झारखंड राज्यसभा चुनाव: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का कांग्रेस पर पलटवार — 'हॉर्स ट्रेडिंग का इतिहास खुद का है'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान तेज़ी से बढ़ा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार, 9 जून को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा पलटवार किया। कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए जाने के बाद साहू ने कहा कि जिस पार्टी का इतिहास खरीद-फरोख्त से भरा पड़ा है, उसे दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं।
मुख्य घटनाक्रम
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड विधानसभा में कांग्रेस के केवल 16 विधायक हैं, जबकि भाजपा की संख्या उससे कहीं अधिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सीमित संख्याबल के बावजूद कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में आवश्यक वोट कैसे जुटाएगी। साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस स्वयं हॉर्स ट्रेडिंग की राजनीति कर रही है और भाजपा पर निराधार इल्ज़ाम थोप रही है।
कांग्रेस पर ऐतिहासिक आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरा देश जानता है कि कांग्रेस ने अतीत में केंद्र की अपनी अल्पमत सरकार को बचाने के लिए 'झारखंड आंदोलन' से जुड़े सांसदों को कथित तौर पर ₹3 करोड़ में खरीदने का काम किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने विधायकों को अन्य राज्यों में ले जाने की तैयारी में है — जो इस बात का संकेत है कि पार्टी को अपने ही जनप्रतिनिधियों पर भरोसा नहीं है। साहू ने कहा, "जहाँ भी कांग्रेस सत्ता में रहती है या समर्थन देती है, वहाँ भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता पनपती है।"
भाजपा की विचारधारा और वाजपेयी का संदर्भ
साहू ने कहा कि भाजपा चाहती तो जोड़-तोड़ की राजनीति कर अपना उम्मीदवार उतार सकती थी, लेकिन पार्टी की विचारधारा इसकी इजाज़त नहीं देती। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता से अधिक लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता देती है — और यही परंपरा पार्टी की पहचान है।
प्रणव झा बनाम परिमल नाथवानी
साहू ने कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार प्रणव झा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या झारखंड में कांग्रेस के पास योग्य स्थानीय कार्यकर्ताओं की कमी थी, जो बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया। इसके विपरीत भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन देने का फैसला किया है। साहू के अनुसार, नाथवानी दो बार झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और अपने कार्यकाल में गाँव, गरीब और किसानों के हित में काम किया है। नाथवानी स्वयं समर्थन माँगने भाजपा के पास आए थे, जिसके बाद पार्टी ने यह निर्णय लिया।
आगे क्या
साहू ने कहा कि राज्य की जनता राज्यसभा चुनाव से जुड़े पूरे घटनाक्रम को बारीकी से देख रही है और समय आने पर उचित जवाब देगी। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच सियासी तनाव पहले से ही चरम पर है। राज्यसभा चुनाव के नतीजे झारखंड की राजनीतिक शक्ति संरचना पर असर डाल सकते हैं।