6 अगस्त 2026
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री की कोलंबो यात्रा: भारत-श्रीलंका के बीच ₹350 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा पर हस्ताक्षर

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विदेश सचिव विक्रम मिस्री की कोलंबो यात्रा: भारत-श्रीलंका के बीच ₹350 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा पर हस्ताक्षर

सारांश

विदेश सचिव विक्रम मिस्री की कोलंबो यात्रा में भारत और श्रीलंका ने $350 मिलियन की रुपये-आधारित ऋण सुविधा पर समझौता किया — यह चक्रवात 'डिटवाह' के बाद घोषित $450 मिलियन पैकेज की अगली कड़ी है। मिस्री ने राष्ट्रपति दिसानायके सहित शीर्ष श्रीलंकाई नेताओं से मुलाकात कर 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

विदेश सचिव विक्रम मिस्री की 5 अगस्त 2026 की कोलंबो यात्रा में भारत-श्रीलंका के बीच $350 मिलियन की भारतीय रुपये में ऋण सुविधा पर समझौता संपन्न हुआ।
यह राशि चक्रवात 'डिटवाह' के बाद भारत द्वारा घोषित $450 मिलियन के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है।
ऋण सुविधा का उपयोग सड़क, रेलवे, पुल, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पुनर्निर्माण में होगा।
मिस्री ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके , विदेश सचिव अरुनी रनराजा और विदेश मंत्री विजिता हेराथ से अलग-अलग बैठकें कीं।
भारत ने 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और 'विजन महासागर' में श्रीलंका की भूमिका को पुनः रेखांकित किया।

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की कोलंबो यात्रा के दौरान 5 अगस्त 2026 को भारत और श्रीलंका ने 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारतीय रुपये में दी जाने वाली 'लाइन ऑफ क्रेडिट' (एलओसी) से संबंधित समझौतों का औपचारिक आदान-प्रदान किया। यह राशि चक्रवात 'डिटवाह' से हुई तबाही के बाद भारत द्वारा घोषित 450 मिलियन डॉलर के व्यापक पुनर्निर्माण पैकेज का अभिन्न हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

ये समझौते कोलंबो में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के पश्चात संपन्न हुए। बैठक में दोनों देशों के बीच चल रही प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिनमें भारतीय सहायता से संचालित विकास कार्य भी शामिल रहे। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने 'आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनमें भारत की सहायता से चल रहे विकास कार्य भी शामिल हैं।'

ऋण सुविधा का उपयोग

उच्चायोग के अनुसार, इन ऋण सुविधाओं का उपयोग तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा — पुनर्निर्माण कार्य, बुनियादी ढाँचे का विकास, और चक्रवात के बाद उत्पन्न खरीद संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति। 450 मिलियन डॉलर के मूल पैकेज के अंतर्गत सड़कों, रेलवे और पुलों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त घरों का निर्माण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र को सहायता, कृषि को समर्थन और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करना शामिल है।

द्विपक्षीय वार्ता का विस्तार

इससे पहले दिन में, मिस्री ने अपनी श्रीलंकाई समकक्ष विदेश सचिव अरुनी रनराजा से भी मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उच्चायोग के अनुसार, मिस्री ने इस अवसर पर भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और 'विजन महासागर' में श्रीलंका की महत्वपूर्ण भूमिका को पुनः रेखांकित किया।

मिस्री ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी अलग से बैठक की, जिसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जारी द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई।

नेबरहुड फर्स्ट और रणनीतिक संदर्भ

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को और सुदृढ़ कर रहा है। गौरतलब है कि चक्रवात 'डिटवाह' के बाद भारत ने सबसे पहले और सबसे बड़े पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की थी, जो 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आगे की राह

इन समझौतों के लागू होने से दोनों देशों के बीच आर्थिक और विकासात्मक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है। ऋण सुविधाओं के तहत परियोजनाओं का क्रियान्वयन श्रीलंका की पुनर्निर्माण प्राथमिकताओं के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह यात्रा दर्शाती है कि भारत श्रीलंका को केवल पड़ोसी नहीं, बल्कि 'विजन महासागर' की धुरी मानता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और श्रीलंका के बीच $350 मिलियन की ऋण सुविधा क्या है?
यह भारत द्वारा श्रीलंका को भारतीय रुपये में दी जाने वाली 'लाइन ऑफ क्रेडिट' है, जिस पर 5 अगस्त 2026 को कोलंबो में हस्ताक्षर हुए। यह चक्रवात 'डिटवाह' के बाद घोषित $450 मिलियन के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है और इसका उपयोग बुनियादी ढाँचे, आवास, स्वास्थ्य व कृषि पुनर्निर्माण में होगा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री की श्रीलंका यात्रा का उद्देश्य क्या था?
मिस्री की यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऋण सुविधा समझौतों को अंतिम रूप देना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था। उन्होंने राष्ट्रपति दिसानायके, विदेश सचिव अरुनी रनराजा और विदेश मंत्री विजिता हेराथ से अलग-अलग बैठकें कीं और 'नेबरहुड फर्स्ट' व 'विजन महासागर' नीतियों पर चर्चा की।
चक्रवात 'डिटवाह' के बाद भारत ने श्रीलंका को कुल कितनी सहायता दी है?
भारत ने चक्रवात 'डिटवाह' से हुई तबाही के बाद श्रीलंका के लिए $450 मिलियन का पुनर्निर्माण पैकेज घोषित किया था। इसमें से $350 मिलियन की ऋण सुविधा पर 5 अगस्त 2026 को औपचारिक समझौता हुआ।
इन ऋण सुविधाओं का उपयोग किन क्षेत्रों में होगा?
ऋण सुविधाओं का उपयोग सड़कों, रेलवे और पुलों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण, स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र को सहायता, कृषि को समर्थन और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।
भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति में श्रीलंका की क्या भूमिका है?
भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत श्रीलंका एक प्रमुख साझेदार देश है। विदेश सचिव मिस्री ने इस यात्रा में 'विजन महासागर' में श्रीलंका की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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