिनट में सुनी कहानी, रुके नहीं आँसू
शो में नंद बाबा की भूमिका में नज़र आ रहे अभिनेता राजेश दुबे ने बताया कि उन्हें पूरी कहानी महज 10 मिनट में सुनाई गई, लेकिन सुनते ही वे अपने आँसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा, 'हमें ऐसा लगता है कि इस कहानी को पर्दे पर लाने के लिए खुद मां ज्वाला ने हमें चुना है।' राजेश ने यह भी जोड़ा कि उन्हें आमतौर पर नेगेटिव या कॉमेडी किरदारों के ऑफर मिलते हैं, इसलिए जब इस भूमिका के लिए उनसे संपर्क हुआ तो वे हैरान रह गए।
राजेश दुबे ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह सब मां ज्वाला के आशीर्वाद से पहले से तय था और मुझे इस कहानी का हिस्सा बनने का अवसर मिला।' यह टिप्पणी शो के उस भावनात्मक केंद्र को रेखांकित करती है, जो दर्शकों को श्रद्धा और समर्पण से जोड़ने का प्रयास करता है।
निर्माताओं का संदेश: भक्ति, शांति और इंसानियत
एंटर10 टीवी नेटवर्क के डायरेक्टर अक्षत सिंघल ने शो के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, 'दंगल टीवी हमेशा से ऐसी कहानियाँ पेश करता रहा है, जो दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें प्रेरित भी करती हैं। हमें दीपावली के शुभ अवसर पर यह शो पेश करते हुए खुशी हो रही है।'
सिंघल ने कहा कि इस कहानी के केंद्र में एक बच्चे की मासूम आस्था है, जिसका ईश्वर के प्रति प्रेम डर, ताकत और भेदभाव जैसी चीज़ों को चुनौती देता है। उन्होंने कहा, 'यह कहानी याद दिलाती है कि सबसे बड़ा चमत्कार इंसान के दिल में प्रेम और इंसानियत का जागना है।' शो के ज़रिए निर्माता दर्शकों को करुणा और उम्मीद जैसे मूल्यों से जोड़ना चाहते हैं।
शो की पृष्ठभूमि और प्रसारण विवरण
गौरतलब है कि ध्यानू भगत की भक्ति-गाथा सदियों से भारतीय लोक परंपरा का हिस्सा रही है। 'सांचे दरबार की जय... ध्यानू भगत की अमर कहानी' इस लोकप्रिय लोकाख्यान को पहली बार विस्तृत धारावाहिक रूप में छोटे पर्दे पर प्रस्तुत कर रहा है। यह शो दंगल टीवी पर 2 नवंबर 2026 से प्रसारित हो रहा है और दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता देखी जा रही है।
आने वाले एपिसोड में ध्यानू भगत की यात्रा, उनके संघर्ष और मां ज्वाला की कृपा की कहानी को और विस्तार से दिखाया जाएगा।