जेपीएससी कार्यालय पर सीआईडी का छापा, अध्यक्ष एल खियांग्ते ने 21 जुलाई को दिया इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच 21 जुलाई की शाम रांची में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा संचालन एजेंसी के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद आयोग के अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
अध्यक्ष का इस्तीफा और पृष्ठभूमि
एल खियांग्ते को 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे इससे पहले झारखंड सरकार में मुख्य सचिव के पद पर रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें इस संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर सरकार या आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
छापेमारी में क्या मिला
जानकारी के अनुसार, सीआईडी और रांची पुलिस की टीम ने जेपीएससी कार्यालय में कई घंटे तक जांच की। इस दौरान आयोग से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड, ओएमआर से संबंधित अभिलेख और डिजिटल सामग्री खंगाली गई। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में आवाजाही सीमित कर दी गई।
जांच टीम ने परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय पर भी छापा मारा, जहाँ से हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, डायरी और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया गया है।
हिरासत और पूछताछ
पुलिस ने एजेंसी से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। सीआईडी ने जेपीएससी की सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। हालांकि, जांच एजेंसी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन लोगों को किस आधार पर हिरासत में लिया गया है और उनसे किन बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है।
अभ्यर्थियों और विपक्ष की माँगें
14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद से अभ्यर्थी लगातार परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगा रहे हैं। छात्र संगठनों ने परिणाम की उच्चस्तरीय जांच, ओएमआर शीट और कट-ऑफ सार्वजनिक करने की माँग की है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार और आयोग से जवाब माँगा है।
आगे क्या होगा
सीआईडी के अनुसार, जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अध्यक्ष के इस्तीफे और सीआईडी की एक साथ हुई कार्रवाई ने इस मामले को एक नया राजनीतिक और प्रशासनिक आयाम दे दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है।