एशियन गेम्स 2026: नीरज चौहान ने व्यक्तिगत रिकर्व में जीता ब्रॉन्ज, हमवतन धीरज बोम्मादेवरा को 6-4 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तीरंदाज नीरज चौहान ने 3 अक्टूबर 2026 को ओकाजाकी के चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वेयर में एशियन गेम्स 2026 के पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हमवतन धीरज बोम्मादेवरा को 6-4 से शिकस्त देकर पदक अपने नाम किया। पाँच सेट तक खिंचे इस रोमांचक मुकाबले में नीरज ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की।
मुकाबले का घटनाक्रम
ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में नीरज ने पहला सेट 29-26 से जीता, लेकिन दूसरा (27-28) और तीसरा (28-29) सेट गँवा दिया। इस प्रकार धीरज 4-2 से आगे हो गए और उन्हें सिर्फ एक और सेट की दरकार थी।
चौथे सेट में नीरज ने तीन बार 10 का स्कोर करके जबरदस्त प्रदर्शन किया और स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। पाँचवें और निर्णायक सेट में धीरज ने कुल 28 अंक बनाए, जबकि नीरज को ब्रॉन्ज के लिए 19 अंकों की ज़रूरत थी। नीरज ने अंतिम दो तीरों पर 9 और 10 का स्कोर कर यह पदक सुनिश्चित किया।
सेमीफाइनल में दोनों की हार
दोनों खिलाड़ी अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हारकर ब्रॉन्ज पदक स्पर्धा में उतरे थे। नीरज को सेमीफाइनल में जापान के जुन्या नाकानिशी ने 7-1 से हराया, जबकि धीरज साउथ कोरिया के ली वू-सेओक के हाथों पराजित हुए।
धीरज के अन्य पदक
गौरतलब है कि धीरज बोम्मादेवरा इन खेलों में पहले से ही पदक विजेता थे। उन्होंने कुमकुम मोहोद के साथ मिक्स्ड इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था, जहाँ फाइनल में चीन ने उन्हें गोल्ड से वंचित किया। इसके अलावा, नीरज चौहान और यशदीप भोग के साथ टीम इवेंट में भी धीरज ने सिल्वर मेडल जीता, जहाँ फाइनल में साउथ कोरिया से हार मिली।
भारतीय महिला तीरंदाजों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इन एशियन गेम्स में भारतीय महिला तीरंदाजों ने इतिहास रच दिया। कुमकुम मोहोद ने साउथ कोरिया की ओह येजिन को हराकर व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का कारनामा किया।
कुमकुम, कीर्ति शर्मा और अंकिता भकात की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा के फाइनल में 10 बार की चैंपियन कोरियाई टीम को चौंकाते हुए गोल्ड मेडल भी जीता — भारतीय महिला तीरंदाजी का यह असाधारण उत्थान दर्शाता है।
क्या होगा आगे
भारत की इन एशियन गेम्स में तीरंदाजी में यह पदक तालिका उत्साहजनक है और अगले ओलंपिक चक्र के लिए टीम के मनोबल को मज़बूत करेगी। नीरज और धीरज दोनों का आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी केंद्रीय भूमिका निभाना तय माना जा रहा है।