17 जुलाई 2026
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भारत-श्रीलंका रक्षा सचिव स्तरीय बैठक: द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने पर सहमति, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग

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भारत-श्रीलंका रक्षा सचिव स्तरीय बैठक: द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने पर सहमति, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग

सारांश

भारत और श्रीलंका के रक्षा सचिवों की नई दिल्ली में बैठक के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में एसएलआर 60 करोड़ के अनुदान का एमओयू — यह बहुआयामी सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की नई परत को उजागर करता है।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 16 जुलाई को नई दिल्ली में श्रीलंका के रक्षा सचिव एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) संपथ थुयाकोंथा से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना की प्रगति की समीक्षा की और साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका तटरक्षक बल को दो पर्सनल वाटरक्राफ्ट और सुरक्षा उपकरण सौंपे थे।
'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत 24 अप्रैल को श्रीलंका को दो 'भीष्म' क्यूब प्रदान किए गए।
भारत, देनियाया बेस अस्पताल को आधुनिक उपकरण देने के लिए एसएलआर 60 करोड़ (600 मिलियन) की अनुदान सहायता देगा; एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार, 16 जुलाई को नई दिल्ली में श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के सचिव, एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) संपथ थुयाकोंथा से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के रक्षा मंत्रालय ने इस बैठक की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।

बैठक में क्या हुआ

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना के तहत अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। आपसी हित के क्षेत्रों में रक्षा सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति जताई गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और श्रीलंका के बीच रणनीतिक और मानवीय सहयोग के कई मोर्चों पर गतिविधियाँ तेज हुई हैं।

पिछले महीनों में रक्षा सहायता

गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका तटरक्षक बल को दो पर्सनल वाटरक्राफ्ट और सुरक्षा उपकरण सौंपे थे। इस सहायता से तटीय क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियानों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, 24 अप्रैल को भारत ने अपनी 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत श्रीलंका को दो 'भीष्म' क्यूब भी सौंपे, जो भारत की निरंतर मानवीय सहायता का हिस्सा हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा समझौता

रक्षा सहयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा और श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव डॉ. अनिल जासिंघे ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत भारत, देनियाया के बेस अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए एसएलआर 60 करोड़ (600 मिलियन श्रीलंकाई रुपए) की अनुदान सहायता देगा।

उच्चायुक्त संतोष झा ने एक्स पर लिखा कि यह एमओयू भारत-श्रीलंका के बीच क्लाइमेट-रेज़िलिएंट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए साझेदारी का हिस्सा है। इस अनुदान से अस्पताल के इमरजेंसी विभाग, ऑपरेशन थिएटर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और स्पेशल केयर बेबी यूनिट जैसे महत्वपूर्ण विभागों को अत्याधुनिक उपकरण मिलेंगे।

आम जनता पर असर

देनियाया का बेस अस्पताल श्रीलंका के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र है। इस अनुदान से न केवल अस्पताल को आधुनिक उपकरण मिलेंगे, बल्कि इसे एक सुरक्षित और आपदा-रोधी स्थान पर स्थानांतरित करने में भी सहायता मिलेगी, जिससे वहाँ के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी।

क्या होगा आगे

भारत और श्रीलंका के बीच यह बहुआयामी सहयोग — रक्षा, तटरक्षक क्षमता निर्माण, मानवीय सहायता और स्वास्थ्य सेवा — दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। आने वाले समय में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना के तहत नए कदमों की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तटरक्षक उपकरण और अब अस्पताल अनुदान — ये तीनों मिलकर एक ऐसी रणनीति बनाते हैं जो श्रीलंका को चीन के बढ़ते प्रभाव के बरक्स भारत के करीब रखने की कोशिश करती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस सहयोग की दीर्घकालिक सफलता श्रीलंका की आंतरिक राजनीतिक स्थिरता और भारत की सहायता के समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और श्रीलंका के रक्षा सचिवों की बैठक में क्या हुआ?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और श्रीलंका के रक्षा सचिव एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) संपथ थुयाकोंथा ने 16 जुलाई को नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना की प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
'आरोग्य मैत्री' पहल और 'भीष्म क्यूब' क्या हैं?
'आरोग्य मैत्री' भारत की एक मानवीय सहायता पहल है जिसके तहत आपदा या आवश्यकता के समय चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है। 'भीष्म क्यूब' एक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट है जिसे भारत ने 24 अप्रैल को इसी पहल के तहत श्रीलंका को सौंपा।
देनियाया बेस अस्पताल के लिए भारत कितनी सहायता दे रहा है?
भारत, देनियाया के बेस अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए एसएलआर 60 करोड़ (600 मिलियन श्रीलंकाई रुपए) की अनुदान सहायता देगा। इस अनुदान से अस्पताल के इमरजेंसी विभाग, ऑपरेशन थिएटर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और स्पेशल केयर बेबी यूनिट को लाभ मिलेगा।
भारत ने श्रीलंका तटरक्षक बल को क्या सहायता दी है?
अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका तटरक्षक बल को दो पर्सनल वाटरक्राफ्ट और सुरक्षा उपकरण सौंपे। इससे तटीय क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियानों की क्षमता में वृद्धि हुई है।
भारत-श्रीलंका रक्षा सहयोग का क्षेत्रीय महत्व क्या है?
हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत यह सहयोग महत्वपूर्ण है। रक्षा, तटरक्षक क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य सहायता के माध्यम से भारत श्रीलंका के साथ बहुआयामी साझेदारी को मजबूत कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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