जेपीएससी के 3 सदस्यों का इस्तीफा: परीक्षा अनियमितताओं की सीआईडी जांच के बीच बड़ा घटनाक्रम
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की तीन सदस्यों — अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद — ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब झारखंड आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में इन तीनों को पूछताछ के लिए तलब किया था। तीनों ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को अपना त्यागपत्र सौंपा, हालांकि इस्तीफे के औपचारिक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
सीआईडी ने तीनों सदस्यों से अलग-अलग दिन पूछताछ की योजना बनाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अजिता भट्टाचार्य से सोमवार को, अनिमा हांसदा से मंगलवार को और जमाल अहमद से बुधवार को पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी ने यह भी संकेत दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर तीनों को आगे की पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।
जांच का दायरा
इससे पहले सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते से चार चरणों में पूछताछ की थी। उनसे परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं और आयोग स्तर पर लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी मांगी गई। अब तक सीआईडी परीक्षा में धोखाधड़ी के आरोप में 4 उम्मीदवारों और 3 कथित बिचौलियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
जेपीएससी हाल ही में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर लंबे समय से विवादों में घिरा हुआ है। गौरतलब है कि यह मामला उस समय और संवेदनशील हो गया जब बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग को लेकर आंदोलन पर उतर आए। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
आम जनता और उम्मीदवारों पर असर
इन इस्तीफों से उन हजारों उम्मीदवारों की चिंताएँ और गहरी हो गई हैं जिन्होंने जेपीएससी की परीक्षाएँ दी हैं। आंदोलनकारी उम्मीदवारों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक न्याय की उम्मीद बनी रहेगी। सीआईडी पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।
क्या होगा आगे
सीआईडी की जांच अभी जारी है और तीनों पूर्व सदस्यों से पूछताछ इस सप्ताह के भीतर होनी है। जांच एजेंसी के अनुसार, नए सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में नए मोड़ आ सकते हैं। राज्यपाल द्वारा इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद आयोग की संरचना और भविष्य की परीक्षाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।