एशियन गेम्स 2026: भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, आखिरी 40 सेकंड में अभिषेक का विजयी गोल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। काकामिगहारा में 1 अक्टूबर 2026 को खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक ने मैच के अंतिम 40 सेकंड में विजयी गोल दागकर भारत को शूटआउट की जगह सीधे फाइनल का टिकट दिलाया।
मैच का रोमांचक घटनाक्रम
मुकाबले के दौरान दोनों टीमों का स्कोर 3-3 की बराबरी पर पहुँच गया था और मैच शूटआउट की दिशा में बढ़ता दिख रहा था। ऐसे नाज़ुक पलों में भारतीय खिलाड़ी अभिषेक ने चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में निर्णायक गोल ठोककर भारत की जीत सुनिश्चित की। यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक महत्व रखती है क्योंकि भारत अब एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना चुका है और लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीतने की दहलीज़ पर खड़ा है।
मंदीप सिंह की प्रतिक्रिया
जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी मंदीप सिंह ने कहा, 'हमने पहले दो क्वार्टर में काफी अच्छी हॉकी खेली, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में हमारा थोड़ा स्ट्रक्चर बिगड़ गया था। इन्हीं गलतियों की वजह से गोल हुए। हालांकि, हमें भरोसा था कि चाहे जैसे भी हो हमें इस मुकाबले को निकालना है और शूटआउट में लेकर नहीं जाना है। अंत में वही चीज़ हुई और हमने आखिरी 40 सेकंड में गोल किया।' मंदीप ने स्वीकार किया कि टीम इस सेमीफाइनल से सीख लेगी और विशेष रूप से चौथे क्वार्टर में अपना संरचनात्मक अनुशासन बनाए रखने पर ध्यान देगी।
जरमनप्रीत सिंह का नज़रिया
जरमनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम के लिए इस मैच को जीतना इसलिए भी अत्यंत ज़रूरी था, क्योंकि शुरू से ही लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करना था। मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बारे में उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में ऐसे पल स्वाभाविक होते हैं और इनसे मैच का रोमांच बना रहता है। जरमनप्रीत ने पाकिस्तान टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की, जिसने सेमीफाइनल में भारत को कड़ी टक्कर दी।
संजय का मानसिक दृढ़ता पर ज़ोर
भारतीय खिलाड़ी संजय ने माना कि सेमीफाइनल मुकाबले स्वाभाविक रूप से इसी तरह कड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि स्कोर पर ध्यान देने के बजाय सभी खिलाड़ी एक-दूसरे को प्रेरित करते रहे। संजय के शब्दों में, 'मैच के बीच में स्कोर क्या है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता — 60 मिनट के बाद स्कोर क्या रहता है, यह महत्वपूर्ण होता है।' पाकिस्तान के खिलाफ अतिरिक्त दबाव पर उन्होंने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी बाहरी शोर की बजाय अपनी रणनीति पर केंद्रित रहने की कोशिश करते हैं।
आगे की राह: फाइनल और ओलंपिक लक्ष्य
भारतीय टीम अब एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडल मैच में उतरेगी और लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करेगी। गौरतलब है कि यह जीत केवल पदक तालिका तक सीमित नहीं है — ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफिकेशन भी इसी प्रदर्शन पर निर्भर करता है। जरमनप्रीत के अनुसार, फाइनल से पहले टीम अपनी गलतियों पर काम करेगी और बेहतर संरचनात्मक खेल के साथ मैदान में उतरेगी।