केतन अग्रवाल हत्याकांड: लोहगढ़ की पुरानी मौत से प्रेरित साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
पुणे ग्रामीण पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्याकांड में वडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें यह दावा किया गया है कि आरोपियों ने लोहगढ़ किले में 18 मार्च 2025 को हुई 21 वर्षीय मानसी गोविंदपुरकर की मौत की जानकारी का इस्तेमाल अपनी कथित साजिश को आकार देने में किया। 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले में मौत हुई थी, जिसे शुरुआत में दुर्घटना समझा गया, लेकिन जाँच में पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर धक्का दिया गया था।
साजिश की पृष्ठभूमि
चार्जशीट के अनुसार, केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने कथित तौर पर पहले से ही यह तय कर लिया था कि अग्रवाल की हत्या को एक ट्रैकिंग हादसे का रूप दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, गोयल को फेसबुक पर मानसी गोविंदपुरकर की मौत की जानकारी मिली थी। मानसी 18 मार्च 2025 को घर से निकलने के बाद लापता हुई थीं और उनका शव दो दिन बाद लोहगढ़ की तलहटी में मिला था।
पुलिस का दावा है कि इस जानकारी के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी ने लोहगढ़ को साजिश के लिए उचित स्थान माना, क्योंकि वहाँ पहले भी ऊँचाई से गिरने की घटनाएँ हो चुकी थीं और उसे आसानी से हादसा साबित किया जा सकता था।
डिजिटल साक्ष्य और खोजी गई सामग्री
चार्जशीट में दावा किया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने गूगल, यूट्यूब और सोशल मीडिया पर मौत, ट्रैकिंग हादसों और सबूत मिटाने से जुड़ी जानकारी खोजी। जाँच एजेंसी के अनुसार, उनकी सर्च में 'लोहागढ़ किला', 'किसी को मारने का आसान तरीका', 'सोनम केस', 'गूगल अकाउंट कैसे डिलीट करें' और 'ट्रेकिंग की घटना' जैसे शब्द शामिल थे।
इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने कथित तौर पर मेघालय के राजा रघुवंशी हनीमून हत्या मामले की जानकारी भी खोजी थी। बरामद डिजिटल सामग्री को चार्जशीट का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।
चार्जशीट में आरोपी और साक्ष्य
पुलिस ने सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया है। 19 फरवरी को सगाई के बाद चार्जशीट के अनुसार सिया गोयल अग्रवाल से विवाह नहीं करना चाहती थीं और उन्होंने चौधरी तथा हांगे के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा।
चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि आरोपियों ने शुरुआत में कॉन्ट्रैक्ट किलर की व्यवस्था करने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर खुद ही हत्या को अंजाम देने का फैसला किया। साक्ष्यों में मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया सामग्री, संदेश, तस्वीरें, गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण शामिल हैं।
आगे क्या होगा
वडगांव मावल अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। यह मामला महाराष्ट्र में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश उजागर करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत के आगामी फैसलों पर सभी पक्षों की नज़र बनी रहेगी।