30 जुलाई 2026
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जेपीएससी घोटाले की सीबीआई जांच हो, आयोग के तीनों सदस्य तत्काल बर्खास्त किए जाएं: आदित्य साहू

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जेपीएससी घोटाले की सीबीआई जांच हो, आयोग के तीनों सदस्य तत्काल बर्खास्त किए जाएं: आदित्य साहू

सारांश

झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों पर राज्य सरकार को घेरा — आयोग के तीनों सदस्यों की बर्खास्तगी, प्राथमिकी और सीबीआई जांच की मांग। पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के इस्तीफे के बाद भी कार्रवाई न होने पर सवाल। भाजपा सांसदों का संसद में प्रदर्शन, शुक्रवार को मौन उपवास प्रस्तावित।

मुख्य बातें

आदित्य साहू ने 30 जुलाई को जेपीएससी में कथित अनियमितताओं पर आयोग के तीनों सदस्यों की तत्काल बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की।
तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल.
ख्यांग्ते गड़बड़ियाँ उजागर होने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।
भाजपा ने जेपीएससी , जेएसएससी और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत पिछले छह वर्षों के सभी कथित भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग की।
सीआईडी जांच को भाजपा ने 'आंखों में धूल झोंकने का प्रयास' बताया।
बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने प्रदर्शन किया; शुक्रवार को संसद परिसर में एक घंटे का मौन उपवास प्रस्तावित।

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने 30 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि आयोग के तीनों मौजूदा सदस्यों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग दोहराई।

मुख्य घटनाक्रम

साहू ने कहा कि जेपीएससी में गड़बड़ियाँ उजागर होने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने इस्तीफा दे दिया है, परंतु आयोग के तीनों सदस्य अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं। उनका तर्क था कि जब तक ये सदस्य पद पर काबिज रहेंगे, तब तक इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद उनके खिलाफ अब तक प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज हुई और गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

सरकार पर आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की मंशा शुरू से ही भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की नहीं रही है। उनके अनुसार, सरकार छात्रों और युवाओं को न्याय दिलाने के बजाय इन मामलों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सीआईडी जांच को 'आंखों में धूल झोंकने का प्रयास' करार देते हुए कहा कि इससे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी।

छह वर्षों के भर्ती घोटालों की जांच की मांग

साहू ने मांग की कि झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत पिछले छह वर्षों में सामने आए सभी कथित भर्ती घोटालों की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सभी आरोपियों को पद से हटाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की अपील की।

सड़क से संसद तक संघर्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार पर झारखंड के भाजपा सांसदों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया था, जबकि शुक्रवार को संसद परिसर में एक घंटे का मौन उपवास भी प्रस्तावित है।

आगे क्या होगा

यह मामला ऐसे समय में उठा है जब झारखंड में युवाओं और छात्रों के बीच भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर गहरा असंतोष है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों — आलोचकों का कहना है कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी एक दीर्घकालिक समस्या बन चुकी है। सीबीआई जांच की मांग और संसद में प्रस्तावित मौन उपवास से यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले छह वर्षों में बार-बार सामने आई हैं। तत्कालीन अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद भी प्राथमिकी न दर्ज होना और तीनों सदस्यों का पद पर बने रहना, जवाबदेही की गंभीर कमी को उजागर करता है। भाजपा की सीबीआई जांच की मांग राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है, लेकिन असली सवाल यह है कि चाहे जांच एजेंसी कोई भी हो — क्या राज्य में भर्ती परीक्षाओं की संरचनात्मक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की इच्छाशक्ति है? युवाओं का भरोसा तभी लौटेगा जब दोषियों पर कार्रवाई सुर्खियों तक सीमित न रहे।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा की मुख्य मांगें क्या हैं?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आयोग के तीनों मौजूदा सदस्यों की तत्काल बर्खास्तगी, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग दोहराई गई है।
जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने इस्तीफा क्यों दिया?
आयोग में गड़बड़ियाँ उजागर होने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, भाजपा का आरोप है कि इस्तीफे के बाद भी उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई और न ही गिरफ्तारी हुई, जो न्याय प्रक्रिया में गंभीर चूक है।
भाजपा सीआईडी जांच को पर्याप्त क्यों नहीं मानती?
आदित्य साहू ने सीआईडी जांच को 'आंखों में धूल झोंकने का प्रयास' बताया और कहा कि इससे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। उनका तर्क है कि जब तक आयोग के सदस्य पद पर बने हैं, तब तक राज्य एजेंसी की जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती।
झारखंड में किन-किन भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटाले सामने आए हैं?
भाजपा के अनुसार, पिछले छह वर्षों में जेपीएससी, जेएसएससी और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ सामने आई हैं। भाजपा ने इन सभी मामलों की सीबीआई जांच की मांग की है।
इस मुद्दे पर भाजपा संसद में क्या कदम उठा रही है?
बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार पर झारखंड के भाजपा सांसदों ने प्रदर्शन किया। शुक्रवार को संसद परिसर में एक घंटे का मौन उपवास प्रस्तावित है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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