रोम में PM मोदी ने मेलोनी संग किया कोलोसियम का दौरा, भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई 2026 को अपनी पाँच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुँचकर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ विश्व के सात अजूबों में शामिल ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। यह यात्रा भारत-इटली द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से की गई है, जिसके तहत दोनों देश 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना को लागू करने में सक्रिय हैं।
कोलोसियम दौरे की पृष्ठभूमि
कोलोसियम रोम का वह ऐतिहासिक प्रतीक है जिसे फ्लेवियन राजवंश के काल में 80 ईस्वी में पूरा किया गया था। पत्थर और कंक्रीट से निर्मित यह विशाल अंडाकार एम्फीथिएटर लगभग दो हजार वर्ष पुराना है और इसमें एक साथ करीब 80,000 दर्शक बैठ सकते थे। 80 से अधिक द्वारों वाली यह इमारत रोमन वास्तुकला की अनुपम मिसाल है और ऐतिहासिक ग्लैडिएटर युद्धों तथा सार्वजनिक आयोजनों की साक्षी रही है।
गौरतलब है कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इटली की समकक्ष के साथ इस विरासत स्थल का संयुक्त दौरा कूटनीतिक निकटता का असामान्य प्रदर्शन माना जा रहा है।
मेलोनी का गर्मजोशी भरा स्वागत
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार रात (स्थानीय समय) रोम पहुँचने पर प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। मेलोनी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!' — इस संदेश ने दोनों नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता को सार्वजनिक रूप से रेखांकित किया।
इससे पहले मेलोनी की ओर से आयोजित डिनर में भी प्रधानमंत्री मोदी शामिल हुए। मोदी ने एक्स पर लिखा, 'रोम पहुँचने के बाद मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी से डिनर पर मिलने का मौका मिला, इसके बाद कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। मैं आज होने वाली बातचीत का इंतजार कर रहा हूँ, जिसमें हम भारत-इटली दोस्ती को और मजबूत करने पर बात करेंगे।'
द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक एजेंडा
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को रोम के ऐतिहासिक विला डोरिया पैंफिली में मेलोनी के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में दोनों नेता एक संयुक्त घोषणा कर सकते हैं, जो भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगी। इसके अतिरिक्त मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, एयरपोर्ट पर इटली के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने मोदी का स्वागत किया। मंत्रालय ने कहा कि भारत और इटली के बीच 'लंबे समय से बहुआयामी साझेदारी रही है' और यह यात्रा 'द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने वाली है।'
व्यापार और निवेश के आँकड़े
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार $16.77 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक भारत में इटली का कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) $3.66 अरब डॉलर रहा है। 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना में व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान-तकनीक और लोगों के बीच संबंध जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
आगे क्या
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत वैश्विक कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता से अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है। विला डोरिया पैंफिली में होने वाली वार्ता के नतीजे और संभावित संयुक्त घोषणा दोनों देशों के आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग की दिशा तय करेंगे।