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भारत ने श्रीलंका को दिए समुद्री सुरक्षा उपकरण और मेडिकल यूनिट्स, 'महासागर' विजन को मिली मजबूती

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भारत ने श्रीलंका को दिए समुद्री सुरक्षा उपकरण और मेडिकल यूनिट्स, 'महासागर' विजन को मिली मजबूती

सारांश

भारत ने श्रीलंका को दो PWC वॉटरक्राफ्ट, सेफ्टी गियर, BHISM मेडिकल क्यूब और 50,000 गोलियां देने की घोषणा की। 'महासागर' विजन के तहत यह सहयोग हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक पकड़ को मजबूत करता है।

मुख्य बातें

26 अप्रैल को मिरिस्सा स्थित श्रीलंका कोस्ट गार्ड मुख्यालय में भारत ने दो PWC वॉटरक्राफ्ट और सेफ्टी गियर सौंपे।
24 अप्रैल को 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत दो BHISM मेडिकल क्यूब दिए गए, जो 200 आपातकालीन मामले एकसाथ संभाल सकते हैं।
आईएनएस निरीक्षक जहाज 21 अप्रैल को कोलंबो पहुंचा और IN-SLN DIVAX 2026 में भाग ले रहा है।
भारतीय नौसेना जल्द ही श्रीलंका नौसेना को 9 मिमी की 50,000 गोलियां सौंपेगी।
दोनों नौसेनाओं के जवानों ने संयुक्त योग सत्र आयोजित कर परस्पर सहयोग को प्रोत्साहित किया।
यह सारा सहयोग भारत के 'महासागर' विजन के तहत हिंद महासागर में स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में है।

कोलंबो, 26 अप्रैल — भारत ने रविवार को श्रीलंका को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अहम सहायता प्रदान करते हुए दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट (PWC) और सेफ्टी गियर सौंपे। यह समारोह मिरिस्सा स्थित श्रीलंका कोस्ट गार्ड मुख्यालय में आयोजित हुआ। इस कदम से भारत-श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग एक नए और मजबूत मुकाम पर पहुंच गया है।

समुद्री खोज और बचाव क्षमता में होगा इजाफा

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत, श्रीलंका की तटीय सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) क्षमता को सुदृढ़ करने में निरंतर सहयोग कर रहा है। भारतीय उच्चायोग के डिफेंस एडवाइजर ने यह उपकरण श्रीलंका कोस्ट गार्ड के डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशन्स को विधिवत सौंपे।

ये वॉटरक्राफ्ट तटीय क्षेत्रों में आपातकालीन बचाव अभियानों के दौरान तेज गति से संचालन में सहायक होंगे। इससे श्रीलंका की समुद्री सीमाओं पर निगरानी और नागरिक सुरक्षा दोनों को बल मिलेगा।

आरोग्य मैत्री पहल के तहत BHISM क्यूब की डिलीवरी

भारत ने 24 अप्रैल को 'आरोग्य मैत्री' पहल के अंतर्गत श्रीलंका को दो BHISM (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री) क्यूब भी प्रदान किए। ये अत्याधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट्स एक साथ लगभग 200 आपातकालीन मामलों को संभालने में सक्षम हैं।

इन यूनिट्स में आवश्यक दवाइयां और बेसिक सर्जरी उपकरण शामिल हैं, जिन्हें तेज राहत अभियानों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इन्हें भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस निरीक्षक के माध्यम से पहुंचाया गया, जो 21 अप्रैल को कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा था।

IN-SLN DIVEX 2026 और योग सत्र से बढ़ा आपसी तालमेल

आईएनएस निरीक्षक — जो एक डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू जहाज है — IN-SLN DIVAX 2026 के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए श्रीलंका आया है, जो 27 अप्रैल तक चलेगा। यह द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास दोनों देशों के बीच गहरे समुद्री सहयोग का प्रतीक है।

इस दौरान आईएनएस निरीक्षक के क्रू ने शनिवार को श्रीलंका नौसेना के साथ एक संयुक्त योग सत्र भी आयोजित किया। इसका उद्देश्य समुद्री जवानों के बीच मानसिक दृढ़ता, शारीरिक संतुलन और परस्पर सहयोग को प्रोत्साहित करना था।

50,000 गोलियां और 'महासागर' विजन — रणनीतिक साझेदारी का विस्तार

समुद्री सुरक्षा सहयोग को और गहरा करते हुए भारतीय नौसेना जल्द ही श्रीलंका नौसेना को 9 मिमी की 50,000 गोलियां भी सौंपेगी। यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की गहराई को दर्शाता है।

भारतीय नौसेना के अनुसार, यह सब 'महासागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति) विजन के तहत किया जा रहा है। यह विजन हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, विश्वास और सहयोग को बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि यह सहायता ऐसे समय में दी जा रही है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत पड़ोसी देशों के साथ संबंध और प्रगाढ़ कर रहा है। चीन की हिंद महासागर में बढ़ती उपस्थिति के मद्देनजर श्रीलंका के साथ यह बहुआयामी सहयोग भारत की रणनीतिक दूरदर्शिता का प्रमाण है।

आने वाले हफ्तों में IN-SLN DIVAX 2026 के परिणामों और दोनों देशों के बीच संभावित नए रक्षा समझौतों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित रणनीतिक संदेश है। चीन की हिंद महासागर में बढ़ती पैठ और श्रीलंका में उसके बंदरगाह निवेश को देखते हुए भारत का यह कदम 'नेबरहुड फर्स्ट' से आगे 'नेबरहुड फर्स्ट एंड फास्ट' की नीति को दर्शाता है। विडंबना यह है कि जब श्रीलंका आर्थिक संकट से उबर रहा था, तब भारत ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया — और अब जब वह स्थिर हो रहा है, तो भारत रक्षा-स्वास्थ्य-समुद्री सहयोग का त्रिकोण बना रहा है। यह 'महासागर' विजन केवल कूटनीतिक शब्दावली नहीं — यह हिंद महासागर में भारत के दीर्घकालिक प्रभुत्व की नींव है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने श्रीलंका को कौन-कौन से उपकरण दिए?
भारत ने श्रीलंका को दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट (PWC), सेफ्टी गियर, दो BHISM मेडिकल क्यूब और जल्द ही 9 मिमी की 50,000 गोलियां देने की भी घोषणा की है। यह सहायता समुद्री सुरक्षा और मानवीय राहत दोनों क्षेत्रों में दी गई है।
BHISM क्यूब क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
BHISM (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री) क्यूब एक आधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट है जो एक साथ लगभग 200 आपातकालीन मामलों को संभाल सकती है। इसमें जरूरी दवाइयां और बेसिक सर्जरी उपकरण मौजूद होते हैं।
IN-SLN DIVAX 2026 क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
IN-SLN DIVAX भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच एक संयुक्त डाइविंग अभ्यास है, जो 2026 में अपने चौथे संस्करण में है। भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस निरीक्षक इसमें भाग ले रहा है और यह अभ्यास 27 अप्रैल तक चलेगा।
भारत का 'महासागर' विजन क्या है?
'महासागर' का अर्थ है — 'क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति'। यह विजन हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने की नीति है।
भारत श्रीलंका को यह सहायता क्यों दे रहा है?
भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और 'महासागर' विजन के तहत श्रीलंका की समुद्री व स्वास्थ्य क्षमता बढ़ाने में मदद कर रहा है। यह हिंद महासागर में स्थिरता बनाए रखने और चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रणनीतिक पहल भी है।
राष्ट्र प्रेस
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