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क्योंझर कंकाल कांड पर नवीन पटनायक बोले — ओडिशा की वैश्विक छवि धूमिल हुई

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क्योंझर कंकाल कांड पर नवीन पटनायक बोले — ओडिशा की वैश्विक छवि धूमिल हुई

सारांश

ओडिशा के क्योंझर में एक आदिवासी युवक को ₹19,300 निकालने के लिए अपनी मृतक बहन का कंकाल बैंक ले जाना पड़ा — यह घटना वायरल हुई और अब विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने इसे राज्य की वैश्विक छवि के लिए गंभीर धक्का बताया है।

मुख्य बातें

नवीन पटनायक ने 30 अप्रैल 2025 को कहा कि क्योंझर घटना ने ओडिशा की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाया।
आदिवासी युवक जीतू मुंडा को मृतक बहन के खाते से ₹19,300 निकालने के लिए बहन का कंकाल बैंक ले जाना पड़ा।
बैंक ने मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज़ों के अभाव में भुगतान देने से इनकार किया था।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया और जीतू को आर्थिक सहायता व मृत्यु प्रमाणपत्र दिया गया।
पटनायक ने यह भी कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री के गृह जिले से आई है, जो मामले को और गंभीर बनाती है।

ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने 30 अप्रैल 2025 को क्योंझर की चर्चित कंकाल-बैंक घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले ने वैश्विक स्तर पर ओडिशा की छवि को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि इस तरह की स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री के गृह जिले से उठा मामला

नेता प्रतिपक्ष ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि यह घटना मुख्यमंत्री के गृह जिले से सामने आई है, जिससे यह मामला और अधिक चिंताजनक हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब विधानसभा में महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हो रही है, इस तरह की घटना का प्रकाश में आना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

क्या है क्योंझर का पूरा मामला

ओडिशा के क्योंझर जिले के आदिवासी युवक जीतू मुंडा को अपनी मृतक बहन के बैंक खाते से ₹19,300 निकालने थे। बैंक अधिकारियों ने मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों के अभाव में भुगतान देने से इनकार कर दिया। अंततः जीतू इतना व्यथित हो गया कि वह अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक शाखा में पहुँच गया, ताकि अधिकारियों को बहन की मृत्यु का प्रमाण दे सके। यह घटना तब सुर्खियों में आई जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुँचा। इसके बाद जीतू को आर्थिक सहायता प्रदान की गई और उसकी बहन का मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया गया।

बीजद का महिला सशक्तिकरण पर रुख

पटनायक ने कहा कि बीजू जनता दल (BJD) ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और उनकी समृद्धि से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने महिला आरक्षण के समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि सही मायने में महिला सशक्तिकरण के लिए आरक्षण अनिवार्य है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से इस कानून को पेश किया गया और जिस तरह से इस पर चर्चा की गई, इतिहास उस रवैये को हमेशा याद रखेगा।

आगे क्या होगा

इस घटना ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और बैंकिंग प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष की माँग है कि सरकार सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी भी नागरिक को दस्तावेज़ी बाधाओं के कारण इस तरह की अपमानजनक स्थिति का सामना न करना पड़े। यह मामला ओडिशा में आदिवासी समुदायों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच और दस्तावेज़ीकरण की जटिल प्रक्रियाओं पर व्यापक बहस का कारण बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी याद रखना ज़रूरी है कि BJD ने ओडिशा में दो दशकों से अधिक शासन किया — इसलिए दस्तावेज़ीकरण और बैंकिंग पहुँच की यह खाई उनके कार्यकाल में भी पाटी नहीं जा सकी। असली सवाल यह है कि वायरल वीडियो के बिना क्या जीतू को न्याय मिलता — और ऐसे कितने जीतू हैं जिनका वीडियो नहीं बना।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्योंझर बैंक कंकाल घटना क्या है?
ओडिशा के क्योंझर जिले में आदिवासी युवक जीतू मुंडा अपनी मृतक बहन के खाते से ₹19,300 निकालने बैंक गया, लेकिन मृत्यु प्रमाणपत्र न होने के कारण बैंक ने मना कर दिया। व्यथित होकर जीतू बहन का कंकाल लेकर बैंक शाखा पहुँच गया ताकि मृत्यु का प्रमाण दे सके।
जीतू मुंडा को अंततः पैसे और दस्तावेज़ मिले या नहीं?
हाँ, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद जीतू को आर्थिक सहायता दी गई और उसकी बहन का मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया।
नवीन पटनायक ने इस घटना पर क्या कहा?
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कहा कि इस घटना ने वैश्विक स्तर पर ओडिशा की छवि धूमिल की है और यह किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले से सामने आया है।
इस घटना का महिला सशक्तिकरण बहस से क्या संबंध है?
पटनायक ने कहा कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई जब विधानसभा में महिला सशक्तिकरण पर चर्चा चल रही थी, जो इसे और विरोधाभासी बनाती है। BJD ने महिला आरक्षण के समर्थन का भी उल्लेख किया।
इस घटना से ओडिशा की प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या सवाल उठे?
यह घटना आदिवासी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच और दस्तावेज़ीकरण की जटिल प्रक्रियाओं पर सवाल उठाती है। विशेषज्ञों और विपक्ष का मानना है कि सरकार को ऐसी प्रक्रियाएँ सरल बनानी चाहिए ताकि नागरिकों को इस तरह की अपमानजनक स्थिति से न गुज़रना पड़े।
राष्ट्र प्रेस
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