क्या बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' को मिल रहा है भरपूर समर्थन?

सारांश
Key Takeaways
- वोटर अधिकार यात्रा लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है।
- यात्रा को भ्रष्टाचार और गरीबी दूर करने का एक प्रयास माना जा रहा है।
- राजनीतिक दलों के बीच एकता का प्रतीक।
- राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ व्यक्त की गई हैं।
- यात्रा में विभिन्न राजनीतिक नेताओं का समर्थन।
चंदौली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के सासाराम से आरंभ हुई राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा गुरुवार को मोतिहारी पहुँची। इससे पूर्व, बुधवार को दरभंगा जिले में इस यात्रा के दौरान एक मंच से पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे शर्मनाक बताया है।
चंदौली में मीडिया से बातचीत के दौरान यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपशब्द नहीं कहना चाहिए। लेकिन, जनता में गुस्सा है, क्योंकि जिन मुद्दों पर वोट दिया गया, उन पर वर्तमान सरकार काम नहीं कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि लोग अब वोट के आधार पर ठगे जाने से तंग आ चुके हैं। भ्रष्टाचार और गरीबी दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, बल्कि हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों का प्रयोग कर वोट हासिल किए गए हैं।
राय ने राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जनता को उनके हक और अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है, और बिहार में इस यात्रा को भरपूर समर्थन मिल रहा है। एक नारा चारों तरफ गूंज रहा है, जबकि दूसरी ओर सरकार के मंत्री को दौड़ाया जा रहा है।
वाराणसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह जीत रहे थे, लेकिन परिणाम उनके हक में नहीं आया।
यूपी कांग्रेस चीफ ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें एसपीजी सुरक्षा दी जानी चाहिए, अन्यथा गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा में हाल ही में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन शामिल हुए थे। विपक्ष का दावा है कि देशभर के नेता राहुल गांधी के साथ इस यात्रा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी राहुल गांधी का समर्थन करने के लिए बिहार पहुँचेंगे।