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भारत-श्रीलंका रक्षा सहयोग: ₹55 लाख डॉलर के सैन्य उपकरण सौंपे, यूएन मिशन क्षमता होगी मजबूत

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भारत-श्रीलंका रक्षा सहयोग: ₹55 लाख डॉलर के सैन्य उपकरण सौंपे, यूएन मिशन क्षमता होगी मजबूत

सारांश

भारत ने श्रीलंका को एक साथ कई मोर्चों पर मजबूत किया — यूएन मिशन के लिए 55 लाख डॉलर के सैन्य उपकरण, कोस्ट गार्ड के लिए वॉटरक्राफ्ट, और आरोग्य मैत्री के तहत पोर्टेबल मेडिकल यूनिट। हिंद महासागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह बहुआयामी सहयोग 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की ज़मीनी अभिव्यक्ति है।

मुख्य बातें

उच्चायुक्त संतोष झा ने 16 जून 2026 को श्रीलंकाई सेना को 55 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य के सैन्य उपकरण सौंपे, जो यूएन शांति मिशन में तैनाती के लिए हैं।
अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका कोस्ट गार्ड को दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट और सुरक्षा उपकरण प्रदान किए, जो मिरिसा मुख्यालय में सौंपे गए।
आरोग्य मैत्री पहल के तहत 24 अप्रैल 2026 को दो बीएचआईएसएम क्यूब श्रीलंका को दिए गए, जो 200 आपातकालीन मामलों को एक साथ संभाल सकते हैं।
मेडिकल यूनिट आईएनएस निरीक्षक के माध्यम से पहुँचाई गईं, जो चौथे ' इंडिया-श्रीलंका डाइवएक्स-2026 ' अभ्यास में भाग लेने 21 अप्रैल को कोलंबो पहुँचा था।
यह सहयोग रक्षा, समुद्री सुरक्षा और स्वास्थ्य — तीनों क्षेत्रों में एक साथ विस्तारित हो रहा है।

भारत के श्रीलंका में उच्चायुक्त संतोष झा ने 16 जून 2026 को कोलंबो में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) शांति मिशन में तैनाती के लिए श्रीलंकाई सेना को 55 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य के सैन्य उपकरण औपचारिक रूप से सौंपे। यह हस्तांतरण दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की गहराती साझेदारी का ताज़ा प्रमाण है।

क्या सौंपा गया और क्यों

उच्चायुक्त संतोष झा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत-श्रीलंका के रक्षा संबंधों को मजबूत करने और काम करने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक और कदम। मुझे खुशी है कि भारतीय सेना की ओर से श्रीलंकाई सेना को यूएन मिशन के लिए सैन्य सामान सौंपा गया, जो 55 लाख डॉलर की सहायता के तहत दिया गया है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्रीलंका के अनुरोध पर भारत ने त्वरित गति से इन उपकरणों की व्यवस्था की, जो दोनों देशों के बीच विश्वास और भरोसे का संकेत है।

कोस्ट गार्ड को भी मिली मदद

यह हस्तांतरण श्रृंखला का नवीनतम चरण है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका कोस्ट गार्ड को दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट (पीडब्ल्यूसी) और सुरक्षा उपकरण प्रदान किए थे। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, भारत श्रीलंका कोस्ट गार्ड की समुद्री खोज और बचाव क्षमता को सुदृढ़ करने में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। वह सामग्री भारतीय उच्चायोग के रक्षा सलाहकार ने मिरिसा स्थित श्रीलंका कोस्ट गार्ड मुख्यालय में एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशंस निदेशक को सौंपी थी।

आरोग्य मैत्री: मानवीय सहायता का विस्तार

रक्षा सहयोग के साथ-साथ भारत ने मानवीय मोर्चे पर भी पहल की है। 24 अप्रैल 2026 को भारत ने अपनी 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत श्रीलंका को दो बीएचआईएसएम (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित एंड मैत्री) क्यूब सौंपे। ये अत्याधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट एक साथ 200 तक आपातकालीन मामलों को संभालने में सक्षम हैं और इनमें आवश्यक दवाएँ व सामान्य शल्य चिकित्सा के उपकरण मौजूद हैं।

ये मेडिकल यूनिट भारतीय नौसेना के डाइविंग सपोर्ट और पनडुब्बी बचाव जहाज आईएनएस निरीक्षक के माध्यम से पहुँचाई गईं। यह जहाज 21 अप्रैल 2026 को कोलंबो बंदरगाह पहुँचा था, जहाँ उसने भारत-श्रीलंका के बीच चौथे 'इंडिया-श्रीलंका डाइवएक्स-2026' द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास में भाग लिया।

व्यापक संदर्भ: हिंद महासागर में भारत की रणनीति

गौरतलब है कि यह सहयोग ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत श्रीलंका को प्राथमिकता दी जाती रही है, और रक्षा, स्वास्थ्य व समुद्री सुरक्षा — तीनों मोर्चों पर एक साथ सहयोग इस साझेदारी की बहुआयामी प्रकृति को रेखांकित करता है।

आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के और विस्तार की संभावना है, विशेष रूप से यूएन शांति मिशन क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में।

संपादकीय दृष्टिकोण

पोर्टेबल अस्पताल और नौसैनिक अभ्यास — एक साथ तीन मोर्चों पर यह सहयोग महज़ द्विपक्षीय सद्भावना नहीं, बल्कि हिंद महासागर में भारत की सुविचारित रणनीतिक उपस्थिति है। गौरतलब है कि श्रीलंका हाल के वर्षों में चीनी ऋण और बुनियादी ढाँचे के दबाव में रहा है — ऐसे में भारत का यह त्वरित, बहुआयामी सहयोग कोलंबो को विकल्प देता है। असली सवाल यह है कि क्या यह सहयोग दीर्घकालिक संस्थागत ढाँचे में तब्दील होगा या परियोजना-दर-परियोजना बना रहेगा — क्योंकि टिकाऊ प्रभाव के लिए दूसरे की ज़रूरत है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने श्रीलंका को कौन से सैन्य उपकरण सौंपे हैं?
भारत ने 16 जून 2026 को श्रीलंकाई सेना को 55 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य के सैन्य उपकरण सौंपे, जो संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में तैनाती के लिए हैं। उपकरणों का विस्तृत विवरण आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आरोग्य मैत्री पहल क्या है और श्रीलंका को इससे क्या मिला?
आरोग्य मैत्री भारत की एक मानवीय स्वास्थ्य सहायता पहल है, जिसके तहत पोर्टेबल बीएचआईएसएम क्यूब मेडिकल यूनिट प्रदान की जाती हैं। 24 अप्रैल 2026 को श्रीलंका को दो ऐसी यूनिट दी गईं, जो 200 तक आपातकालीन मामलों को संभाल सकती हैं और इनमें दवाएँ व शल्य चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।
इंडिया-श्रीलंका डाइवएक्स-2026 क्या है?
यह भारत और श्रीलंका के बीच होने वाला चौथा द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास है। इसमें भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस निरीक्षक 21 अप्रैल 2026 को कोलंबो बंदरगाह पहुँचा और इसी जहाज के माध्यम से बीएचआईएसएम मेडिकल यूनिट भी पहुँचाई गईं।
भारत-श्रीलंका रक्षा सहयोग हाल के महीनों में कितना बढ़ा है?
अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत ने श्रीलंका को कोस्ट गार्ड के लिए वॉटरक्राफ्ट, आरोग्य मैत्री मेडिकल यूनिट और अब यूएन मिशन के लिए 55 लाख डॉलर के सैन्य उपकरण — तीन अलग-अलग श्रेणियों में सहायता दी है। यह सहयोग रक्षा, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता, तीनों मोर्चों पर एक साथ विस्तारित हो रहा है।
श्रीलंका कोस्ट गार्ड को भारत से क्या सहायता मिली?
अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका कोस्ट गार्ड को दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट (पीडब्ल्यूसी) और सुरक्षा उपकरण प्रदान किए। यह सामग्री मिरिसा स्थित कोस्ट गार्ड मुख्यालय में एक औपचारिक कार्यक्रम में सौंपी गई, जिसका उद्देश्य समुद्री खोज और बचाव क्षमता को बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस
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