30 जून 2026
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थाईलैंड ओपन 2026: सात्विक-चिराग ने सेमीफाइनल जीता, फाइनल में मारी एंट्री

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थाईलैंड ओपन 2026: सात्विक-चिराग ने सेमीफाइनल जीता, फाइनल में मारी एंट्री

सारांश

सात्विक-चिराग ने पहला गेम गँवाने के बाद शानदार वापसी की और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में प्रवेश किया। मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ रिकॉर्ड अब 8-2 हुआ। पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन के बाहर होने के बाद यह जोड़ी बैंकॉक में भारत की एकमात्र उम्मीद बन चुकी है।

मुख्य बातें

सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने थाईलैंड ओपन सुपर 500 2026 के फाइनल में प्रवेश किया।
सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह सेफेई व नूरइजुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया; मैच 1 घंटे 22 मिनट चला।
मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ सात्विक-चिराग का समग्र रिकॉर्ड अब 8-2 हो गया।
पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन के पहले दौर में बाहर होने के बाद भारत की सारी उम्मीदें इसी जोड़ी पर टिकी हैं।
फाइनल में सामना इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो-डेनियल मार्थिन या चीन के ही जी टिंग-रेन जियांग यू से होगा।
यह जोड़ी का 2024 में थाईलैंड ओपन जीतने के बाद इसी टूर्नामेंट में दूसरा फाइनल है।

सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी ने 16 मई 2026 को थाईलैंड ओपन सुपर 500 के सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह सेफेई और नूरइजुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पटुमवान में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में एक घंटे 22 मिनट का जमकर संघर्ष हुआ, जिसके बाद भारतीय जोड़ी ने 2026 सीजन के अपने पहले फाइनल का टिकट कटाया।

मुख्य घटनाक्रम

टूर्नामेंट में पहली वरीयता प्राप्त और दुनिया की नंबर 4 रैंकिंग वाली भारतीय जोड़ी के लिए यह जीत आसान नहीं रही। पहले गेम में मलेशियाई जोड़ी ने 3-1 की शुरुआती बढ़त ली और इंटरवल तक तीन पॉइंट की बढ़त बनाए रखी। स्कोर 18-12 पहुँचने के बाद भी भारतीय जोड़ी वापसी नहीं कर पाई और पहला गेम 19-21 से गँवा दिया।

दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने कहीं अधिक आत्मविश्वास और संयम दिखाया। ब्रेक तक वे 11-9 से आगे थे। गेम के अंतिम चरण में मलेशियाई जोड़ी ने दो गेम पॉइंट बचाकर स्कोर 20-20 से बराबर किया, जिससे मुकाबला ड्यूस तक पहुँचा। इसके बाद टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ रैलियों में से एक देखने को मिली — जबरदस्त डिफेंस, तेज़ नेट एक्सचेंज और लगातार आक्रमण के बाद सात्विक ने निर्णायक शॉट लगाया और भारत ने दूसरा गेम 22-20 से जीता।

निर्णायक तीसरा गेम

तीसरे और निर्णायक गेम में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। दूसरे गेम की लय को बरकरार रखते हुए उन्होंने मलेशियाई जोड़ी को कोई मौका नहीं दिया और 21-16 से गेम जीतकर फाइनल में जगह पक्की की। इस जीत के साथ मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ सात्विक-चिराग का समग्र रिकॉर्ड 8-2 हो गया है।

भारत की उम्मीदों का बोझ

पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन के पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बाद बैंकॉक में भारत की समस्त उम्मीदें सात्विक-चिराग पर टिकी हैं। गौरतलब है कि इस जोड़ी ने 2024 में थाईलैंड ओपन का खिताब जीता था और 2025 में चाइना मास्टर्स के बाद यह उनका पहला फाइनल है।

फाइनल में होगा सामना

रविवार को होने वाले फाइनल में भारतीय जोड़ी का मुकाबला इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्थिन अथवा चीन के ही जी टिंग और रेन जियांग यू से होगा। यह मुकाबला 2026 सीजन में भारतीय बैडमिंटन के लिए एक अहम परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि क्या वे फाइनल में उस आक्रामकता को बनाए रख सकते हैं जो दूसरे और तीसरे गेम में दिखी। सिंधु और लक्ष्य सेन के जल्दी बाहर होने से यह भी उजागर होता है कि भारतीय बैडमिंटन में एकल वर्ग में गहराई की कमी अभी भी चिंता का विषय है। सात्विक-चिराग की सफलता इस कमी को ढकती है, पर हल नहीं करती।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सात्विक-चिराग ने थाईलैंड ओपन 2026 सेमीफाइनल कैसे जीता?
भारतीय जोड़ी ने मलेशिया के गोह सेफेई और नूरइजुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। पहला गेम गँवाने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और एक घंटे 22 मिनट के मुकाबले में जीत दर्ज की।
थाईलैंड ओपन 2026 फाइनल में सात्विक-चिराग का सामना किससे होगा?
रविवार के फाइनल में भारतीय जोड़ी का मुकाबला इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्थिन अथवा चीन के ही जी टिंग और रेन जियांग यू से होगा।
मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ सात्विक-चिराग का रिकॉर्ड क्या है?
इस जीत के बाद गोह सेफेई और नूरइजुद्दीन की जोड़ी के खिलाफ सात्विक-चिराग का समग्र रिकॉर्ड 8-2 हो गया है, जो उनके स्पष्ट दबदबे को दर्शाता है।
थाईलैंड ओपन 2026 में भारत के अन्य खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं?
पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए। सात्विक-चिराग अब बैंकॉक में भारत की एकमात्र उम्मीद बचे हैं।
सात्विक-चिराग का 2026 सीजन में यह पहला फाइनल क्यों अहम है?
यह 2025 में चाइना मास्टर्स के बाद उनका पहला फाइनल है और 2026 सीजन में पहला। वे 2024 में इसी टूर्नामेंट के विजेता रहे हैं, इसलिए खिताब की रक्षा का दबाव भी है।
राष्ट्र प्रेस
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