उत्तर भारत में भीषण लू का कहर: दिल्ली में 44.5°C, IMD का येलो अलर्ट जारी
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में 26 अप्रैल 2025 को तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज, इस सीजन का सर्वाधिक।
- प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस, राज्य के 32 जिलों में हीट अलर्ट।
- IMD ने 28 अप्रैल 2025 तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव जारी रहने की चेतावनी दी।
- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में तापमान 40–45°C के बीच रहने का अनुमान।
- केरल और माहे समेत दक्षिण भारत में भी हीटवेव की आशंका, IMD ने सतर्क किया।
- दोपहर 12 से 3 बजे बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और बच्चों को बंद गाड़ियों में न छोड़ें।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर भारत में इस समय भीषण लू का कहर जारी है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अप्रैल 2025 तक हीटवेव की स्थिति बने रहने की आधिकारिक चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक तापमान है। गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
दिल्ली में रिकॉर्ड तापमान, येलो अलर्ट लागू
IMD के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार, 26 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा तापमान है। रविवार को भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आया, जिससे लगातार हीटवेव जैसे हालात बने हुए हैं।
राजधानी में गर्म हवाओं (लू) के चलते प्रशासन ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा और अस्पतालों में गर्मी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
उत्तर प्रदेश में सबसे खतरनाक हालात, 32 जिलों में हीट अलर्ट
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में इस सीजन का सर्वोच्च तापमान है। राज्य सरकार ने 32 जिलों में गंभीर हीट अलर्ट जारी किया है।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी तेज गर्मी का सिलसिला जारी है।
दक्षिण भारत पर भी मंडरा रहा खतरा
IMD ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में केरल और माहे समेत दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह असामान्य घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि देश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी का मिजाज बदल रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष अप्रैल में ही इतनी तीव्र गर्मी का पड़ना जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों की ओर इशारा करता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में मई-जून में आने वाली हीटवेव अब अप्रैल में ही दस्तक देने लगी है।
आम जनता पर असर और स्वास्थ्य चेतावनी
IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से परहेज करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। टोपी, छाता और धूप के चश्मे का उपयोग करने की भी सलाह है।
बाहर काम करने वाले मजदूरों और श्रमिकों को सिर और गर्दन पर गीला कपड़ा रखने की सलाह दी गई है। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद या खड़ी गाड़ियों में अकेला छोड़ना सख्त मना किया गया है, क्योंकि इससे जानलेवा खतरा हो सकता है।
ऐतिहासिक संदर्भ और जलवायु चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में 2022 और 2024 के बाद यह लगातार तीसरा वर्ष है जब अप्रैल माह में ही इतनी भीषण गर्मी दर्ज की जा रही है। विश्व मौसम संगठन (WMO) के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण एशिया में हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं।
यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब देश के कई राज्यों में पेयजल संकट और बिजली कटौती की समस्या भी बनी हुई है। गरीब और बेघर तबके के लिए यह गर्मी सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होती है, जबकि सरकारी राहत केंद्रों की संख्या अभी भी जरूरत के मुकाबले कम है।
आने वाले दिनों में 28 अप्रैल के बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन मई 2025 में गर्मी और अधिक तीव्र होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।