क्या झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया?
सारांश
Key Takeaways
- आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- भाजपा की सरकार बनने की संभावना जताई गई है।
- आदिवासी समाज के प्रति सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं।
- राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
- भ्रष्टाचार और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं।
रांची, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आदित्य साहू ने यह दावा किया है कि निकट भविष्य में राज्य में भाजपा की सरकार का गठन होगा। अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन के बाद पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित समारोह में उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में समर्पित भाव से भागीदारी निभाएं।
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा आज जिस स्थान पर है, वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं ने गरीबी के बावजूद गांव-खलिहान और शहरों में संगठन का कार्य किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया और झारखंड आंदोलन के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आदित्य साहू ने कहा कि उन्हें एक सुसज्जित संगठन और मजबूत कार्यकर्ता मिले हैं और वे सभी को लेकर पार्टी के अंतिम पायदान पर खड़े कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।
उन्होंने दोहराया कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं और झारखंड की जनता का आज भी भाजपा पर विश्वास बना हुआ है। साहू ने राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही आदिवासियों पर सबसे ज्यादा जुल्म हो रहा है और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में लूट, भ्रष्टाचार और अपराध अपने चरम पर हैं। सरकार भ्रष्ट अधिकारियों से घिरी हुई है और जल, जंगल और जमीन पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में ऐसे लोगों की सरकार है जिन्होंने कभी झारखंड आंदोलन को बेचने और खरीदने का काम किया था और ऐसे लोग झारखंड और यहां के लोगों के हित में नहीं सोच सकते।
उन्होंने राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। साहू ने कहा कि बड़े पैमाने पर हो रही घुसपैठ राज्य की बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा है कि देश से एक-एक घुसपैठिये को बाहर किया जाएगा। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार एसआईआर जैसे कदमों का विरोध कर रही है, जो उसकी मंशा को उजागर करता है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में दिनदहाड़े लड़कियों के अपहरण की कोशिश, हत्या और डकैती की घटनाएं आम हो गई हैं। आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते हुए आदिवासी समाज के लोगों की हत्या हो रही है। आदिवासी के नाम पर वोट तो लिया जाता है, लेकिन सबसे अधिक असुरक्षित वही हैं।