कोटा-बूंदी एयरपोर्ट का शिलान्यास: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया मोड़

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कोटा-बूंदी एयरपोर्ट का शिलान्यास: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया मोड़

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास पर महत्वाकांक्षी योजनाओं का जिक्र किया। यह एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेगा और यात्रा एवं व्यापार को सरल बनाएगा।

Key Takeaways

  • कोटा-बूंदी एयरपोर्ट का शिलान्यास क्षेत्रीय विकास का नया मोड़ है।
  • प्रधानमंत्री मोदी का वादा कि एयरपोर्ट केवल एक सपना नहीं होगा।
  • कोटा शिक्षा और ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
  • अमृत भारत स्टेशन योजना से रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण।
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे क्षेत्र के विकास का द्वार खोलेगा।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह में वर्चुअल रूप से भाग लेते हुए कहा कि आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हड़ौती क्षेत्र के लिए नई उम्मीद और नई उपलब्धि का दिन है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह आधुनिक एयरपोर्ट भविष्य में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कोटा और हड़ौती क्षेत्र के निवासियों को एयरपोर्ट के शिलान्यास पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने आगे कहा, "मुझे याद है कि जब मैं नवंबर 2023 में कोटा आया था, तब मैंने लोगों से यह वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल एक सपना नहीं रहेगा, बल्कि यह साकार होगा। आज मुझे खुशी है कि वह क्षण आ गया है जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य आरंभ होने जा रहा है। पहले कोटा के निवासियों को फ्लाइट पकड़ने के लिए जयपुर या जोधपुर जाना पड़ता था, अब यह स्थिति बदलने वाली है। जब यह एयरपोर्ट कार्यशील होगा, तो कोटा और उसके आस-पास यात्रा आसान और व्यापार में तेजी लाने का अवसर प्रदान करेगा।"

उन्होंने कहा कि कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। कोटा वह अनोखा क्षेत्र है जहाँ न्यूक्लियर, कोयला आधारित, गैस और पानी जैसे सभी ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन होता है। यह क्षेत्र उद्यमिता और आस्था का भी एक बड़ा केंद्र है। सदियों से लोग यहाँ श्री मथुराधीश जी, केशवराय पाटन, खड़े गणेश जी महाराज और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि कोटा आज कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों मुख्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो कोटा और बूंदी से होकर गुजरता है, पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक नया द्वार खोल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब दिल्ली, वड़ोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी केवल कुछ घंटों की रह गई है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहाँ नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेषकर कृषि आधारित उद्योगों के लिए यह क्षेत्र एक बड़ा केंद्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी का यह नया अध्याय कोटा के विकास को और तेज गति देगा। कोटा एयरपोर्ट हड़ौती क्षेत्र और आस-पास के जिलों के लिए नई प्रगति के अवसर लेकर आएगा।

Point of View

बल्कि यह हड़ौती क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी का यह वादा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट कब बन रहा है?
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य जल्द ही आरंभ होगा, जिसकी लागत लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपए है।
इस एयरपोर्ट का क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास को नई गति देगा, यात्रा को आसान बनाएगा और व्यापार में वृद्धि करेगा।
कोटा में ऊर्जा के स्रोत कौन से हैं?
कोटा में न्यूक्लियर, कोयला आधारित, गैस और पानी जैसे ऊर्जा के सभी स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है।
अमृत भारत स्टेशन योजना का क्या लाभ है?
इस योजना के तहत कोटा के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का क्या महत्व है?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कोटा और बूंदी से होकर गुजरता है, जो क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
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