29 जून 2026
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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' की प्राची सिंह: 'मानसिक मजबूती के बिना इस इंडस्ट्री में टिकना नामुमकिन'

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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' की प्राची सिंह: 'मानसिक मजबूती के बिना इस इंडस्ट्री में टिकना नामुमकिन'

सारांश

प्राची सिंह ने साफ कहा — टीवी इंडस्ट्री में सिर्फ अभिनय से काम नहीं चलता। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में मंजरी का किरदार निभा रहीं इस अभिनेत्री ने मानसिक दृढ़ता, विनम्रता और परिवार से जुड़ाव को सफलता की असली बुनियाद बताया।

मुख्य बातें

प्राची सिंह इन दिनों 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में मंजरी उर्फ मुन्नी का किरदार निभा रही हैं।
उनके अनुसार, टीवी इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए मानसिक मजबूती और धैर्य सबसे जरूरी हैं।
प्राची ने परिवार और जड़ों से जुड़ाव को मानसिक शांति का सबसे बड़ा स्रोत बताया।
इमोशनल सीन्स के लिए वे खुद को उस परिस्थिति में रखकर सोचती हैं — यही उनकी अभिनय विधि है।
शो के लिए ऑडिशन के 10 से 15 दिन बाद उन्हें चयन की सूचना मिली, जिसे वे अपने करियर का खास पड़ाव मानती हैं।

टीवी अभिनेत्री प्राची सिंह, जो इन दिनों स्टार प्लस के चर्चित शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में मंजरी उर्फ मुन्नी का किरदार निभा रही हैं, ने 29 जून 2026 को टेलीविजन इंडस्ट्री की मानसिक चुनौतियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में सफल होने के लिए केवल अभिनय कौशल नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और जमीन से जुड़ाव भी उतना ही आवश्यक है।

मानसिक स्वास्थ्य और धैर्य की अहमियत

प्राची सिंह ने कहा, 'यह काम बहुत चुनौती भरा है। ऐसे में मानसिक सेहत का ध्यान रखना और सही सोच बनाए रखना बहुत जरूरी है। इस इंडस्ट्री में बहुत धैर्य की जरूरत होती है। अगर आप छोटी-छोटी बातों से परेशान होने लगेंगे, तो लंबे समय तक यहां टिक पाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखना जरूरी है।' टीवी इंडस्ट्री में लंबे शूटिंग शेड्यूल, रोज़ नए किरदारों की माँग और लगातार बेहतर प्रदर्शन का दबाव — ये सब मिलकर कलाकारों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालते हैं।

परिवार और जड़ों से जुड़ाव

अभिनेत्री ने परिवार के महत्व पर जोर देते हुए कहा, 'परिवार और अपनी जड़ों से जुड़े रहना इंसान को अंदर से मजबूत बनाता है। जब कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ जुड़ा रहता है, तो एक अलग सुकुन मिलता है। सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान हमेशा खुद जैसा है, वैसा ही रहे। दिखावे में जीने से मन कभी शांत नहीं रहता।' उनका यह दृष्टिकोण उन युवा कलाकारों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं।

सफलता के बाद विनम्रता

प्राची ने कहा, 'सफलता मिलने के बाद भी इंसान को विनम्र बने रहना चाहिए। मनोरंजन की दुनिया में जमीन से जुड़े रहना थोड़ा मुश्किल जरूर होता, लेकिन अगर इंसान व्यवहार और सोच को नहीं बदलता, तो वह हर परिस्थिति में खुश रह सकता है। मैं चाहूंगी कि हर कलाकार सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बना रहे।' यह विचार उस दौर में और भी अहम हो जाता है जब सोशल मीडिया की चमक-दमक कलाकारों को वास्तविकता से दूर ले जा सकती है।

इमोशनल सीन्स की चुनौती

अभिनय की अपनी विधि साझा करते हुए प्राची ने बताया, 'मेरे लिए इमोशनल सीन्स सबसे ज्यादा मुश्किल होते हैं। ऐसे सीन्स में मैं सोचती हूं कि अगर मेरे साथ ऐसा होता तो मैं कैसा महसूस करती और कैसी प्रतिक्रिया देती। जब आप उस दर्द या खुशी को सच में महसूस करने लगते हैं, तभी वह इमोशन्स पर्दे पर भी सच्चे दिखाई देते हैं। यही तरीका मुझे इमोशनल सीन्स को शूट करने में मदद करता है।' यह दृष्टिकोण 'मेथड एक्टिंग' की याद दिलाता है, जहाँ कलाकार किरदार के भावों को भीतर से जीता है।

शो से जुड़ाव और ऑडिशन का अनुभव

प्राची ने बताया कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के सेट पर काम का माहौल बेहद सकारात्मक है। उन्होंने कहा, 'वहां काम का माहौल बहुत अच्छा है और अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका है। इस शो के लिए मुझे अचानक ऑडिशन भेजने के लिए कहा गया था। मैंने किरदार की जानकारी मिलने के बाद तुरंत ऑडिशन रिकॉर्ड करके भेज दिया। करीब 10 से 15 दिन बाद मुझे फोन आया और बताया गया कि मेरा सलेक्शन हो गया है। यह खबर सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं इस मौके को अपने करियर का बेहद खास पड़ाव मानती हूं।' आने वाले समय में प्राची के किरदार मंजरी उर्फ मुन्नी से दर्शकों को और भी रोचक कहानियाँ देखने को मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रोडक्शन हाउस और चैनल संस्थागत स्तर पर कलाकारों की मानसिक सेहत के लिए कोई ठोस ढाँचा बना रहे हैं, या यह जिम्मेदारी अकेले कलाकार पर ही छोड़ी जा रही है। व्यक्तिगत दृढ़ता जरूरी है, लेकिन पर्याप्त नहीं — उद्योग-स्तरीय बदलाव के बिना यह संवाद अधूरा रहेगा।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्राची सिंह 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में कौन सा किरदार निभा रही हैं?
प्राची सिंह इस शो में मंजरी उर्फ मुन्नी का किरदार निभा रही हैं। उन्हें यह भूमिका अचानक ऑडिशन के बाद मिली, और चयन की सूचना ऑडिशन के करीब 10 से 15 दिन बाद आई।
प्राची सिंह के अनुसार टीवी इंडस्ट्री में सफल होने के लिए क्या जरूरी है?
प्राची सिंह का मानना है कि अच्छे अभिनय के साथ-साथ मानसिक मजबूती, धैर्य और जमीन से जुड़ाव भी उतने ही जरूरी हैं। उनके अनुसार, छोटी-छोटी बातों से परेशान होने वाले कलाकार इस इंडस्ट्री में लंबे समय तक नहीं टिक पाते।
प्राची सिंह इमोशनल सीन्स कैसे शूट करती हैं?
वे इमोशनल सीन्स के दौरान खुद को उस परिस्थिति में रखकर सोचती हैं — कि अगर उनके साथ ऐसा होता तो वे कैसा महसूस करतीं। उनके अनुसार, जब भावनाएँ भीतर से सच्ची होती हैं, तभी वे पर्दे पर भी वास्तविक दिखती हैं।
प्राची सिंह ने परिवार के महत्व पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि परिवार और जड़ों से जुड़े रहने से इंसान अंदर से मजबूत बनता है और एक अलग सुकून मिलता है। उनके अनुसार, दिखावे में जीने से मन कभी शांत नहीं रहता और इंसान को हमेशा खुद जैसा ही रहना चाहिए।
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के सेट का माहौल कैसा है?
प्राची सिंह ने बताया कि सेट पर काम का माहौल बहुत अच्छा है और अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए सीखने का बेहतरीन अवसर है। वे इस शो को अपने करियर का एक बेहद खास पड़ाव मानती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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