जीतन राम मांझी का राजद पर प्रहार: 'दलित-महादलित अब नहीं डरेंगे, मिलेगा करारा जवाब'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने बुधवार, 20 मई को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि दलित और महादलित समाज अब किसी भी दबाव या भय की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा। उनका यह बयान गया में उनकी समधन व विधायक ज्योति देवी के काफिले पर हुए हमले के बाद बिहार की सियासत में आई तल्खी की पृष्ठभूमि में आया है।
मांझी का एक्स पर सीधा संदेश
जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'राजद के गुंडे हमेशा कहते आए हैं — दमदमे में दम नहीं, अब खैर मांगो जान की। ऐ दलितों, ठंडी हुई तेग अंबेडकरवाद की। तो अब हमारा जवाब सुन लीजिए।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'दलितों-महादलितों में बू रहेगी जब तक ईमान की, तख़्त-ए-राजद तक चलेगी तेग अंबेडकरवाद की। अब दलित-महादलित किसी से डरने वाले नहीं, करारा जवाब मिलेगा।'
मांझी ने अपने संदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय की यह लड़ाई निरंतर जारी रहेगी और अंबेडकरवाद की विचारधारा दलित समाज को आज भी शक्ति प्रदान करती है।
पृष्ठभूमि: गया में काफिले पर हमला
इस पूरे विवाद की जड़ गया में हुई वह घटना है जब केंद्रीय मंत्री मांझी की समधन व विधायक ज्योति देवी के काफिले पर हमला किया गया। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया और सत्तारूढ़ गठबंधन व विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी चुनावी तैयारियों के बीच जातीय समीकरण पहले से ही संवेदनशील हैं।
संतोष कुमार सुमन की तेजस्वी को चेतावनी
केंद्रीय मंत्री मांझी के पुत्र और बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने भी एक्स पर पोस्ट कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा कि तेजस्वी यादव अपने समर्थकों को मर्यादा में रखें, क्योंकि बिहार अब बदल चुका है और दलित समाज डरने वाला नहीं है।
संतोष सुमन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जीतन राम मांझी के कार्यकर्ताओं को डराने या धमकाने की कोशिश की गई, तो उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में किसी एक जाति की दबंगई का दौर समाप्त हो चुका है और अब हर समाज सम्मान व बराबरी के साथ जीने का अधिकार रखता है।
राजनीतिक महत्व और आगे की राह
गौरतलब है कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) बिहार में दलित-महादलित वोटबैंक का प्रमुख प्रतिनिधि दल माना जाता है। जीतन राम मांझी का यह आक्रामक रुख संकेत देता है कि आने वाले समय में राजद और हम के बीच सियासी टकराव और तीखा हो सकता है। बिहार में दलित-महादलित समुदाय की बड़ी आबादी को देखते हुए यह बयानबाजी चुनावी दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।