20 अगस्त 2026
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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मावीरन ओंडिवीरन के बलिदान दिवस और राजीव गांधी की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मावीरन ओंडिवीरन के बलिदान दिवस और राजीव गांधी की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

सारांश

20 अगस्त का दिन दोहरे स्मरण का अवसर बना — उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर 18वीं सदी के वीर सेनानी मावीरन ओंडिवीरन के बलिदान को और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती को एक साथ नमन किया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 20 अगस्त 2026 को एक्स पर दो अलग पोस्ट के ज़रिए श्रद्धांजलि दी।
मावीरन ओंडिवीरन 18वीं शताब्दी के तमिलनाडु के वीर सेनानी थे, जिनका निधन 20 अगस्त 1771 को हुआ था।
ओंडिवीरन महान पालयकारर पुली थेवर की सेना में सेनापति थे और उनका मुख्यालय नेरकट्टुमसेवल में था।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाई जाती है।
राधाकृष्णन ने ओंडिवीरन की विरासत को भारत के औपनिवेशिक प्रतिरोध का 'अमर अध्याय' बताया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 20 अगस्त 2026 को दो ऐतिहासिक स्मरण-अवसरों पर अपनी श्रद्धा व्यक्त की — तमिलनाडु के वीर स्वतंत्रता सेनानी मावीरन ओंडिवीरन का बलिदान दिवस और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दो अलग पोस्ट के माध्यम से दोनों विभूतियों को नमन किया।

मावीरन ओंडिवीरन को श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति ने ओंडिवीरन की पुण्यतिथि पर लिखा, 'मावीरन ओंडिवीरन की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष में उनके शौर्य और बलिदान को याद करता हूं।' उन्होंने बताया कि ओंडिवीरन महान पालयकारर पुली थेवर की सेना में भरोसेमंद सेनापति थे और उनका मुख्यालय नेरकट्टुमसेवल में था।

राधाकृष्णन ने आगे कहा, 'उनकी बहादुरी, देशभक्ति और बलिदान की भावना विदेशी शासन के खिलाफ भारत के प्रतिरोध के इतिहास का एक अमर अध्याय है।' उन्होंने यह भी कहा कि ओंडिवीरन की वीर विरासत आने वाली पीढ़ियों को साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करती रहे।

मावीरन ओंडिवीरन: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मावीरन ओंडिवीरन 18वीं शताब्दी के प्रमुख कमांडर और तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के विरुद्ध असाधारण साहस का परिचय दिया। उनका निधन 20 अगस्त 1771 को हुआ था। गौरतलब है कि दक्षिण भारत में औपनिवेशिक प्रतिरोध के प्रारंभिक अध्यायों में उनका नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है।

राजीव गांधी की जयंती पर नमन

उपराष्ट्रपति ने एक अन्य पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर लिखा, 'पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर मैं उनकी स्मृति को नमन करता हूं और राष्ट्र की सेवा और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करता हूं।' 20 अगस्त को राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, शांति और सद्भाव का संदेश प्रसारित करना है।

आगे का संदर्भ

यह दिन भारतीय इतिहास में दोहरे स्मरण का अवसर बनता है — एक ओर औपनिवेशिक प्रतिरोध के नायक ओंडिवीरन, तो दूसरी ओर आधुनिक भारत के सूचना-प्रौद्योगिकी युग के अग्रदूत माने जाने वाले राजीव गांधी। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की यह श्रद्धांजलि राष्ट्रीय एकता और ऐतिहासिक विरासत के प्रति संवैधानिक पदाधिकारियों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहे पूर्व प्रधानमंत्री। यह संयोग इस बात को रेखांकित करता है कि भारत की स्वतंत्रता की स्मृति अभी भी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय आख्यानों के बीच संतुलन खोजने की कोशिश में है। ओंडिवीरन जैसे दक्षिण भारतीय नायकों को राष्ट्रीय मंच पर स्वीकृति मिलना सकारात्मक है, लेकिन यह प्रश्न भी उठता है कि ऐसी श्रद्धांजलियाँ पाठ्यक्रम और सार्वजनिक स्मृति में कितनी गहराई से उतरती हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मावीरन ओंडिवीरन कौन थे?
मावीरन ओंडिवीरन 18वीं शताब्दी के तमिलनाडु के वीर स्वतंत्रता सेनानी और कमांडर थे, जिन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध संघर्ष किया। वे महान पालयकारर पुली थेवर की सेना में सेनापति थे और उनका मुख्यालय नेरकट्टुमसेवल में था। उनका निधन 20 अगस्त 1771 को हुआ था।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 20 अगस्त को क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर दो पोस्ट कीं — पहली में मावीरन ओंडिवीरन के शौर्य और बलिदान को 'भारत के प्रतिरोध के इतिहास का अमर अध्याय' बताया, और दूसरी में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उनके राष्ट्र-सेवा के योगदान को याद किया।
राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस क्यों कहा जाता है?
20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारत में राष्ट्रीय एकता, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया जाता है।
ओंडिवीरन का ऐतिहासिक महत्त्व क्या है?
ओंडिवीरन दक्षिण भारत में औपनिवेशिक प्रतिरोध के प्रारंभिक नायकों में से एक हैं। उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के विरुद्ध असाधारण साहस दिखाया और पुली थेवर के विश्वस्त सेनापति के रूप में तमिल इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने श्रद्धांजलि किस माध्यम से दी?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दो अलग पोस्ट के माध्यम से 20 अगस्त 2026 को यह श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्र प्रेस
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