एशियन गेम्स 2026: नीरज चौहान ने ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट किम जे-देओक को हराया, AAI महासचिव बोले — 'पूरी टीम का हौसला बुलंद'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिकर्व तीरंदाज नीरज चौहान ने एशियन गेम्स 2026 में कई बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता किम जे-देओक (दक्षिण कोरिया) को पराजित कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिसके बाद आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा ने 29 सितंबर 2026 को ओकाजाकी सिटी से इसे 'हौसला बढ़ाने वाला' करार दिया। इस जीत के साथ भारतीय तीरंदाजी दल ने कंपाउंड और रिकर्व दोनों वर्गों में पुरुष, महिला एवं मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
मुख्य घटनाक्रम
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, 'नीरज ने शानदार प्रदर्शन किया। हमारी पूरी टीम अच्छा कर रही है। कोरियाई ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्टों को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुँचने से पूरी टीम का हौसला बढ़ा है।' उन्होंने आगे बताया कि कंपाउंड और रिकर्व के व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारतीय तीरंदाजों ने क्वार्टर फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया है।
यह उपलब्धि इसलिए और महत्वपूर्ण है क्योंकि दीपिका कुमारी, अतनु दास, अभिषेक वर्मा और ओजस प्रवीण देवताले जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में यह युवा दल प्रतिस्पर्धा में उतरा है। गौरतलब है कि एशियन गेम्स और ओलंपिक में कोरिया की तीरंदाजी में ऐतिहासिक वर्चस्व रही है, और उसे चुनौती देना किसी भी भारतीय दल के लिए बड़ी बात होती है।
युवा टीम का जोश और 2028 ओलंपिक का लक्ष्य
सचदेवा ने टीम की नवीनता को रेखांकित करते हुए कहा, 'हमारी टीम नई है। सिर्फ एक या दो तीरंदाजों को पहले एशियन गेम्स का अनुभव है।' उन्होंने जोड़ा कि सभी खिलाड़ियों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का जुनून और जोश है, और इस प्रतियोगिता से 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करना दल का प्राथमिक उद्देश्य है।
सचदेवा ने भारत सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 4-5 वर्षों में किए गए बदलावों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।
कठिन मौसम में धैर्य की परीक्षा
रिकर्व टीम के मुकाबले के दौरान ओकाजाकी में भारी बारिश हो रही थी, जिसने खिलाड़ियों के लिए परिस्थितियाँ और कठिन बना दीं। सचदेवा ने कहा, 'शुरू में लगा कि चीजें थोड़ी गलत हो रही हैं, लेकिन उसके बाद वापसी करना बहुत बड़ी बात है।' उन्होंने यह भी कहा कि तीरंदाजी एक ऐसा खेल है जहाँ फोकस सर्वोपरि है — खिलाड़ियों को अपने परिवेश से परे जाकर प्रदर्शन करना पड़ता है, और भारतीय तीरंदाजों ने बारिश के बावजूद यही किया।
सुविधाएँ और लॉजिस्टिक्स
वर्ल्ड आर्चरी एशिया के कार्यकारी बोर्ड सदस्य सचदेवा ने स्पष्ट किया कि आयोजन स्थल पर दल को आवास या परिवहन से संबंधित कोई कठिनाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, 'यह तीरंदाजी के सबसे अच्छे सेटअप में से एक था। हमारे तीरंदाज भारतीय खाना चाहते थे, और वह भी उपलब्ध कराया गया।' सचदेवा ने उम्मीद जताई कि दल इस शानदार शुरुआत को आगे सफलतापूर्वक पूरा करे।
आगे की राह
भारतीय तीरंदाजी दल अब सेमीफाइनल और व्यक्तिगत स्पर्धाओं के क्वार्टर फाइनल में उतरेगा, जहाँ पदक जीतने का मौका है। यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नई पीढ़ी की मज़बूत नींव रखने वाला साबित हो सकता है।