गुरुग्राम: सिक्योरिटी ऑफिसर ने पत्नी को 3 और बेटे को 6 गोलियाँ मारीं, 2 दिन की रिमांड पर आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3 स्थित जे ब्लॉक में 7-8 जून 2026 की देर रात एक दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया। सेक्टर-44 की एक कंपनी में कार्यरत सिक्योरिटी ऑफिसर अनिल कुमार तंवर (56) ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी आशा तंवर (52) और बेटे प्रशांत तंवर (27) की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बेटे पर 6 और पत्नी पर 3 फायर किए।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस जाँच के अनुसार, देर रात अनिल कुमार तंवर और उनकी पत्नी आशा के बीच तीखा झगड़ा हो रहा था। जब बेटे प्रशांत ने बीच-बचाव कर माँ-बाप को शांत कराने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल कर पहले बेटे पर और फिर पत्नी पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दीं। वारदात के बाद आरोपी दोनों शवों के पास चुपचाप बैठा रहा।
पड़ोसियों ने गोलियों की आवाज़ सुनकर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया और घटनास्थल से लाइसेंसी पिस्टल तथा 14 खाली कारतूस बरामद किए।
मृतकों और आरोपी का परिचय
मूलरूप से हरियाणा के भिवानी जिले के तिगड़ाना गाँव के रहने वाले अनिल कुमार तंवर पिछले 20 वर्षों से गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3 में परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी आशा तंवर शहर के कार्टरपुरी क्षेत्र में एक निजी स्कूल संचालित करती थीं। बेटा प्रशांत माँ के साथ उसी स्कूल के प्रबंधन और संचालन में सहयोग करता था।
पुलिस कार्रवाई और रिमांड
पुलिस ने रविवार, 8 जून को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। सेक्टर-5 थाने में परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और जाँच शुरू कर दी गई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई है।
गुरुग्राम पुलिस ने अपनी आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा, थाना सेक्टर-5, गुरुग्राम पुलिस ने पत्नी व बेटे की हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। घरेलू विवाद के दौरान आरोपी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी (52) और पुत्र (27) पर फायरिंग की, जिससे दोनों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा 14 खाली कारतूस बरामद किए हैं।
बेटी की गवाही
आरोपी अनिल कुमार तंवर की बेटी ने पुलिस को बताया कि रात को उनके पिता और माँ के बीच झगड़ा चल रहा था। जब भाई प्रशांत दोनों को समझाने के लिए आया, तो पिता ने लाइसेंसी हथियार से दोनों को गोली मार दी। बेटी की यह गवाही मामले में अहम साक्ष्य मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस 2 दिन की रिमांड के दौरान आरोपी से हत्या की मंशा, झगड़े की वजह और हथियार के लाइसेंस से जुड़े पहलुओं की गहन पूछताछ करेगी। लाइसेंसी हथियार से हत्या के मद्देनज़र संबंधित विभाग को भी सूचित किए जाने की संभावना है। मामले की अगली सुनवाई रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद होगी।