एशियन गेम्स 2026: इलावेनिल-पार्थ की जोड़ी 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम फाइनल में चौथे स्थान पर, भारत मेडल से चूका
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में 22 सितंबर को नागोया में खेले गए 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में भारत की इलावेनिल वलारिवन और पार्थ राकेश माने की जोड़ी 376.3 के कुल स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रही और मेडल से वंचित रह गई। क्वालिफिकेशन राउंड में दूसरे स्थान पर रहने वाली इस भारतीय जोड़ी के लिए फाइनल में चीन, दक्षिण कोरिया और जापान की टीमें आगे निकल गईं।
फाइनल के नतीजे
चीन की वांग जिफी और शेंग लिहाओ की जोड़ी ने 507.1 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दक्षिण कोरिया के ह्योजिन बान और हाजुन पार्क ने 502.9 के स्कोर के साथ सिल्वर और जापान की मिसाकी नोबाता एवं नाओकी हानाकावा ने 439.7 के स्कोर से ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। भारत का 376.3 का स्कोर चारों टीमों में सबसे कम रहा।
क्वालिफिकेशन में भारत का प्रदर्शन
इलावेनिल और पार्थ ने क्वालिफिकेशन राउंड में 634.6 का कुल स्कोर कर दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया था। गौरतलब है कि चीनी जोड़ी ने क्वालिफिकेशन में भी 638.9 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। दक्षिण कोरिया 633.2 के साथ तीसरे और जापान चौथे स्थान से फाइनल में पहुँचा था।
इलावेनिल और पार्थ की उपलब्धियाँ
यह ध्यान देने योग्य है कि इलावेनिल वलारिवन और पार्थ माने दोनों पहले ही इन खेलों में पदक जीत चुके थे। इलावेनिल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था और महिला टीम इवेंट में भी सिल्वर के हकदार रहे। पार्थ माने ने हिमांशु ढिल्लों और रुद्राक्ष पाटिल के साथ मिलकर पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था।
भारतीय शूटिंग दल का समग्र प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग टीम अब तक कुल 5 मेडल — 4 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज — जीत चुकी है। हिमांशु ढिल्लों ने अपने एशियन गेम्स डेब्यू में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर और रुद्राक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके अलावा, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में सुचिका ने सेमीफाइनल में हार के बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को इस खेल में पहली बार पोडियम पर पहुँचाया।
आगे की प्रतिस्पर्धाएँ
एशियन गेम्स 2026 की शूटिंग स्पर्धाएँ जारी हैं और भारतीय दल से आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद बनी हुई है। मिक्स्ड टीम इवेंट में इस बार मेडल नहीं मिला, लेकिन क्वालिफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहना भारतीय निशानेबाज़ों की मज़बूत क्षमता का संकेत है।