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धीरज बोम्मादेवरा का आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्डन डबल — ली वू-सियोक को 7-3 से हराकर व्यक्तिगत स्वर्ण

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धीरज बोम्मादेवरा का आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्डन डबल — ली वू-सियोक को 7-3 से हराकर व्यक्तिगत स्वर्ण

सारांश

धीरज बोम्मादेवरा ने अंताल्या में एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा — पहले कुमकुम मोहोद के साथ मिश्रित टीम गोल्ड, फिर ओलंपिक पदक विजेता ली वू-सियोक को 7-3 से हराकर व्यक्तिगत खिताब। पाँच साल के सूखे का अंत और करियर का सबसे बड़ा दिन।

मुख्य बातें

धीरज बोम्मादेवरा ने 14 जून को अंताल्या आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज 3 में गोल्डन डबल दर्ज किया।
पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व फाइनल में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ली वू-सियोक को 7-3 से हराया।
यह उनका वर्ल्ड कप में पहला व्यक्तिगत स्वर्ण और कुल चौथा वर्ल्ड कप मेडल है; पहले तीन कांस्य जीते थे।
2021 में अतनु दास के बाद पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ल्ड कप स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने।
कुमकुम मोहोद (17 वर्ष) के साथ मिश्रित टीम फाइनल में टॉप सीड दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया।
धीरज-कुमकुम वर्ल्ड कप में मिश्रित रिकर्व स्वर्ण जीतने वाली तीसरी भारतीय जोड़ी बने।

भारत के धीरज बोम्मादेवरा ने तुर्की के अंताल्या में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज 3 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। रविवार, 14 जून को 24 वर्षीय धीरज ने पहले कुमकुम मोहोद के साथ मिश्रित टीम रिकर्व स्वर्ण और फिर पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व फाइनल में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरिया के ली वू-सियोक को 7-3 से हराकर गोल्डन डबल पूरा किया। यह उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब है।

मुख्य घटनाक्रम

व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण धीरज का वर्ल्ड कप स्तर पर पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है और कुल मिलाकर उनका चौथा व्यक्तिगत वर्ल्ड कप मेडल — इससे पहले वे तीन कांस्य पदक जीत चुके थे। इस जीत के साथ उन्होंने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व में भारत का पाँच साल का इंतज़ार समाप्त किया। वह 2021 में अतनु दास के बाद यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। इस श्रेणी में व्यक्तिगत वर्ल्ड कप स्वर्ण जीतने वाले भारत के अन्य तीरंदाज जयंत तालुकदार हैं।

सेमीफाइनल में नाटकीय वापसी

धीरज का स्वर्ण तक का सफर आसान नहीं था। सेमीफाइनल में वे जर्मनी के मोरित्ज वीजर से 1-3 से पिछड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच 6-4 से जीता और फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में उन्होंने विश्व के शीर्ष रिकर्व तीरंदाजों में शुमार और ओलंपिक पदक विजेता ली वू-सियोक को 7-3 के निर्णायक अंतर से परास्त किया।

मिश्रित टीम में भी ऐतिहासिक जीत

इसी दिन धीरज ने 17 वर्षीया कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता। तीसरी सीड वाली भारतीय जोड़ी ने फाइनल में टॉप सीड दक्षिण कोरिया की जोड़ी ओह येजिन और किम जे-डियोक को 5-1 से हराया। गौरतलब है कि किम जे-डियोक उस दक्षिण कोरियाई मिश्रित टीम का हिस्सा रही हैं जिसने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था।

भारतीय तीरंदाज़ी में ऐतिहासिक संदर्भ

धीरज और कुमकुम वर्ल्ड कप में मिश्रित रिकर्व स्वर्ण जीतने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय जोड़ी बने। इससे पहले दीपिका कुमारी और अतनु दास ने 2021 में पेरिस में यह उपलब्धि हासिल की थी, और तरुणदीप राय और रिधि ने 2022 में अंताल्या में स्वर्ण जीता था। यह कुमकुम मोहोद का लगातार दूसरा वर्ल्ड कप स्वर्ण पदक भी है, जो इस युवा तीरंदाज़ के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है।

आगे क्या

अंताल्या में इस प्रदर्शन के बाद धीरज बोम्मादेवरा अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज़ी रैंकिंग में और मज़बूत स्थिति में आने की उम्मीद है। भारतीय तीरंदाज़ी दल के लिए यह डबल स्वर्ण आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश की दावेदारी को और पुख्ता करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय रिकर्व तीरंदाज़ी के पुनरुत्थान का संकेत है — एक ऐसे वर्ग में जहाँ देश लंबे समय से दीपिका कुमारी-युग की छाया में जी रहा था। सेमीफाइनल में 1-3 से पिछड़कर वापसी करना और फिर ओलंपिक पदक विजेता को फाइनल में 7-3 से हराना — यह मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है जो अक्सर तकनीक से ज़्यादा मायने रखती है। 17 वर्षीया कुमकुम मोहोद का लगातार दूसरा वर्ल्ड कप स्वर्ण यह भी बताता है कि भारतीय महिला तीरंदाज़ी पाइपलाइन पहले से कहीं अधिक गहरी है। असली परीक्षा अब ओलंपिक चक्र में इस फॉर्म को बनाए रखने की होगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप में कौन से पदक जीते?
धीरज बोम्मादेवरा ने 14 जून को अंताल्या आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज 3 में दो स्वर्ण पदक जीते — पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व और कुमकुम मोहोद के साथ मिश्रित टीम रिकर्व। यह उनका वर्ल्ड कप स्तर पर पहला व्यक्तिगत स्वर्ण और कुल चौथा वर्ल्ड कप पदक है।
धीरज ने व्यक्तिगत रिकर्व फाइनल में किसे हराया?
धीरज बोम्मादेवरा ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ली वू-सियोक को 7-3 से हराया। सेमीफाइनल में वे जर्मनी के मोरित्ज वीजर से 1-3 से पिछड़ने के बाद 6-4 से जीते थे।
कुमकुम मोहोद कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
कुमकुम मोहोद 17 वर्षीया भारतीय रिकर्व तीरंदाज़ हैं। उन्होंने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित टीम फाइनल में टॉप सीड दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया और यह उनका लगातार दूसरा वर्ल्ड कप स्वर्ण पदक है।
पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ल्ड कप स्वर्ण जीतने वाले भारतीय तीरंदाज़ कौन-कौन हैं?
धीरज बोम्मादेवरा से पहले अतनु दास ने 2021 में और जयंत तालुकदार ने इस खिताब को जीता था। धीरज 2021 के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं, जिन्होंने पाँच साल के सूखे को समाप्त किया।
भारत की मिश्रित रिकर्व जोड़ी ने वर्ल्ड कप में कब-कब स्वर्ण जीता है?
धीरज-कुमकुम वर्ल्ड कप में मिश्रित रिकर्व स्वर्ण जीतने वाली तीसरी भारतीय जोड़ी बने। इससे पहले दीपिका कुमारी और अतनु दास ने 2021 में पेरिस में, और तरुणदीप राय और रिधि ने 2022 में अंताल्या में यह खिताब जीता था।
राष्ट्र प्रेस
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