गुवाहाटी के पास 300 बीघा सरकारी जमीन सुरक्षित करेगी असम सरकार: सीएम हिमंत सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 20 मई 2026 को जगीरोड विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार गुवाहाटी और उसके आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन का विस्तृत सर्वेक्षण कर रही है, ताकि भविष्य की विकास परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक ढाँचे के लिए उसे सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने धरमतुल क्षेत्र में करीब 300 बीघा सरकारी जमीन की पहचान किए जाने की जानकारी दी और कहा कि वे स्वयं इसका निरीक्षण करने पहुँचे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने जगीरोड और धरमतुल क्षेत्र का सीधा दौरा कर जमीन की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन भूखंडों पर अभी कोई ठोस परियोजना तय नहीं की गई है — फिलहाल प्राथमिकता केवल संरक्षण और रणनीतिक योजना है।
सरमा ने कहा, 'हम जागीरोड और धरमतुल जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी जमीन की समीक्षा कर रहे हैं। इन जमीनों पर विभिन्न संस्थान, औद्योगिक एस्टेट, शैक्षणिक संस्थान और अन्य सरकारी सुविधाएँ विकसित की जा सकती हैं।'
अतिक्रमण और शहरीकरण का दबाव
मुख्यमंत्री के साथ मौजूद अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में कई जिलों में सरकारी जमीन की मैपिंग और सुरक्षा के प्रयास तेज किए हैं। गुवाहाटी के तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण वाले इलाकों में रियल एस्टेट विस्तार और अतिक्रमण का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे सरकारी भूमि-बैंक की सुरक्षा अधिक ज़रूरी हो गई है।
सरमा ने कहा, 'खासकर गुवाहाटी के आसपास के इलाकों में सरकारी जमीन को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यहाँ करीब 300 बीघा सरकारी जमीन है। मैं आज खुद इसका निरीक्षण करने आया हूँ, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीन सुरक्षित रहे।'
जगीरोड की रणनीतिक अहमियत
राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में मध्य असम और गुवाहाटी महानगर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने के लिए कई बुनियादी ढाँचा और औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणा की है। जगीरोड अपनी रणनीतिक कनेक्टिविटी और राज्य की राजधानी से निकटता के कारण एक प्रमुख विकास केंद्र के रूप में उभरा है। यह ऐसे समय में आया है जब असम सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ज़मीन की उपलब्धता को एक प्रमुख प्रोत्साहन के रूप में पेश कर रही है।
शासन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि चुनावी चक्र समाप्त होने के बाद उनकी सरकार अब पूरी तरह विकास कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'चुनाव खत्म हो चुके हैं। अब मैं राजनीति पर बात नहीं करना चाहता।' गौरतलब है कि असम में हाल ही में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और सरकार विकास-केंद्रित एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश में है। भूमि-बैंक की इस पहल को आगामी औद्योगिक और शैक्षणिक परियोजनाओं की नींव के रूप में देखा जा रहा है।