मांझी ने काफिले में 50% वाहन घटाए, PM मोदी की ऊर्जा बचत अपील पर बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 16 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम और ऊर्जा संसाधन बचत की अपील पर अमल करते हुए अपने सरकारी काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटा दी। अब उनके काफिले में केवल न्यूनतम आवश्यक वाहन ही शामिल रहेंगे। यह कदम मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार की मितव्ययिता की दिशा में एक ठोस संकेत माना जा रहा है।
मांझी का निर्देश और पहल
मांझी ने काफिले में कटौती के साथ-साथ अपने सभी विभागीय सहकर्मियों को भी अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जहाँ तक संभव हो, सभी कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ही कार्यालय पहुँचें, ताकि वैश्विक संकट के इस दौर में भारत को ऊर्जा-सुरक्षित और सशक्त बनाए रखा जा सके।
PM मोदी की अपील की पृष्ठभूमि
मांझी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट वैश्विक स्तर पर है और देश में पेट्रोलियम व ऊर्जा संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से व्यक्तिगत स्तर पर बचत करने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'हमारा यह दायित्व बनता है कि हम सब प्रधानमंत्री की अपील पर अमल करें और भारत को किसी संकटकाल में जाने से बचाएं।'
बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 'नो व्हीकल डे'
इसी पहल के अनुरूप बिहार के एक कृषि विश्वविद्यालय में शनिवार को 'नो व्हीकल डे' मनाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही आदेश जारी किया था कि सभी कर्मचारी और अधिकारी पैदल या साइकिल से कार्यालय पहुँचें। रिपोर्टों के अनुसार, सभी ने इस आदेश का पालन पूरी गंभीरता से किया और कर्मचारियों में उत्साह भी देखा गया।
कुलपति का संदेश और पर्यावरणीय लाभ
विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस अवसर पर बयान जारी करते हुए कहा कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पैदल या साइकिल से आना-जाना न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देता है। यह पहल आने वाले दिनों में अन्य सरकारी संस्थानों के लिए एक मॉडल बन सकती है।