गुरुग्राम: कारगिल वेटरन ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता पर पार्किंग विवाद में लोहे की रॉड से हमला, सिर और कोहनी में गंभीर चोटें
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में 14 सितंबर 2026 को एक पार्किंग विवाद उस वक्त हिंसक हो गया जब कथित तौर पर एक पार्किंग कर्मचारी ने ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता (सेवानिवृत्त) पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गुप्ता 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय वायु सेना के ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सफेद सागर' का हिस्सा रह चुके हैं। इस हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई और कोहनी में फ्रैक्चर हुआ, जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में सर्जरी करानी पड़ी।
घटनाक्रम: कैसे बिगड़ी स्थिति
गुरुवार रात करीब 8 बजे ग्रुप कैप्टन गुप्ता अपने परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंजो रेस्टोरेंट में डिनर के लिए पहुँचे थे। उनके अनुसार, उन्होंने परिवार को रेस्टोरेंट के पास छोड़ा और गाड़ी पार्क करने निकले। गुप्ता ने आरोप लगाया कि पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें वैलेट सेक्शन, बेसमेंट और बहुस्तरीय पार्किंग — एक-के-बाद-एक अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा और अंततः उनका वाहन पार्क करने से इनकार कर दिया।
गुप्ता का कहना है कि जब वह अपनी कार रिवर्स कर रहे थे, तो एक अटेंडेंट ने कथित तौर पर वाहन की विंडशील्ड पर प्रहार किया। इस व्यवहार पर आपत्ति जताने के लिए जब वह गाड़ी से बाहर उतरे, तो स्थिति और बिगड़ गई। उनके अनुसार, पार्किंग कर्मचारी ने लोहे की छड़ उठाकर पहले उनके हाथ पर और फिर सिर पर वार किया।
चोटें और इलाज
हमले के बाद गुप्ता के सिर से काफी खून बह रहा था। उन्हें एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी सर्जरी हुई। डॉक्टरों ने चोटिल कोहनी की हड्डी को स्थिर करने और जोड़ने के लिए धातु की प्लेटों का इस्तेमाल किया। गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस हमले से खुद को बचाने का बेहद कम समय मिला और यह घटना पूरी तरह अचानक और बिना किसी उकसावे के हुई।
पुलिस और अस्पताल पर आरोप
गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान सुरक्षा गार्डों और अन्य पार्किंग कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद किसी ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया। बाद में रेस्टोरेंट के एक शेफ ने बीच-बचाव किया और स्थिति को और बिगड़ने से रोका। उन्होंने दावा किया कि पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क के बावजूद करीब 30 मिनट तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुँचा।
इसके अतिरिक्त, गुप्ता ने अस्पताल की मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस रिपोर्ट में सिर से खून बहने और कोहनी की चोट का उल्लेख नहीं किया गया है, जो उनके मुताबिक एक गंभीर चूक है।
माँग और कानूनी पहलू
ग्रुप कैप्टन गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास तथा गंभीर चोट पहुँचाने का मामला दर्ज करने की माँग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावर ने हमले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब देश में भूतपूर्व सैनिकों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर समाज में संवेदनशीलता बढ़ी है।
गौरतलब है कि 'ऑपरेशन सफेद सागर' 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी घुसपैठियों को कारगिल सेक्टर के भारतीय ठिकानों से खदेड़ने के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा चलाया गया एक उच्च-ऊँचाई वाला हवाई अभियान था। पुलिस की जाँच जारी है और इस मामले का नतीजा आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।