भारत रत्न के. कामराज की पुण्यतिथि: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, CM विजय समेत नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित के. कामराज की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को देशभर के राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति से लेकर विभिन्न दलों के नेताओं तक — सभी ने कामराज की शिक्षा-क्रांति, सादगी और निस्वार्थ जनसेवा को याद किया।
उपराष्ट्रपति की श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने कार्यकालीय एक्स हैंडल पर लिखा, 'आज तिरु के. कामराज जी की पुण्यतिथि पर, मैंने उप-राष्ट्रपति भवन में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। एक महान राजनेता और सच्चे जन-नेता के रूप में, कामराज जी ने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा और आम लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षा के क्षेत्र में — विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए — कामराज का योगदान उनकी सार्वजनिक जीवन की अहम विरासत है।
मुख्यमंत्री विजय और डीएमके का संकल्प
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कामराजार ने हर गाँव में स्कूल खोलकर, मिड-डे मील योजना शुरू करके और अनगिनत सरकारी संस्थान, बाँध व सिंचाई परियोजनाएँ स्थापित करके औद्योगिक और कृषि विकास की नींव रखी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता के.एन. नेहरू ने कामराज को 'पेरुंथलैवर' कहते हुए उनके शैक्षिक विजन को श्रद्धांजलि दी और सामाजिक न्याय की राह पर चलने का संकल्प लिया।
कांग्रेस की श्रद्धांजलि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हम भारत रत्न के. कामराज को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वे भारत के महान राष्ट्र-निर्माताओं में से एक थे और अपनी सादगी, ईमानदारी तथा जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण के लिए याद किए जाते हैं।' खड़गे ने यह भी रेखांकित किया कि मिड-डे मील जैसी अग्रणी पहलों ने लाखों वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुँचाने में मदद की। कर्नाटक कांग्रेस ने भी कामराज के 'अक्षर दसोहा' यानी शिक्षा प्रसार को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
भाजपा और अन्य दलों की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने एक्स पर लिखा कि कामराज सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ जनसेवा की मिसाल थे। उन्होंने गरीब व वंचित छात्रों की शिक्षा के लिए किए गए कामराज के अमूल्य योगदान और बाँधों-कारखानों जैसी विकास परियोजनाओं के जरिए तमिलनाडु की बुनियादी तरक्की में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। कांग्रेस नेता डॉ. थाराहाई कथबर्ट ने भी कामराज को राजनीतिक ईमानदारी का प्रतीक और शासन के स्वर्णिम युग का प्रवर्तक बताया।
कामराज की विरासत
गौरतलब है कि के. कामराज तमिलनाडु के उन विरले नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने शिक्षा को जन-आंदोलन का रूप दिया। मिड-डे मील योजना के जनक के रूप में उनकी पहचान आज भी प्रासंगिक है — यह योजना कालांतर में पूरे देश में लागू हुई। दलीय सीमाओं से परे सभी नेताओं का उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना, उनकी राजनीतिक विरासत की व्यापकता को दर्शाता है। उनके आदर्शों की प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।