एफआईएच यूथ हॉकी5एस: भारतीय सब-जूनियर पुरुष टीम ने पाकिस्तान को 3-1 से हराकर जीता एशियाई गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सब-जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने 26 जुलाई को मस्कट में खेले गए एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में पाकिस्तान को 3-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रोमित पाल, कप्तान केतन कुशवाहा और शाहरुख अली के गोलों से सजी यह जीत पूरे टूर्नामेंट में भारत के दबदबे की परिणति रही। वहीं, भारतीय महिला टीम फाइनल में चीन से हारकर रजत पदक पर रुकी।
फाइनल का घटनाक्रम
रोमित पाल ने मैच के 5वें मिनट में पाकिस्तानी गोलकीपर को छकाते हुए पहला गोल दागा और भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में गोल कर बढ़त दोगुनी की, और इसके ठीक एक मिनट बाद शाहरुख अली ने 13वें मिनट में स्कोर 3-0 कर दिया। पाकिस्तान की ओर से एकमात्र गोल मुहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में किया, लेकिन तब तक मैच भारत के हाथ से निकलने का सवाल ही नहीं था।
विश्व कप के लिए क्वालीफिकेशन
फाइनल में पहुँचने के साथ ही भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि इस टूर्नामेंट को महज़ एक क्षेत्रीय खिताब से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बनाती है — दोनों एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के लिए यह वैश्विक मंच का टिकट भी है।
महिला टीम का प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम फाइनल में चीन के सामने 2-4 से पराजित हुई। चीन ने भारतीय रक्षापंक्ति को चार बार भेदा, जबकि भारतीय खिलाड़ी केवल दो गोल कर सकीं। इस हार के बावजूद फाइनल तक का सफर भारतीय महिला हॉकी के लिए उत्साहजनक संकेत है।
हॉकी इंडिया का नकद पुरस्कार
हॉकी इंडिया ने दोनों टीमों के प्रदर्शन को सम्मानित करते हुए नकद पुरस्कारों की घोषणा की। स्वर्ण पदक विजेता पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को ₹2 लाख और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को ₹1 लाख दिए जाएंगे। रजत पदक विजेता महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को ₹1 लाख और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को ₹50,000 प्रदान किए जाएंगे।
आगे की राह
एशियाई चैंपियनशिप में इस प्रदर्शन के बाद भारतीय सब-जूनियर हॉकी की निगाहें अब पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस वर्ल्ड कप पर टिकी हैं। यह सफलता भारतीय हॉकी की युवा पाइपलाइन की मज़बूती को रेखांकित करती है और आने वाले वर्षों में सीनियर टीम के लिए उम्मीद की किरण है।