क्या हर मुद्दे का समाधान आंदोलन से होना चाहिए? मुफ़्ती वजाहत कासमी का विचार

सारांश
Key Takeaways
- संवाद हर मुद्दे का बेहतर समाधान है।
- आंदोलन हमेशा जरूरी नहीं होता।
- हिंदुस्तान में हम सभी को हिंदुस्तानी कहा जाना चाहिए।
- संघ ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- हर धर्म के लोग एकजुट होकर आगे बढ़ सकते हैं।
मुंबई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। इस्लामिक विद्वान मुफ़्ती वजाहत कासमी ने मथुरा-काशी से जुड़े मुद्दे पर कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि हर समस्या का समाधान आंदोलन के माध्यम से ही निकाला जाए। यदि हमारे सभी विद्वान एकत्रित होकर संवाद करेंगे, तो निश्चित रूप से हम इस समस्या का समाधान निकालने में सक्षम होंगे। इससे हमारी स्थिति सामान्य हो सकती है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि इस देश में पहले भी कई धर्म से संबंधित मुद्दे उठ चुके हैं। हम सभी ने देखा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का आदेश दिया, तो हमारे मुस्लिम समुदाय ने इसे स्वीकार किया। यह हमारे लिए खुशी की बात है कि अब राम मंदिर बनकर तैयार हो चुका है और हमारे हिंदू भाई वहां पूजा अर्चना कर रहे हैं।
मुफ्ती ने दोहराया कि मथुरा और काशी जैसे मुद्दों के लिए हमें आंदोलन के स्थान पर संवाद का सहारा लेना चाहिए। भारत जैसे शांतिप्रिय देश में हर बार आंदोलन का सहारा लेना उचित नहीं है। हमें इससे बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संघ एक बड़ा संगठन है, जो विशेष विचारधारा के तहत काम करता है। यह समूह हमारी कौम के लिए काम करता है और इसे किसी विशेष समुदाय से जोड़ना गलत है। हम सभी हिंदुस्तान में रहते हैं, इसलिए हमें एकजुट होकर हिंदुस्तानी कहा जाना चाहिए।
मुफ्ती ने कहा कि संघ ने इस देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आज हिंदुस्तानियों को पूरी दुनिया में एक नई पहचान मिली है, जिसके लिए हमें संघ की सराहना करनी चाहिए।