5 अक्टूबर 2026
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एशियन गेम्स 2026 गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति शर्मा का जींद में जोरदार स्वागत, बोलीं — 'कोरिया का दबदबा तोड़कर गर्व हुआ'

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एशियन गेम्स 2026 गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति शर्मा का जींद में जोरदार स्वागत, बोलीं — 'कोरिया का दबदबा तोड़कर गर्व हुआ'

सारांश

कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में दक्षिण कोरिया का 48 वर्षों का दबदबा तोड़ते हुए महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड जीता। जींद की इस बेटी का घर लौटने पर भव्य स्वागत हुआ और अब उनकी निगाहें ओलंपिक पदक पर टिकी हैं।

मुख्य बातें

कीर्ति शर्मा , अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स 2026 में महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर भारत ने कोरिया का 48 वर्षों का दबदबा तोड़ा।
कीर्ति का पैतृक गाँव रितोली, जींद (हरियाणा) में भव्य स्वागत हुआ; दादा खेड़ा मंदिर में पूजा-अर्चना की।
BJP विधायक रामकुमार गौतम ने जींद पहुँचकर कीर्ति को सम्मानित किया।
कीर्ति ने सफलता का श्रेय परिवार और कोच को दिया; अगला लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना बताया।

एशियन गेम्स 2026 की महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय तीरंदाज कीर्ति शर्मा का शनिवार को उनके गृह जिले जींद, हरियाणा में जोरदार स्वागत किया गया। कीर्ति ने अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर फाइनल में मज़बूत दक्षिण कोरिया को हराया और महिला तीरंदाजी में भारत का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।

ऐतिहासिक जीत और कोरिया का टूटा दबदबा

अपने पैतृक गाँव रितोली लौटने पर कीर्ति ने कहा, 'मैं सात साल की उम्र से तीरंदाजी कर रही हूँ। मेरा सपना था एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लेकर आना। हमने कोरिया के सामने बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हुए उनके 48 वर्षों के दबदबे को खत्म किया, जिसकी हमें बहुत खुशी है।' यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि महिला रिकर्व तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया की पकड़ लंबे समय से अटूट मानी जाती थी।

पहला काम — दादा खेड़ा मंदिर में पूजा

गाँव रितोली पहुँचते ही कीर्ति ने सबसे पहले गाँव के दादा खेड़ा मंदिर में पूजा-अर्चना की। परिवार, पड़ोसियों और समर्थकों ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामकुमार गौतम भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने कीर्ति को सम्मानित किया।

परिवार के बलिदान को दिया श्रेय

कीर्ति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोच को दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे घरवालों ने कभी बताया नहीं कि उन्होंने पैसे कहाँ से लगाए हैं। हमारा परिवार आर्थिक तौर पर बहुत मज़बूत नहीं है, लेकिन मेरे परिवार ने मेरे लिए बहुत कुछ किया, जिसके चलते आज मैं यहाँ पर हूँ।' कीर्ति ने यह भी बताया कि बचपन में तीरंदाजी का शौक नहीं था — स्कूल में इस खेल को देखकर रुचि जागी।

दादा का गर्व और आगे का सफर

कीर्ति के दादा ने पोती की उपलब्धि पर कहा, 'हमारी बेटी ने देश, हरियाणा और हमारे गाँव का मान बढ़ाया है।' उन्होंने स्वीकार किया कि इस सफर में कीर्ति को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन वह हर बार डटी रहीं। विधायक गौतम ने कहा कि वह भारतीय खिलाड़ी और उनके परिवार का हौसला बढ़ाने आए हैं।

अगला लक्ष्य — ओलंपिक में पदक

एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने के बाद कीर्ति की नज़र अब ओलंपिक पर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका अगला सपना ओलंपिक में देश के लिए मेडल लाना है। भारतीय महिला रिकर्व तिकड़ी की यह जीत देश की युवा तीरंदाजों के लिए एक नई प्रेरणा बन चुकी है, और आने वाले वर्षों में इस खेल में भारत की ताकत और बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कीर्ति के अपने शब्दों में परिवार को 'पैसे कहाँ से आए' यह भी नहीं पता था। दक्षिण कोरिया का 48 वर्षों का वर्चस्व तोड़ना तकनीकी उपलब्धि से कहीं बड़ा है — यह संरचनात्मक बाधाओं के बावजूद हासिल की गई जीत है। सवाल यह है कि क्या हरियाणा और केंद्र सरकार की खेल नीतियाँ ऐसे परिवारों को अगली बार यह 'नहीं पता' वाली स्थिति से बाहर निकाल सकती हैं, ताकि प्रतिभा पैसे की कमी की मोहताज न रहे।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-सा पदक जीता?
कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया।
भारत ने कोरिया का कितने वर्षों का दबदबा तोड़ा?
कीर्ति शर्मा के अनुसार भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया के 48 वर्षों के दबदबे को खत्म किया। यह महिला रिकर्व तीरंदाजी में एशियन गेम्स स्तर पर भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
कीर्ति शर्मा कहाँ की रहने वाली हैं और उनका स्वागत कैसे हुआ?
कीर्ति शर्मा हरियाणा के जींद जिले के गाँव रितोली की रहने वाली हैं। घर लौटने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ और उन्होंने दादा खेड़ा मंदिर में पूजा-अर्चना की। BJP विधायक रामकुमार गौतम ने भी पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया।
कीर्ति शर्मा का अगला लक्ष्य क्या है?
कीर्ति शर्मा का अगला लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। उनके दादा ने भी कहा कि ओलंपिक मेडल उनका अगला सपना है।
कीर्ति शर्मा ने तीरंदाजी कैसे शुरू की?
कीर्ति शर्मा ने सात साल की उम्र से तीरंदाजी शुरू की, हालाँकि बचपन में यह उनका शौक नहीं था। स्कूल में इस खेल को देखकर उनकी रुचि जागी और फिर उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाया।
राष्ट्र प्रेस
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