8 जुलाई 2026
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जकार्ता में PM मोदी का भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत, संबोधन को बताया गर्व और प्रेरणा का ऐतिहासिक पल

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जकार्ता में PM मोदी का भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत, संबोधन को बताया गर्व और प्रेरणा का ऐतिहासिक पल

सारांश

जकार्ता में प्रवासी भारतीयों ने PM मोदी के संबोधन को सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति प्रबोवो के 'भारतीय डीएनए' वाले बयान का उल्लेख कर मोदी ने दोनों देशों के सभ्यतागत जुड़ाव को नई पहचान दी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026 को जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया।
प्रवासी भारतीयों ने संबोधन को गर्व और प्रेरणा का क्षण बताया; 35 वर्षों से इंडोनेशिया में रह रहे भारतीयों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के ' भारतीय डीएनए ' वाले बयान का उल्लेख कर दोनों देशों की सभ्यतागत निकटता को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों की नींव साझा इतिहास, आपसी विश्वास और सभ्यतागत विरासत में बताई।
प्रवासी समुदाय ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक सहयोग के और मज़बूत होने की उम्मीद जताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान 7 जुलाई 2026 को जकार्ता में बसे भारतीय समुदाय ने उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने शिरकत की और प्रधानमंत्री के संबोधन को गर्व एवं प्रेरणा का क्षण बताया। भारत-इंडोनेशिया के साझा सभ्यतागत संबंधों और भविष्य के सहयोग पर मोदी का यह संबोधन प्रवासी भारतीयों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।

कार्यक्रम का माहौल और समुदाय की भागीदारी

जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों की भारी उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों और भविष्य के द्विपक्षीय सहयोग पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति को असाधारण और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया।

प्रवासी भारतीयों की प्रतिक्रिया

इंडोनेशिया में रह रहे एक भारतीय ने कहा, 'यह हमारे लिए बेहद सम्मान और गर्व का अवसर है। ऐसे पल बार-बार नहीं आते। प्रधानमंत्री मोदी भारत के लिए जिस तरह काम कर रहे हैं और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए नई पहल कर रहे हैं, उसे देखकर खुशी होती है।'

राजस्थान मूल के एक प्रवासी भारतीय ने कहा, 'मेरे लिए यह बेहद गर्व की बात है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री हम सबसे मिलने इंडोनेशिया आए। उनसे मिलना और उनका संबोधन सुनना एक यादगार अनुभव रहा।' पिछले 35 वर्षों से इंडोनेशिया में रह रहे एक अन्य भारतीय मूल के व्यक्ति ने कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान पहले की तुलना में कहीं अधिक मज़बूत हुई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव विदेशों में रहने वाले भारतीयों पर भी स्पष्ट दिखाई देता है।

मोदी का संबोधन: साझा विरासत और द्विपक्षीय संबंध

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस बयान का विशेष उल्लेख किया, जो उन्होंने 2025 के भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिया था — कि 'उनमें भारतीय डीएनए है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एक वाक्य ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया।

मोदी ने रेखांकित किया कि दोनों देशों के रिश्तों की असली ताकत साझा इतिहास, आपसी विश्वास और समान सभ्यतागत विरासत में निहित है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इंडोनेशिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास में हैं।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों पर समुदाय की उम्मीदें

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद प्रवासी भारतीयों ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों के और मज़बूत होने की उम्मीद जताई। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक सहयोग भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। गौरतलब है कि इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस दौरे का असली महत्व कूटनीतिक है — इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और G20 का सदस्य है। राष्ट्रपति प्रबोवो के 'भारतीय डीएनए' वाले बयान को मोदी ने जिस तरह केंद्र में रखा, वह सॉफ्ट पावर कूटनीति का सुविचारित उपयोग है। हालांकि, मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि भावनात्मक जुड़ाव से परे, दोनों देशों के व्यापार और रक्षा सहयोग में ठोस प्रगति की दिशा में क्या वास्तविक कदम उठाए गए — यही इस दौरे की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का जकार्ता दौरा किस उद्देश्य से था?
PM मोदी ने 7 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया दौरे के तहत जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित किया और भारत-इंडोनेशिया द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में चर्चा की। यह दौरा दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को नई गति देने के लिए था।
जकार्ता में भारतीय समुदाय ने मोदी के संबोधन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में उपस्थित प्रवासी भारतीयों ने संबोधन को गर्व और प्रेरणा का क्षण बताया। 35 वर्षों से इंडोनेशिया में रह रहे एक भारतीय ने कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान पहले की तुलना में और मज़बूत हुई है।
मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो के किस बयान का उल्लेख किया?
मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस बयान का उल्लेख किया जो उन्होंने 2025 के भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिया था — कि 'उनमें भारतीय डीएनए है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एक वाक्य ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों की मज़बूती का आधार क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की असली ताकत साझा इतिहास, आपसी विश्वास और समान सभ्यतागत विरासत में निहित है। इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार।
इस दौरे से प्रवासी भारतीयों को क्या उम्मीदें हैं?
प्रवासी भारतीयों ने उम्मीद जताई कि भारत-इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक सहयोग भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उनका मानना है कि मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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