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रसिका दुग्गल ने तोड़ी चुप्पी: 'मंटो और दिल्ली क्राइम ने बचाया बीना भाभी के टाइपकास्ट से'

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रसिका दुग्गल ने तोड़ी चुप्पी: 'मंटो और दिल्ली क्राइम ने बचाया बीना भाभी के टाइपकास्ट से'

सारांश

रसिका दुग्गल ने खुलासा किया कि मिर्जापुर के बाद 'मंटो' और 'दिल्ली क्राइम' ने उन्हें बीना भाभी के टाइपकास्ट से बचाया। मिर्जापुर: द मूवी में अब दर्शकों को पता चलेगा कि बीना आखिर 'बीना भाभी' कैसे बनी — एक सर्वाइवर जो अपनी कमज़ोरियों को ताकत बना लेती है।

मुख्य बातें

रसिका दुग्गल मिर्जापुर: द मूवी में बीना त्रिपाठी के किरदार में वापसी कर रही हैं।
उनके अनुसार, मंटो (मिर्जापुर से पहले) और दिल्ली क्राइम (बाद में) के अलग-अलग किरदारों ने उन्हें टाइपकास्ट होने से बचाया।
रसिका ने माना कि बीना ने उन्हें फेम और बॉक्स-ऑफिस हिट दी, जबकि मंटो में सफिया का किरदार करियर का अहम पड़ाव रहा।
उन्होंने नंदिता दास की तारीफ करते हुए कहा कि सफिया को कभी सेकेंडरी किरदार नहीं माना गया।
रसिका ने कहा, 'कभी-कभी हम मर्दों की कहानियाँ याद रखते हैं और औरतों की कहानियाँ भूल जाते हैं।'

अभिनेत्री रसिका दुग्गल एक बार फिर मिर्जापुर: द मूवी में बीना त्रिपाठी उर्फ 'बीना भाभी' के किरदार में नज़र आने वाली हैं। उनका कहना है कि बीना महज एक खलनायिका नहीं, बल्कि एक सर्वाइवर है — जिसे अपनी कमज़ोरियों का गहरा एहसास है और वह उन्हें अपने पक्ष में भुनाना जानती है।

बीना भाभी की नई परत

रसिका ने बताया कि मिर्जापुर: द मूवी दर्शकों को यह समझने का मौका देगी कि आखिर बीना, 'बीना भाभी' कैसे बनी। उनके अनुसार, फिल्म के दौरान बीना की ज़िंदगी और उसके रवैये को एक नया संदर्भ मिलता है, जो सीरीज़ में नहीं मिला था।

टाइपकास्ट के डर पर बेबाक जवाब

जब उनसे पूछा गया कि मिर्जापुर के बाद बीना भाभी की पहचान इतनी मज़बूत हो गई है, तो क्या उन्हें कभी टाइपकास्ट होने का दबाव महसूस हुआ, तो रसिका ने कहा, 'मंटो' मिर्जापुर से ठीक पहले रिलीज़ हुई थी और 'दिल्ली क्राइम' ठीक बाद में आई। उन्होंने कहा, 'दोनों में — फिजिकली, लुक और कैरेक्टर के मामले में — मेरा रोल बीना से बिल्कुल अलग था। इसीलिए मैं टाइपकास्ट होने से बची। इन सभी किरदारों में एक वर्सेटिलिटी थी, जिसे मुझे एक्सप्लोर करने और दूसरों के सामने दिखाने का मौका मिला।'

बीना ने दी फेम, मंटो ने दिया मकसद

रसिका ने माना कि बीना ने उन्हें बड़ी फेम, व्यापक दर्शक वर्ग और एक बॉक्स-ऑफिस हिट दी। लेकिन उन्होंने 'मंटो' में सफिया के किरदार को अपने करियर का एक अहम मुकाम बताया। उन्होंने कहा, 'मंटो एक मशहूर लेखक की कहानी है, लेकिन फिल्म उनकी पत्नी की कहानी को नज़रअंदाज़ नहीं करती। यही निर्देशक नंदिता दास का इरादा था।'

महिला किरदारों को सेकेंडरी न मानने की पैरवी

रसिका ने एक सामाजिक पहलू की ओर भी ध्यान खींचा। उनके अनुसार, 'कभी-कभी हम मर्दों की कहानियाँ याद रखते हैं और औरतों की कहानियाँ भूल जाते हैं।' उन्होंने नंदिता दास को एक संवेदनशील निर्देशक बताया, जिन्होंने सफिया को कभी द्वितीयक किरदार नहीं माना। 'शेखर होम' जैसे प्रोजेक्ट्स ने भी उनकी अभिनय रेंज को और विस्तृत किया है।

आगे क्या

मिर्जापुर: द मूवी के साथ रसिका दुग्गल एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी जटिल अभिनय क्षमता साबित करने के लिए तैयार हैं। फिल्म दर्शकों को बीना के किरदार की उस पृष्ठभूमि से रूबरू कराएगी जो सीरीज़ में अनकही रह गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जटिल किरदार थे, न कि महज 'ग्लैमरस एस्केप'। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि रसिका की वर्सेटिलिटी एक सुनियोजित चुनाव का नतीजा है — और यह ओटीटी प्लेटफॉर्म की उस संभावना को रेखांकित करता है जहाँ महिला किरदारों को सेकेंडरी नहीं, बल्कि कथा का केंद्र बनाया जा सकता है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रसिका दुग्गल टाइपकास्ट होने से कैसे बचीं?
रसिका दुग्गल के अनुसार, 'मंटो' और 'दिल्ली क्राइम' के किरदार बीना भाभी से फिजिकली, लुक और कैरेक्टर के स्तर पर बिल्कुल अलग थे, इसलिए वे टाइपकास्ट होने से बच गईं। इन तीनों किरदारों की वर्सेटिलिटी ने उन्हें अपनी अभिनय रेंज दर्शकों के सामने साबित करने का मौका दिया।
मिर्जापुर: द मूवी में बीना भाभी का किरदार कैसा होगा?
रसिका दुग्गल के अनुसार, फिल्म दर्शकों को यह समझने का मौका देगी कि बीना, 'बीना भाभी' कैसे बनी। उनकी ज़िंदगी और रवैये को एक नया संदर्भ मिलेगा और बीना को एक सर्वाइवर के रूप में दिखाया जाएगा।
रसिका दुग्गल के लिए मंटो में सफिया का किरदार क्यों खास है?
रसिका ने सफिया के किरदार को अपने करियर का अहम मुकाम बताया क्योंकि निर्देशक नंदिता दास ने मंटो की कहानी कहते हुए उनकी पत्नी की कहानी को कभी सेकेंडरी नहीं माना। उनके अनुसार यह दुर्लभ है, क्योंकि अक्सर मर्दों की कहानियाँ याद रहती हैं और औरतों की कहानियाँ भुला दी जाती हैं।
रसिका दुग्गल ने किन-किन प्रोजेक्ट्स से अपनी अभिनय रेंज साबित की?
रसिका ने मिर्जापुर (बीना त्रिपाठी), मंटो (सफिया), दिल्ली क्राइम और शेखर होम जैसे प्रोजेक्ट्स से अपनी विविध अभिनय क्षमता दिखाई है। हर किरदार में लुक, व्यक्तित्व और भावनात्मक गहराई के मामले में उल्लेखनीय अंतर रहा है।
मिर्जापुर: द मूवी कब रिलीज़ होगी?
फिल्म की सटीक रिलीज़ तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। रसिका दुग्गल ने हाल ही में फिल्म के प्रचार के दौरान अपनी वापसी की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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