22 जुलाई 2026
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गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गैंग के 51 शस्त्र लाइसेंसों की जांच, सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन पर FIR

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गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गैंग के 51 शस्त्र लाइसेंसों की जांच, सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन पर FIR

सारांश

गाजीपुर पुलिस की जांच में मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 हथियारों के अभिलेख गायब मिले। सांसद अफजाल अंसारी और दो पूर्व शस्त्र लिपिकों पर आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज — यह जांच दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक फैली है।

मुख्य बातें

गाजीपुर पुलिस ने मुख्तार अंसारी गैंग आईएस-191 से जुड़े 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन शुरू किया।
सांसद अफजाल अंसारी , तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ मुकदमा संख्या 535/2026 दर्ज।
अफजाल अंसारी के लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से संबंधित अभिलेख और राइफल संख्या 830405 की स्थिति अज्ञात।
जांच टीमों ने दिल्ली , पंजाब और अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों का दौरा किया।
प्रारंभिक जांच में तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के साथ कथित मिलीभगत की आशंका जताई गई है।

गाजीपुर पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग आईएस-191 से जुड़े सदस्यों और सहयोगियों को जारी किए गए 51 शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक जांच के बीच सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच में कई महत्वपूर्ण अभिलेख गायब मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

गाजीपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि इन 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे और बेचे गए कुल 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर गठित विशेष टीमों द्वारा की जा रही है।

जांच टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश का दौरा कर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों तथा लाइसेंसी हथियार विक्रेताओं के रिकॉर्ड खंगाले। इस दौरान कई शस्त्र लाइसेंसों से जुड़ी मूल पत्रावलियाँ और क्रय-विक्रय अभिलेख अभिलेखागार से गायब पाए गए।

अभिलेखों में अनियमितता

पुलिस के अनुसार, कई हथियारों को बेचने का दावा किया गया था, परंतु वास्तव में ऐसा नहीं हुआ और बिक्री से संबंधित कोई कागजात भी उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों को बेचने की आड़ में मुख्तार अंसारी गैंग ने इनका उपयोग किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के साथ कथित मिलीभगत कर मूल अभिलेख शातिराना तरीके से गायब कराए गए, जिससे हथियारों के सत्यापन और उपयोग की जानकारी जुटाने में बाधा उत्पन्न हुई।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का अब तक पता नहीं चल सका है।

अफजाल अंसारी पर केस दर्ज

पुलिस के मुताबिक, सांसद अफजाल अंसारी के नाम जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से संबंधित पत्रावली और क्रय-विक्रय अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। इसके अतिरिक्त इस लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी।

इसी आधार पर थाना कोतवाली, गाजीपुर में मुकदमा संख्या 535/2026 के तहत अफजाल अंसारी, तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आगे की जांच

गाजीपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और उनसे जुड़े हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। जहाँ भी अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलेंगे, वहाँ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला लंबे समय से जांच के दायरे में था और अब औपचारिक FIR के साथ इसने नई दिशा ले ली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जांच उसकी एक और परत उघाड़ती है। 51 लाइसेंसों पर 145 हथियारों का हिसाब न मिलना और अभिलेखों का 'शातिराना' तरीके से गायब होना — यह महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित आपराधिक तंत्र और सरकारी तंत्र के बीच कथित सांठगांठ की ओर इशारा करता है। सांसद अफजाल अंसारी पर FIR राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, लेकिन असली कसौटी यह है कि जांच कितनी दूर तक जाती है — केवल लिपिकों तक, या उस पूरी व्यवस्था तक जिसने इन लाइसेंसों को संभव बनाया।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गैंग के शस्त्र लाइसेंसों की जांच क्यों हो रही है?
गाजीपुर पुलिस ने दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग आईएस-191 से जुड़े 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे-बेचे गए 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन शुरू किया है। जांच में मूल अभिलेख और क्रय-विक्रय रिकॉर्ड गायब मिले, जिससे हथियारों के वास्तविक उपयोग पर संदेह गहरा गया।
अफजाल अंसारी पर क्या आरोप हैं और कौन-सा मुकदमा दर्ज हुआ है?
सांसद अफजाल अंसारी के नाम जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से संबंधित पत्रावली और क्रय-विक्रय अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले, तथा उस लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति भी अज्ञात है। थाना कोतवाली गाजीपुर में मुकदमा संख्या 535/2026 के तहत उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की गई है।
इस मामले में और कौन-कौन आरोपी हैं?
अफजाल अंसारी के अलावा तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में इन लिपिकों के साथ कथित मिलीभगत कर मूल अभिलेख गायब कराने की आशंका जताई गई है।
जांच टीमें किन-किन राज्यों में गई हैं?
गाजीपुर पुलिस की विशेष टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया। इन राज्यों में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों और लाइसेंसी हथियार विक्रेताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई।
आगे इस मामले में क्या होगा?
गाजीपुर पुलिस के अनुसार शेष शस्त्र लाइसेंसों और उनसे जुड़े हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। जहाँ भी अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलेंगे, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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