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भर्ती धांधली पर BJP का झामुमो-कांग्रेस को चैलेंज: 'एमएमडीआर की आड़ में छात्रों के सवाल नहीं दबेंगे'

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भर्ती धांधली पर BJP का झामुमो-कांग्रेस को चैलेंज: 'एमएमडीआर की आड़ में छात्रों के सवाल नहीं दबेंगे'

सारांश

BJP झारखंड अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और झामुमो पर एमएमडीआर की आड़ में भर्ती धांधली के सवाल दबाने का आरोप लगाया। JSPSC अध्यक्ष पद के लिए ₹70 करोड़ की कथित बोली और सीबीआई जांच की माँग के बीच झारखंड की राजनीति गरमाई हुई है।

मुख्य बातें

BJP झारखंड अध्यक्ष आदित्य साहू ने 1 सितंबर को कांग्रेस और झामुमो पर एमएमडीआर मुद्दे की आड़ में छात्र सवाल दबाने का आरोप लगाया।
आंदोलनरत छात्र JSPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति और सीबीआई जांच की माँग कर रहे हैं।
साहू ने JSPSC अध्यक्ष पद के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की बोली लगाए जाने के आरोप का उल्लेख किया।
सीआईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए साहू ने माँग की कि मामले के कथित मुख्य सूत्रधार तक जांच पहुँचे।
साहू ने सरकार से माँग की कि भर्ती सुधारों पर उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार, 1 सितंबर को रांची में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर सीधा हमला बोला। साहू का आरोप है कि दोनों दल माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन (एमएमडीआर) अधिनियम के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्र आंदोलन से जुड़े असुविधाजनक सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने माँग की कि सरकार पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे।

मुख्य आरोप: एमएमडीआर की आड़ में राजनीति

साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एमएमडीआर अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों का आंदोलन खनिज संपदा की वास्तविक चिंता से नहीं, बल्कि राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उनके अनुसार, अधिनियम के प्रावधानों से कथित तौर पर कुछ आर्थिक हित प्रभावित होने की आशंका के चलते कांग्रेस और झामुमो इसका विरोध कर रहे हैं। साहू ने दोनों दलों को चुनौती दी कि वे पहले जेएसपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की माँग पर अपना रुख सार्वजनिक करें।

छात्रों की माँगें: पारदर्शिता और सीबीआई जांच

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि आंदोलनरत छात्र तीन प्रमुख माँगें रख रहे हैं — भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया और सीबीआई जांच। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एमएमडीआर का मुद्दा उठाकर इन सवालों से बचने की कोशिश कर रही है। साहू ने सीआईडी की चल रही जांच पर भी सवाल उठाए और पूछा कि सरकार की कार्रवाई केवल अखबारों की सुर्खियों तक ही क्यों सीमित दिखाई दे रही है।

₹70 करोड़ की कथित बोली का गंभीर आरोप

साहू ने जेएसपीएससी अध्यक्ष पद के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की बोली लगाए जाने के आरोप का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह आरोप सही है, तो इसकी तह तक जाना अनिवार्य है। उन्होंने माँग की कि जांच का दायरा किसी छोटे स्तर तक सीमित न रहे और मामले के कथित मुख्य सूत्रधार तक जांच पहुँचे। उनके अनुसार, जांच से जुड़ी सूचनाएँ टुकड़ों में सामने आ रही हैं, जो पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।

सरकार से जवाबदेही की माँग

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा रोज़गार तथा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। उन्होंने माँग की कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सुधार, लंबित नियुक्तियों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर जो वादे किए हैं, उन पर अब तक उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। साहू ने दोहराया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जाए।

आगे क्या

छात्र आंदोलन और भर्ती धांधली के आरोप झारखंड की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बनते जा रहे हैं। BJP के इस आक्रामक रुख के बाद कांग्रेस और झामुमो की प्रतिक्रिया और सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नज़र टिकी है। सीबीआई जांच की माँग पर सरकार का रुख स्पष्ट होना अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार का संकेत है। सीबीआई जांच की माँग राजनीतिक दबाव का हथियार बन सकती है, लेकिन छात्रों के लिए यह न्याय की आखिरी उम्मीद भी है — इस फ़र्क को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य साहू ने कांग्रेस और झामुमो पर क्या आरोप लगाए?
BJP झारखंड अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो एमएमडीआर अधिनियम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर JSPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्र आंदोलन से जुड़े सवालों से ध्यान भटका रहे हैं। उनके अनुसार, अधिनियम के प्रावधानों से कुछ आर्थिक हित प्रभावित होने की आशंका इस विरोध की असली वजह है।
झारखंड के छात्र किन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं?
आंदोलनरत छात्र JSPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति और पूरे मामले की सीबीआई जांच की माँग कर रहे हैं। साहू के अनुसार, सरकार एमएमडीआर मुद्दे को आगे कर इन सवालों से बचने की कोशिश कर रही है।
JSPSC अध्यक्ष पद पर ₹70 करोड़ की बोली का आरोप क्या है?
आदित्य साहू ने JSPSC अध्यक्ष पद के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की बोली लगाए जाने के आरोप का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सही है तो जांच का दायरा मामले के कथित मुख्य सूत्रधार तक पहुँचना चाहिए और किसी छोटे स्तर पर नहीं रुकना चाहिए।
BJP ने सीआईडी जांच पर सवाल क्यों उठाए?
साहू ने कहा कि जांच से जुड़ी सूचनाएँ टुकड़ों में सामने आ रही हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि मामले के कथित मुख्य सूत्रधार तक जांच कब पहुँचेगी। उन्होंने सरकार की कार्रवाई को केवल अखबारों की सुर्खियों तक सीमित बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग की।
एमएमडीआर अधिनियम विवाद और भर्ती घोटाले का आपसी संबंध क्या है?
BJP का आरोप है कि झारखंड सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन एमएमडीआर अधिनियम के विरोध को आगे कर भर्ती परीक्षाओं की धांधली से जुड़े सवालों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों मुद्दे अलग-अलग हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से एक-दूसरे से जोड़े जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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