2 सितंबर 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी धांधली: भाजपा ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन, सीबीआई जांच और छात्रों की एफआईआर रद्द करने की मांग

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जेपीएससी-जेएसएससी धांधली: भाजपा ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन, सीबीआई जांच और छात्रों की एफआईआर रद्द करने की मांग

सारांश

भाजपा ने झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी कथित परीक्षा धांधली पर सरकार को घेरा — मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच, छात्रों की एफआईआर रद्द करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की। नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न हुई तो पार्टी आंदोलन करेगी।

मुख्य बातें

भाजपा ने 2 सितंबर को रांची में मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं की CBI जांच की माँग की।
छात्र आंदोलन के दौरान और बाद में दर्ज सभी एफआईआर तत्काल रद्द करने की माँग, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया।
आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद अन्य सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की माँग।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने चेतावनी दी — माँगें न मानी गईं तो पार्टी आंदोलन करेगी।
ज्ञापन सौंपने में सांसद, विधायक और प्रदेश कमेटी के दर्जनों पदाधिकारी शामिल रहे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार, 2 सितंबर को रांची में झारखंड के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग की। साथ ही, छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) तत्काल रद्द करने की माँग भी उठाई गई। यह ज्ञापन प्रोजेक्ट भवन में सौंपा गया, जहाँ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का बड़ा प्रतिनिधिमंडल उपस्थित था।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी के सांसद, विधायक और प्रदेश कमेटी के पदाधिकारी प्रोजेक्ट भवन पहुँचे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर अनियमितताएँ हुई हैं। पार्टी का कहना है कि इन कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने करीब एक महीने तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन किया।

छात्रों पर एफआईआर का मामला

भाजपा का आरोप है कि छात्र आंदोलन की आवाज़ दबाने के लिए राज्य के विभिन्न थानों में छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई — आंदोलन के दौरान और उसके बाद भी। पार्टी ने इन सभी एफआईआर को तत्काल रद्द करने की माँग की है। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का भी हवाला दिया गया है, जो छात्र आंदोलनों से जुड़ी प्राथमिकियों के संदर्भ में जारी किया गया था।

सीबीआई जांच और आयोग पर कार्रवाई की माँग

भाजपा ने उन परीक्षाओं की CBI जांच की अनुशंसा करने की माँग की है जिन्हें कथित धांधली के कारण रद्द या स्थगित किया गया। ज्ञापन में आयोग अध्यक्ष की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मामले में समान रूप से जिम्मेदार अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। इसके अलावा, उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी माँग की गई है, जिनके अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों को कथित परीक्षा धांधली में गिरफ्तार किया जा चुका है।

सरकार को चेतावनी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि छात्रों की माँगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी और इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर होगी। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता

मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने पहुँचे प्रमुख नेताओं में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, राष्ट्रीय मंत्री सह सांसद प्रदीप वर्मा, सांसद बीडी राम, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी तथा विधायक नवीन जायसवाल, सीपी सिंह, मंजू देवी, शशि भूषण मेहता, आलोक चौरसिया, रोशन लाल चौधरी, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, नागेंद्र महतो और राज सिन्हा शामिल रहे। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं — क्या सरकार इन माँगों पर कोई ठोस कदम उठाती है या भाजपा का आंदोलन और तेज होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह भी है कि आयोग अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद भी ऊपरी जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई। छात्रों पर एफआईआर दर्ज करना — जो शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे — सर्वोच्च न्यायालय की स्थापित व्याख्या के विरुद्ध है; इस पर राज्य सरकार की चुप्पी ही सबसे बड़ा सवाल है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा धांधली विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित व्यापक अनियमितताओं के आरोप हैं, जिसके कारण कुछ परीक्षाएँ रद्द या स्थगित की गई हैं। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
भाजपा ने सीबीआई जांच की माँग क्यों की?
भाजपा का कहना है कि कथित परीक्षा धांधली की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के लिए CBI जांच ज़रूरी है, ताकि दोषियों की पहचान हो सके। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार की जांच एजेंसियाँ इस मामले में पर्याप्त निष्पक्षता नहीं दिखा पाई हैं।
छात्रों पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की माँग किस आधार पर की गई है?
भाजपा ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है जो छात्र आंदोलनों से जुड़ी प्राथमिकियों के संदर्भ में है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों पर एफआईआर दर्ज करना न्यायसंगत नहीं है।
इस ज्ञापन में आयोग के अधिकारियों के बारे में क्या माँगें हैं?
ज्ञापन में आयोग अध्यक्ष की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए अन्य समान रूप से जिम्मेदार सदस्यों की जांच और दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी की माँग की गई है। इसके अलावा, उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी माँग है जिनके अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारी गिरफ्तार हो चुके हैं।
यदि सरकार माँगें नहीं मानती तो भाजपा क्या करेगी?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तत्काल कार्रवाई न होने पर पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी और इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर होगी।
राष्ट्र प्रेस
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