एशियन गेम्स 2026: सात्विक-चिराग पहले राउंड में ही बाहर, थाई जोड़ी ने 3 गेम में हराया
सारांश
मुख्य बातें
डिफेंडिंग चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी 25 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के पुरुष डबल्स बैडमिंटन इवेंट के पहले ही राउंड में बाहर हो गई। आइची के इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में दुनिया की नंबर 5 भारतीय जोड़ी को थाईलैंड की पीराचाई सुखफुन और पक्कापोन तीरात्साकुल की विश्व रैंकिंग 36वीं जोड़ी ने 21-12, 19-21 और 14-21 से पराजित किया। यह हार भारतीय बैडमिंटन के लिए एशियन गेम्स में सबसे बड़े उलटफेरों में से एक मानी जा रही है।
मैच का घटनाक्रम
सात्विक और चिराग ने पहले गेम में शानदार शुरुआत की और थाई जोड़ी को 21-12 से आसानी से मात दी। हालांकि, दूसरे गेम में थाई जोड़ी ने धीरे-धीरे लय पकड़ी और 17-13 की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी ने जोरदार वापसी करते हुए अंतर 18-19 तक पाट लिया, लेकिन यह काफी नहीं रहा और सुखफुन-तीरात्साकुल ने दूसरा गेम 21-19 से जीतकर मैच बराबर कर लिया।
निर्णायक तीसरे गेम में थाई जोड़ी ने शुरुआत से ही पूरा नियंत्रण संभाल लिया। सात्विक और चिराग अपनी लय नहीं खोज सके और थाईलैंड ने 21-14 से जीत हासिल कर भारत का टाइटल डिफेंस समाप्त कर दिया।
एशियन गेम्स में भारत का अभियान
गौरतलब है कि यह हार सात्विक-चिराग के लिए पुरुष टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के कुछ ही दिनों बाद आई है। टीम इवेंट के सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन सेमीफाइनल में हार के चलते टीम को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा था।
हार से पहले का शानदार फॉर्म
पिछले महीने चाइना मास्टर्स का खिताब जीतकर सात्विक-चिराग काफी मोमेंटम के साथ एशियन गेम्स में उतरे थे। उस टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए चीन के ही जिटिंग और रेन शियांग्यू को 11-21, 21-13 और 21-17 के स्कोर से 70 मिनट के रोमांचक मुकाबले में हराया था। इस पृष्ठभूमि में एशियन गेम्स से पहले राउंड में बाहर होना निश्चित रूप से एक बड़ा झटका है।
आगे क्या
इंडिविजुअल पुरुष डबल्स में भारत का अभियान अब समाप्त हो गया है। सात्विक और चिराग पिछले एडिशन में जीता गया गोल्ड मेडल बचाने का मौका पाए बिना एशियन गेम्स से विदा ले रहे हैं। यह हार भारतीय बैडमिंटन को इस बात पर विचार करने पर मजबूर करती है कि क्या टूर्नामेंट के बीच लगातार खेलते रहने से खिलाड़ियों की फिटनेस और रणनीतिक तैयारी प्रभावित होती है।