एशियन गेम्स 2026: राजेश जाधव-चिकिथा ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में जीता गोल्ड, LA ओलंपिक 2028 कोटा भी पक्का
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाज़ी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की — राजेश जाधव और चिकिथा तनिपार्थी की मिक्स्ड कंपाउंड जोड़ी ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में साउथ कोरिया को एक रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा भी सुनिश्चित कर लिया, जो पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
रोमांचक फाइनल का घटनाक्रम
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमें 157-157 की बराबरी पर आ गईं, जिससे विजेता का फैसला शूट-ऑफ पर छोड़ा गया। भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए — चिकिथा और राजेश ने अपने पहले शॉट में 10-रिंग हासिल की। कोरियाई खिलाड़ियों ने जल्द बराबरी कर स्कोर 20-20 किया, लेकिन जब साउथ कोरिया के पार्क जुंगयून ने 9 का स्कोर किया, तो भारत ने 40-39 की बढ़त बना ली।
दूसरे एंड में भारतीय जोड़ी ने निरंतर 10-10 के निशाने लगाए और आधे मुकाबले तक 80-78 की बढ़त बनाए रखी। तीसरे एंड में भारत 100-98 से आगे था, लेकिन अंतिम दो तीरों में दोनों भारतीय 10-रिंग से चूक गए, जिससे साउथ कोरिया ने अंतर घटाकर 118-117 कर दिया।
नाटकीय अंतिम एंड और शूट-ऑफ
अंतिम एंड में साउथ कोरिया के पार्क और चोई योंगही ने परफेक्ट 10-10 के निशाने लगाकर स्कोर 157 तक पहुँचाया। भारत को बराबरी के लिए अंतिम दो तीरों में 20 अंक चाहिए थे। चिकिथा ने 9 बनाए, जिससे दबाव राजेश पर आ गया — और उन्होंने बेहद अहम 10 अंक का निशाना लगाकर स्कोर 157-157 कर दिया।
शूट-ऑफ में चिकिथा ने 10 बनाए और पार्क ने बराबरी की। फिर राजेश ने एक और 10 अंक जोड़ा, जिससे सारा बोझ चोई पर आ गया। चोई केवल 9 ही बना सकीं — और भारत का गोल्ड मेडल पक्का हो गया।
चिकिथा का दूसरा गोल्ड, भारत का आठवाँ
गौरतलब है कि यह चिकिथा तनिपार्थी का आइची-नागोया में दूसरा गोल्ड मेडल है — इससे पहले वह महिला टीम इवेंट में भी स्वर्ण जीत चुकी हैं। यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का आठवाँ गोल्ड है। कुल मेडल तालिका में भारत के अब 54 पदक हो गए हैं — 8 गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज।
ओलंपिक 2028 के लिए ऐतिहासिक कोटा
यह जीत महज़ एक पदक से कहीं अधिक है। कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट पहली बार लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में शामिल किया जाएगा, और एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतकर भारत ने इस नए इवेंट में सीधे प्रवेश का अधिकार हासिल कर लिया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तीरंदाज़ी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मज़बूत करने में जुटी है।
आगे की राह
भारतीय तीरंदाज़ी दल का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में देश की सबसे सफल खेल स्पर्धाओं में से एक बनता जा रहा है। ओलंपिक 2028 की तैयारी के लिहाज़ से यह कोटा भारतीय कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को दो साल का निर्णायक अभ्यास-काल देता है।