2 अक्टूबर 2026
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भारत रत्न के. कामराज की पुण्यतिथि: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, CM विजय समेत नेताओं ने किया नमन

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भारत रत्न के. कामराज की पुण्यतिथि: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, CM विजय समेत नेताओं ने किया नमन

सारांश

दलीय सीमाओं से परे — उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से लेकर भाजपा, कांग्रेस और डीएमके तक — सभी ने 2 अक्टूबर को भारत रत्न के. कामराज को नमन किया। मिड-डे मील योजना के जनक और तमिलनाडु के शिक्षा-क्रांतिकारी की विरासत आज भी राजनीतिक पटल पर उतनी ही प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

कामराज की पुण्यतिथि पर 2 अक्टूबर 2026 को देशव्यापी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राधाकृष्णन ने उप-राष्ट्रपति भवन में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय , कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे , डीएमके नेता के.एन.
नेहरू और तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कामराज को मिड-डे मील योजना के जनक के रूप में विशेष रूप से स्मरण किया गया, जिसने लाखों वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुँचाई।
सभी दलों ने एकजुट होकर कामराज की सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ जनसेवा को उनकी अमर विरासत बताया।

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित के. कामराज की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को देशभर के राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति से लेकर विभिन्न दलों के नेताओं तक — सभी ने कामराज की शिक्षा-क्रांति, सादगी और निस्वार्थ जनसेवा को याद किया।

उपराष्ट्रपति की श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने कार्यकालीय एक्स हैंडल पर लिखा, 'आज तिरु के. कामराज जी की पुण्यतिथि पर, मैंने उप-राष्ट्रपति भवन में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। एक महान राजनेता और सच्चे जन-नेता के रूप में, कामराज जी ने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा और आम लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षा के क्षेत्र में — विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए — कामराज का योगदान उनकी सार्वजनिक जीवन की अहम विरासत है।

मुख्यमंत्री विजय और डीएमके का संकल्प

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कामराजार ने हर गाँव में स्कूल खोलकर, मिड-डे मील योजना शुरू करके और अनगिनत सरकारी संस्थान, बाँध व सिंचाई परियोजनाएँ स्थापित करके औद्योगिक और कृषि विकास की नींव रखी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता के.एन. नेहरू ने कामराज को 'पेरुंथलैवर' कहते हुए उनके शैक्षिक विजन को श्रद्धांजलि दी और सामाजिक न्याय की राह पर चलने का संकल्प लिया।

कांग्रेस की श्रद्धांजलि

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हम भारत रत्न के. कामराज को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वे भारत के महान राष्ट्र-निर्माताओं में से एक थे और अपनी सादगी, ईमानदारी तथा जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण के लिए याद किए जाते हैं।' खड़गे ने यह भी रेखांकित किया कि मिड-डे मील जैसी अग्रणी पहलों ने लाखों वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुँचाने में मदद की। कर्नाटक कांग्रेस ने भी कामराज के 'अक्षर दसोहा' यानी शिक्षा प्रसार को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।

भाजपा और अन्य दलों की प्रतिक्रिया

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने एक्स पर लिखा कि कामराज सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ जनसेवा की मिसाल थे। उन्होंने गरीब व वंचित छात्रों की शिक्षा के लिए किए गए कामराज के अमूल्य योगदान और बाँधों-कारखानों जैसी विकास परियोजनाओं के जरिए तमिलनाडु की बुनियादी तरक्की में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। कांग्रेस नेता डॉ. थाराहाई कथबर्ट ने भी कामराज को राजनीतिक ईमानदारी का प्रतीक और शासन के स्वर्णिम युग का प्रवर्तक बताया।

कामराज की विरासत

गौरतलब है कि के. कामराज तमिलनाडु के उन विरले नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने शिक्षा को जन-आंदोलन का रूप दिया। मिड-डे मील योजना के जनक के रूप में उनकी पहचान आज भी प्रासंगिक है — यह योजना कालांतर में पूरे देश में लागू हुई। दलीय सीमाओं से परे सभी नेताओं का उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना, उनकी राजनीतिक विरासत की व्यापकता को दर्शाता है। उनके आदर्शों की प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे लेकर केंद्र और राज्यों के बीच आज भी वित्तीय खींचतान जारी रहती है। कामराज को याद करना तब सार्थक होगा जब उनके शिक्षा-विजन को राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस नीतिगत निरंतरता मिले।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. कामराज कौन थे और उनकी विरासत क्या है?
के. कामराज तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और भारत रत्न से सम्मानित जन-नेता थे। वे मिड-डे मील योजना के जनक माने जाते हैं जिसने तमिलनाडु में शिक्षा क्रांति की नींव रखी और बाद में पूरे देश में लागू हुई।
2026 में कामराज की पुण्यतिथि पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
2 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, डीएमके नेता के.एन. नेहरू, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और कांग्रेस नेता डॉ. थाराहाई कथबर्ट सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
कामराज की मिड-डे मील योजना क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
कामराज ने तमिलनाडु में स्कूली बच्चों — विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों — को दोपहर का भोजन देने की पहल शुरू की जिससे स्कूल में उपस्थिति और नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह योजना आगे चलकर केंद्र सरकार की राष्ट्रव्यापी 'मध्याह्न भोजन योजना' का आधार बनी।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कामराज के बारे में क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उप-राष्ट्रपति भवन में कामराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा और आम लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कामराज के शिक्षा क्षेत्र में — विशेषकर वंचित बच्चों के लिए — क्रांतिकारी योगदान को उनकी सार्वजनिक जीवन की अहम विरासत बताया।
कामराज की पुण्यतिथि पर सभी दलों का एकजुट होना क्या दर्शाता है?
भाजपा, कांग्रेस, डीएमके और अन्य दलों का एक साथ श्रद्धांजलि देना दर्शाता है कि कामराज की विरासत किसी एक राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं है। उनकी सादगी, ईमानदारी और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी समूचे राजनीतिक स्पेक्ट्रम में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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