जाकिर नाइक प्रत्यर्पण: मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने माना, मोदी से हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया गया। यह पहली बार है जब मलेशियाई नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि नाइक का मसला दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर विचाराधीन है।
अनवर इब्राहिम ने क्या कहा
शनिवार सुबह मोदी के साथ बैठक के बाद एक साक्षात्कार में अनवर इब्राहिम ने कहा — 'निजी बातचीत में यह मुद्दा निश्चित रूप से उठा। हमने दोनों देशों के हितों की रक्षा के लिए इसे निजी ही रखा। लेकिन आपसी विश्वास और रिश्तों को मजबूत करने की प्राथमिकता सूची में यह मुद्दा शामिल है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि मलेशिया को प्रत्यर्पण के मामले में कानून के शासन (rule of law) का पालन करना अनिवार्य है।
इब्राहिम ने स्पष्ट किया — 'हमें भारत की प्रत्यर्पण मांग की समझ है, लेकिन इस मामले में बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा। कानून के शासन और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का सम्मान करना जरूरी है।'
जाकिर नाइक के खिलाफ भारत में लंबित मामले
भारत में जाकिर नाइक के खिलाफ हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई गंभीर मामलों में जाँच जारी है। नाइक 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था, जब भारतीय जाँच एजेंसियों ने उसके और उससे जुड़े नेटवर्क — जिसमें इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) और पीस टीवी शामिल हैं — के खिलाफ कार्रवाई तेज की थी। बाद में नाइक को मलेशिया में स्थायी निवास (परमानेंट रेजिडेंसी) प्राप्त हो गई, जिसने प्रत्यर्पण प्रक्रिया को और जटिल बना दिया।
गौरतलब है कि भारत ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए मलेशिया को औपचारिक अनुरोध पहले ही भेज रखा है। मलेशिया की अब तक की आधिकारिक स्थिति यही रही है कि वह स्थापित कानूनी प्रक्रिया के दायरे में सहयोग करेगा, लेकिन ठोस कदम अभी तक सामने नहीं आए हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का व्यापक संदर्भ
यह चर्चा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की साइडलाइन पर हुई, जहाँ भारत और मलेशिया के बीच व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के अन्य एजेंडा भी थे। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश आर्थिक साझेदारी गहरी करने की दिशा में बढ़ रहे हैं, और नाइक का मुद्दा इन संबंधों में एक संवेदनशील बाधा बना हुआ है। कूटनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, अनवर इब्राहिम का सार्वजनिक स्वीकारोक्ति कि इस विषय पर बातचीत हुई — अपने आप में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत है।
कंथापुरम मुसलियार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
साक्षात्कार में अनवर इब्राहिम ने केरल के इस्लामिक धर्मगुरु कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की हालिया विवादित टिप्पणी पर भी स्पष्ट रुख रखा। मुसलियार ने कथित तौर पर महिलाओं को घर तक सीमित रहने और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी न करने की वकालत की थी। इब्राहिम ने कहा कि वह इन विचारों से सहमत नहीं हैं।
अनवर इब्राहिम रविवार को कोझिकोड में मुसलियार से मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह उनसे सीधे कहेंगे कि मलेशिया में महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि मलेशिया के विश्वविद्यालयों में छात्राओं की संख्या अधिक है, उनकी पत्नी स्वयं एक डॉक्टर हैं, और उनकी बेटियों सहित सभी बच्चों को शिक्षा व स्वतंत्रता के समान अवसर दिए गए हैं।
आगे क्या होने की संभावना
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, जाकिर नाइक प्रत्यर्पण का मामला अब दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों और कानूनी टीमों के बीच अगले दौर की औपचारिक चर्चा में आगे बढ़ सकता है। हालाँकि, मलेशिया की घरेलू राजनीति और नाइक को मिली स्थायी निवास स्थिति इस प्रक्रिया में जटिलताएँ बनाए रखेगी। भारत की ओर से लगातार दबाव और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाना — दोनों पक्षों के बीच विश्वास-निर्माण की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।