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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने जीता ब्रॉन्ज, राष्ट्रपति मुर्मु ने अनाहत-जोशना को दी बधाई

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने जीता ब्रॉन्ज, राष्ट्रपति मुर्मु ने अनाहत-जोशना को दी बधाई

सारांश

भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज जीता — एशियाई खेलों के महिला टीम इवेंट में लगातार दूसरी बार। सेमीफाइनल में हांगकांग से हार के बाद भी पोडियम फिनिश, और राष्ट्रपति मुर्मु समेत शीर्ष नेताओं की बधाई ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय महत्व दिया।

मुख्य बातें

भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
टीम में अनाहत सिंह , तन्वी खन्ना , जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज शामिल रहीं।
सेमीफाइनल में भारत को हांगकांग से 1-2 से हार मिली, जिसके बाद ब्रॉन्ज मेडल मिला।
महिला टीम इवेंट में भारत का यह एशियन गेम्स में लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , खेल मंत्री मनसुख मांडविया और CM योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर बधाई दी।

भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज की इस टीम को महिला टीम इवेंट के सेमीफाइनल में हांगकांग के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पोडियम पर जगह बनाने में टीम सफल रही। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी है।

राष्ट्रपति और वरिष्ठ नेताओं की बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा, 'मैं एशियन गेम्स 2026 में स्क्वैश के महिला टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज को बधाई देती हूं। आपकी सामूहिक कोशिशों से भारत को स्क्वैश में एक और मेडल मिला है।'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'भारतीय स्क्वैश के लिए गर्व का पल। उनके साहस, संयम और लड़ने के जज्बे ने एक बार फिर तिरंगे का मान बढ़ाया है। उनका प्रदर्शन भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने और बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।'

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे 'भारत के लिए एक और पोडियम फिनिश' बताते हुए कहा कि एशियन गेम्स में महिला टीम इवेंट में यह भारत का लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, 'भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में हांगकांग के खिलाफ जबरदस्त मुकाबला किया और पोडियम पर अपनी जगह बनाकर अपने अभियान का शानदार समापन किया।'

सेमीफाइनल का रोमांचक घटनाक्रम

सेमीफाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने शानदार शुरुआत की और चान सिन युक के खिलाफ पहले दो गेम 11-9 और 11-8 से जीते। लेकिन चान सिन युक ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार तीन गेम — तीसरा 11-6, चौथा 13-11 और पाँचवाँ 12-10 — जीतकर मैच अपने नाम किया, और हांगकांग ने 1-0 की बढ़त बनाई।

इसके बाद तन्वी खन्ना ने शानदार वापसी की। ऊंची रैंकिंग वाली ली का यी के खिलाफ पहला गेम 4-11 से हारने के बाद तन्वी ने अगले तीन गेम 13-11, 11-9 और 13-11 से जीतकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। यह वापसी इस मुकाबले के सबसे यादगार पलों में से एक रही।

निर्णायक तीसरे मैच में जोशना चिनप्पा को हो त्जे लोक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। हो त्जे लोक ने 11-4, 11-7 और 11-9 से तीनों गेम जीते और हांगकांग ने फाइनल में जगह पक्की की।

ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व

गौरतलब है कि यह एशियन गेम्स के महिला टीम इवेंट में भारत का लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है, जो दर्शाता है कि भारतीय महिला स्क्वैश एशियाई स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धी बनती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक पहचान दिलाने की कोशिशें तेज हैं।

जोशना चिनप्पा जैसी अनुभवी खिलाड़ी के साथ अनाहत सिंह जैसी युवा प्रतिभा की जोड़ी भारतीय स्क्वैश के भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत है। 1 अक्टूबर 2026 को मिले इस पदक ने एशियन गेम्स में भारत के पदक तालिका को और मजबूत किया है।

आगे की राह

इस ब्रॉन्ज पदक के बाद भारतीय स्क्वैश महासंघ से उम्मीद की जा रही है कि वह आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम की तैयारी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को और सुदृढ़ करेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार पदक जीतने से भारतीय स्क्वैश को सरकारी वित्त पोषण और कॉर्पोरेट प्रायोजन में बढ़ोतरी मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वर्ण और रजत से दूरी अभी भी बड़ी है। तन्वी खन्ना की उलटफेर भरी जीत और अनाहत सिंह की आक्रामक शुरुआत यह बताती है कि व्यक्तिगत प्रतिभा मौजूद है — सवाल यह है कि क्या टीम ईवेंट में यह निरंतरता फाइनल तक जाने के लिए पर्याप्त होगी। मुख्यधारा की कवरेज नेताओं की बधाई पर केंद्रित रहती है, जबकि असली कहानी यह है कि भारत में स्क्वैश के लिए ढाँचागत निवेश और टॉप-लेवल कोचिंग अभी भी सीमित है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने कौन-सा मेडल जीता?
भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता। सेमीफाइनल में हांगकांग से हारने के बाद टीम को यह पदक मिला।
भारतीय महिला स्क्वैश टीम में कौन-कौन खिलाड़ी थीं?
टीम में अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज शामिल थीं। इन चारों के सामूहिक प्रयास से भारत को यह पदक हासिल हुआ।
सेमीफाइनल में भारत किससे हारा और क्या था स्कोर?
सेमीफाइनल में भारत हांगकांग से 1-2 से हारा। अनाहत सिंह अपना मुकाबला हार गईं, तन्वी खन्ना ने जीत दर्ज की, लेकिन निर्णायक मैच में जोशना चिनप्पा को हार का सामना करना पड़ा।
क्या यह एशियन गेम्स में भारत का पहला महिला स्क्वैश मेडल है?
नहीं, यह एशियन गेम्स के महिला टीम इवेंट में भारत का लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है। यह उपलब्धि भारतीय महिला स्क्वैश की एशियाई स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने टीम को बधाई कैसे दी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट करते हुए अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम की सामूहिक कोशिशों से भारत को स्क्वैश में एक और मेडल मिला है।
राष्ट्र प्रेस
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