गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गैंग के 51 शस्त्र लाइसेंसों की जांच, सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
गाजीपुर पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग आईएस-191 से जुड़े सदस्यों और सहयोगियों को जारी किए गए 51 शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक जांच के बीच सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच में कई महत्वपूर्ण अभिलेख गायब मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
गाजीपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि इन 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे और बेचे गए कुल 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर गठित विशेष टीमों द्वारा की जा रही है।
जांच टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश का दौरा कर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों तथा लाइसेंसी हथियार विक्रेताओं के रिकॉर्ड खंगाले। इस दौरान कई शस्त्र लाइसेंसों से जुड़ी मूल पत्रावलियाँ और क्रय-विक्रय अभिलेख अभिलेखागार से गायब पाए गए।
अभिलेखों में अनियमितता
पुलिस के अनुसार, कई हथियारों को बेचने का दावा किया गया था, परंतु वास्तव में ऐसा नहीं हुआ और बिक्री से संबंधित कोई कागजात भी उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों को बेचने की आड़ में मुख्तार अंसारी गैंग ने इनका उपयोग किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के साथ कथित मिलीभगत कर मूल अभिलेख शातिराना तरीके से गायब कराए गए, जिससे हथियारों के सत्यापन और उपयोग की जानकारी जुटाने में बाधा उत्पन्न हुई।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का अब तक पता नहीं चल सका है।
अफजाल अंसारी पर केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक, सांसद अफजाल अंसारी के नाम जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से संबंधित पत्रावली और क्रय-विक्रय अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। इसके अतिरिक्त इस लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी।
इसी आधार पर थाना कोतवाली, गाजीपुर में मुकदमा संख्या 535/2026 के तहत अफजाल अंसारी, तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आगे की जांच
गाजीपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और उनसे जुड़े हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। जहाँ भी अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलेंगे, वहाँ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला लंबे समय से जांच के दायरे में था और अब औपचारिक FIR के साथ इसने नई दिशा ले ली है।