ईरान ने इजरायल पर फिर से मिसाइलें दागीं, डिफेंस सिस्टम सक्रिय: आईडीएफ
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से हमला किया।
- इजरायल ने अपने डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया।
- विदेश मंत्री ने युद्ध जारी रखने का संकेत दिया।
- सुरक्षा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
- संघर्ष का प्रभाव वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।
यरूशलम, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष और अधिक तीव्र हो गया है। सोमवार को ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों के माध्यम से फिर से हमला किया। हालांकि, इजरायल ने इन हमलों को नाकाम करने के लिए अपना रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दिया है। यह जानकारी इजरायल डिफेंस फोर्स ने दी।
इजरायल की सेना 'इजरायल डिफेंस फोर्स' (आईडीएफ) ने सोमवार सुबह 4.58 बजे (भारतीय समयानुसार) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "कुछ समय पहले ईरान से इजरायल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं। इस खतरे को रोकने के लिए रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गई हैं। पिछले कुछ मिनटों में, होम फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में लोगों के मोबाइल फोन पर सीधा एक अग्रिम चेतावनी संदेश भेजा है।"
आईडीएफ ने अपने नागरिकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी दिखाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, क्योंकि ये निर्देश लोगों की जान बचाने के लिए जारी किए गए हैं। आईडीएफ ने लिखा, "अलर्ट मिलते ही सुरक्षित स्थानों (शेल्टर) में चले जाएं और जब तक कोई नई घोषणा न हो जाए, तब तक वहीं रहें। सुरक्षित स्थान से बाहर निकलने की अनुमति सिर्फ तभी होगी, जब कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त हो। होम फ्रंट कमांड के निर्देशों के अनुसार ही कार्य करते रहें।"
इजरायल पर ईरान का यह हालिया हमला विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के उस बयान के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक जरूरी होगा युद्ध चलता रहेगा। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि देश अमेरिका के साथ न तो युद्धविराम की मांग कर रहा है और न ही बातचीत की। उन्होंने कहा कि तेहरान खुद का बचाव करने के लिए तब तक तैयार है, जब तक इसकी जरूरत होगी।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा, "हमने कभी युद्धविराम की मांग नहीं की और हमने बातचीत की भी कभी मांग नहीं की। हम खुद का बचाव करने के लिए तब तक तैयार हैं जब तक इसकी जरूरत होगी।" उन्होंने कहा कि ईरान अपने अभियान तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को नहीं मान लेते कि यह एक अवैध युद्ध है, जिसमें कोई जीत नहीं है।