जीतन राम मांझी ने काफिले में 50% वाहन घटाए, विभागीय अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने का निर्देश

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जीतन राम मांझी ने काफिले में 50% वाहन घटाए, विभागीय अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने का निर्देश

सारांश

PM मोदी की ऊर्जा बचत की अपील पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने काफिले में 50% वाहन घटाए और विभागीय अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने का निर्देश दिया। बिहार में सीएम सम्राट चौधरी पैदल चले, तो शिक्षा मंत्री ई-रिक्शा से पहुँचे — वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच नेताओं का प्रतीकात्मक संदेश।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत घटाई।
मांझी ने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने का निर्देश दिया।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम एवं ऊर्जा बचत की अपील के बाद उठाया गया कदम है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में 150 मीटर पैदल चलकर 'नो व्हीकल डे' मनाया।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एक किलोमीटर पैदल चले; शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी इलेक्ट्रिक ई-रिक्शा से कार्यालय पहुँचे।
वैश्विक संकट की पृष्ठभूमि में अमेरिका-ईरान तनाव को ऊर्जा अनिश्चितता का कारण बताया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 16 मई को पेट्रोलियम और ऊर्जा बचत की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए अपने मंत्रिस्तरीय काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने अपने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को यथासंभव पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने का स्पष्ट निर्देश दिया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद आई है जिसमें उन्होंने वैश्विक संकट के मद्देनज़र देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने का आग्रह किया था।

मांझी की पहल: काफिला छोटा, संदेश बड़ा

मांझी ने कहा कि अब उनके काफिले में न्यूनतम आवश्यकता के अनुसार ही वाहन चलेंगे। उन्होंने अपने सहकर्मियों से आह्वान किया कि वे जहाँ तक संभव हो, सरकारी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, मौजूदा वैश्विक संकट में यह छोटा-सा कदम भारत को ऊर्जा-सुरक्षित रखने में सहायक होगा।

मोदी की अपील का संदर्भ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत सीमित करने की अपील की थी। मांझी ने इस अपील का उल्लेख करते हुए कहा, 'हमारा यह दायित्व बनता है कि हम देश के प्रधानमंत्री की अपील पर अमल करें और भारत को किसी संकटकाल में जाने से बचाएं।' यह संकट अमेरिका-ईरान तनाव से उपजी वैश्विक ऊर्जा अनिश्चितता से जुड़ा बताया जा रहा है।

बिहार में भी दिखा असर: सीएम और मंत्री पैदल चले

इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक लगभग 150 मीटर पैदल चलकर 'नो व्हीकल डे' मनाया। इस पैदल यात्रा में उनके साथ मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी शामिल रहे। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि वे 'फ्यूल सेविंग' के प्रतीक के रूप में कार्यालय तक पैदल जाएंगे।

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी अपने आधिकारिक आवास से सचिवालय तक लगभग एक किलोमीटर पैदल चले। वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाते हुए इलेक्ट्रिक ई-रिक्शा से कार्यालय पहुँचे। सीएम चौधरी ने पटना और आसपास के क्षेत्रों में आधिकारिक यात्राओं के दौरान अपने काफिले का आकार पहले ही सीमित कर दिया है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में अनिश्चितता के कारण भारत की ऊर्जा आयात लागत पर दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए वैश्विक उथल-पुथल का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है। केंद्रीय और राज्य स्तर पर नेताओं द्वारा इस तरह के प्रतीकात्मक कदम जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक संकेत हैं, हालाँकि दीर्घकालिक नीतिगत उपायों की प्रतीक्षा अभी भी बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये इशारे किसी नीतिगत ढाँचे में बदलेंगे। भारत की ऊर्जा आयात निर्भरता एक संरचनात्मक चुनौती है जिसे 150 मीटर की पैदल यात्रा से नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में दीर्घकालिक निवेश और ईंधन-दक्षता नीतियों से संबोधित करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पर वैश्विक तेल अस्थिरता के बीच घरेलू कीमतों को थामे रखने का दबाव है। प्रतीकात्मक नेतृत्व ज़रूरी है, पर पर्याप्त नहीं — जब तक इसके साथ मापने योग्य ऊर्जा-बचत लक्ष्य न जोड़े जाएँ।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतन राम मांझी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर क्या निर्देश दिया?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को यथासंभव पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने अपने मंत्रिस्तरीय काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटा दी है।
PM मोदी ने ऊर्जा बचत की अपील क्यों की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-ईरान तनाव से उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनज़र देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की। उनका उद्देश्य वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बिहार में 'नो व्हीकल डे' कैसे मनाया गया?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक लगभग 150 मीटर पैदल चलकर 'नो व्हीकल डे' मनाया। उनके साथ सचिवालय के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी थे।
बिहार के किन अन्य मंत्रियों ने ईंधन बचत में भागीदारी दिखाई?
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अपने आधिकारिक आवास से सचिवालय तक लगभग एक किलोमीटर पैदल चले। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इलेक्ट्रिक ई-रिक्शा से कार्यालय पहुँचकर पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का संदेश दिया।
क्या यह केवल प्रतीकात्मक कदम है या इससे कोई नीतिगत बदलाव भी होगा?
फिलहाल ये कदम मुख्यतः प्रतीकात्मक हैं, जो PM मोदी की अपील के बाद जन-जागरूकता के उद्देश्य से उठाए गए हैं। दीर्घकालिक नीतिगत उपायों या मापने योग्य ऊर्जा-बचत लक्ष्यों की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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