धीरज बोम्मादेवरा ने एशियन गेम्स रिकॉर्ड तोड़ा, रिकर्व इंडिविजुअल क्वालीफिकेशन में शीर्ष सीड हासिल की
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने 26 सितंबर 2026 को ओकाजाकी, जापान के ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में रिकर्व इंडिविजुअल आर्चरी क्वालीफिकेशन में एशियन गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली सीड हासिल की। उन्होंने 720 में से 698 पॉइंट्स का स्कोर बनाकर कोरिया के ली वू का 690 पॉइंट्स का पुराना एशियाड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।
धीरज का असाधारण प्रदर्शन
धीरज बोम्मादेवरा ने क्वालीफिकेशन के दोनों हाफ में उत्कृष्ट लय बनाए रखी। पहले हाफ में उन्होंने 360 में से 348 पॉइंट्स अर्जित किए। दूसरे हाफ में उनका प्रदर्शन और निखरा — अंतिम 36 तीरों में उन्होंने 360 में से 350 पॉइंट्स हासिल किए, यानी केवल 10 पॉइंट्स गँवाए। यह सुसंगतता एशियाई स्तर पर भारतीय तीरंदाज़ी की परिपक्वता का प्रमाण है।
अन्य भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन
रिकर्व इवेंट में शामिल अन्य दोनों भारतीय तीरंदाज भी क्वालीफाई हुए। नीरज चौहान ने 676 पॉइंट्स के साथ 20वाँ स्थान और संजय यशदीप भोगे ने 665 पॉइंट्स के साथ 25वाँ स्थान हासिल किया। तीनों ने मिलकर टीम क्वालीफिकेशन में भारत को 2,039 पॉइंट्स के साथ दूसरी सीड दिलाई — कोरिया के 2,064 पॉइंट्स के ठीक पीछे।
टीम और व्यक्तिगत बाई का लाभ
दूसरी सीड मिलने से भारतीय पुरुष टीम को 32 टीमों के ड्रॉ में प्री-क्वार्टर फाइनल में सीधी बाई मिल गई है। धीरज को शीर्ष सीड के रूप में इंडिविजुअल इवेंट के दूसरे राउंड में भी बाई दी गई है, जिससे उनका रास्ता और मज़बूत हो गया है।
महिला वर्ग में भारत का दमदार आगाज़
महिला कंपाउंड इवेंट में चिकिथा तनिपार्थी ने 720 में से 705 पॉइंट्स बनाकर शानदार प्रदर्शन किया। वे चीनी ताइपे की चेन यी-ह्सुआन के 2018 एशियन गेम्स के रिकॉर्ड 706 से मात्र 1 पॉइंट पीछे रहीं। ज्योति सुरेखा 699 पॉइंट्स के साथ 13वें और पृथिका प्रदीप 695 पॉइंट्स के साथ 20वें स्थान पर रहीं। तीनों ने सामूहिक रूप से 2,099 पॉइंट्स जुटाए, जिसके बल पर भारतीय महिला टीम ने टीम इवेंट में दूसरा स्थान हासिल किया — चीन के भी 2,099 पॉइंट्स के बराबर, लेकिन टाईब्रेकर में पीछे रहते हुए।
आगे की राह
धीरज बोम्मादेवरा का यह रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन भारतीय तीरंदाज़ी के लिए एक ऐतिहासिक संकेत है। एशियन गेम्स में भारत की टीम और व्यक्तिगत दोनों मोर्चों पर मज़बूत शुरुआत ने पदक की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। अब सभी की नज़रें क्वार्टर फाइनल चरण पर टिकी हैं, जहाँ धीरज की विश्वस्तरीय फॉर्म भारत को स्वर्ण पदक की दौड़ में बनाए रख सकती है।