मोदी-मेलोनी की 7 मुलाकातें: भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाई पर, रोम दौरे में मेलोडी गिफ्ट वायरल
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाँच देशों की विदेश यात्रा का अंतिम और सबसे चर्चित पड़ाव इटली रहा। 20 मई को जब मोदी रोम पहुँचे, तो इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने उनका विशेष आत्मीयता के साथ स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई, जो 2022 में बाली जी-20 से शुरू हुई सात मुलाकातों की परिणति है।
मुख्य घटनाक्रम
मेलोनी ने बुधवार को कहा कि भारत और इटली अपनी गहरी रणनीतिक साझेदारी और सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ कर वैश्विक चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने मेलोनी के साथ एक संयुक्त ऑप-एड लिखा है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की ऊँचाई को दर्शाता है।
इस दौरे की सबसे चर्चित बात रही प्रधानमंत्री मोदी का मेलोनी को भारत की लोकप्रिय टॉफी 'मेलोडी' उपहार में देना। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ, जिसमें मेलोनी इस भारतीय मिठाई की खुलकर तारीफ करती नज़र आईं।
सात मुलाकातों का सफर
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-इटली संबंधों की वास्तविक नींव नवंबर 2022 में बाली में आयोजित जी-20 सम्मेलन के दौरान पड़ी, जब दोनों नेताओं की पहली मुलाकात हुई। उस समय मेलोनी भारत के साथ संबंध मजबूत करने को लेकर उत्साहित थीं और मोदी यूरोप में एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार की तलाश में थे। इस बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, सप्लाई चेन और प्रौद्योगिकी सहयोग पर सहमति बनी।
दूसरी मुलाकात 2023 में हुई जब मेलोनी रायसीना डायलॉग में भाग लेने नई दिल्ली आईं — यही वह क्षण था जब भारत और इटली ने अपने संबंधों को आधिकारिक रूप से 'रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया। सितंबर 2023 में नई दिल्ली जी-20 के दौरान इटली ने इंडिया-इटली मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) में शामिल होने का निर्णय किया — एक ऐसा समुद्री नेटवर्क जिसे चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के प्रतिसंतुलन के रूप में देखा जाता है।
इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई में COP-28 और जून 2024 में इटली के अपुलिया में जी-7 शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकातें हुईं। इन सात मुलाकातों ने मिलकर भारत-इटली संबंधों को ऐतिहासिक मज़बूती दी है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
दोनों देशों ने अब संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और इंटेलिजेंस साझाकरण को विस्तार देने पर जोर दिया है। इटली की रक्षा कंपनियाँ भारत में सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन में रुचि दिखा रही हैं, जिससे 'मेक इन इंडिया' अभियान को भी लाभ मिलने की संभावना है। भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और यूरोप में इटली की रणनीतिक स्थिति ने इस साझेदारी को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार
2020-21 में कोविड-19 महामारी के बाद दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को पुनर्जीवित किया और द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8.5 बिलियन यूरो रहा। 2021-22 में यह बढ़कर 13.2 बिलियन यूरो से अधिक हो गया। 2023-24 में निरंतर वृद्धि के साथ व्यापार 14.6 बिलियन यूरो तक पहुँचा।
2024 में दोनों देशों ने 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना लागू की। 2025-26 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 14.25 बिलियन यूरो पर स्थिर रहा, जिसमें भारत व्यापार संतुलन में फायदे की स्थिति में रहा। गौरतलब है कि अकेले 2025 में इटली का भारत में निवेश उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपनी रणनीतिक उपस्थिति को व्यापक बनाने में जुटा है। मोदी-मेलोनी की जोड़ी ने महज तीन वर्षों में जो कूटनीतिक रसायन विकसित किया है, वह आने वाले वर्षों में IMEC, रक्षा सहयोग और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणामों में तब्दील हो सकता है।