मुख्तार अंसारी गैंग पर यूपी पुलिस का शिकंजा: शस्त्र लाइसेंस घोटाले में सांसद अफजाल अंसारी समेत पाँच मुकदमे दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को गाजीपुर जिले में बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंस घोटाले में पाँच अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मुकदमों में सांसद अफजाल अंसारी, मुख्तार की पत्नी अफसा बेगम, गैंग के सहयोगी और तत्कालीन शस्त्र लिपिकों व अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। जाँच में 43 लाइसेंसधारकों से जुड़े 80 से अधिक हथियारों के भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं।
जाँच का दायरा और प्रक्रिया
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की सूचनाओं के आधार पर वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक की निगरानी में यह जाँच कराई गई। जाँच के दौरान मुख्तार अंसारी के परिवार के पाँच सदस्यों, गैंग के 11 सदस्यों और सहयोगियों तथा कथित तौर पर फर्जी तरीके से जारी 27 शस्त्र लाइसेंसों सहित कुल 43 लाइसेंसधारकों और उनसे जुड़े 80 से अधिक हथियारों का भौतिक सत्यापन कराया गया।
मुख्य अनियमितताएँ
जाँच में सामने आया कि कई शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावलियाँ और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े अभिलेख जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, गाजीपुर से गायब हैं। पुलिस के अनुसार, इन अभिलेखों को तत्कालीन शस्त्र लिपिकों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से गायब कराया गया, ताकि हथियारों की वास्तविक स्थिति छिपाई जा सके। एक मामले में फर्जी पते के आधार पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने का भी खुलासा हुआ है।
किस पर क्या आरोप
सांसद अफजाल अंसारी पर विभिन्न शस्त्र लाइसेंसों से जुड़े रिकॉर्ड गायब कराने और हथियारों के सत्यापन को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं। अफसा बेगम पर रिवॉल्वर की खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख गायब कराने का आरोप है। गैंग के सहयोगी मोहम्मद शाहिद पर फर्जी पते के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप है, जबकि तत्कालीन थाना प्रभारी और क्षेत्रीय लेखपाल पर बिना समुचित सत्यापन के रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाया गया है।
एसआईटी गठन और आगे की कार्रवाई
सभी मामलों की विवेचना के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), गाजीपुर के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि तत्कालीन और वर्तमान शस्त्र लिपिकों, प्रभारी अधिकारियों तथा अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है। मुख्तार अंसारी गैंग और उसके परिजनों को जारी अन्य शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन अभियान अभी जारी है और नई अनियमितताएँ सामने आने पर अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।