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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: शशि थरूर बोले — 'करोड़ों हिंदुओं की आस्था से घोर विश्वासघात'

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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: शशि थरूर बोले — 'करोड़ों हिंदुओं की आस्था से घोर विश्वासघात'

सारांश

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपए के चढ़ावे के कथित गबन को 'चौंकाने वाला और निंदनीय' बताया। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से इस तरह का खिलवाड़ अस्वीकार्य है और यह मामला धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता की जरूरत को उजागर करता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 19 जून को राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर गहरा सदमा और रोष जताया।
थरूर ने कथित गबन को करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ 'घोर विश्वासघात' बताया।
आरोप है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में नकद और आभूषणों का प्रबंधन करने वाले कर्मचारियों ने करोड़ों रुपए का कथित तौर पर निजी उपयोग किया।
थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक चुने गए PM बनने पर बधाई दी, लेकिन नेहरू व इंदिरा गांधी के संचयी कार्यकाल का भी उल्लेख किया।
मंदिर न्यास या संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध औपचारिक जाँच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 19 जून को अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन पर गहरा सदमा और रोष व्यक्त किया। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ 'घोर विश्वासघात' करार दिया। यह बयान एक विशेष साक्षात्कार के दौरान आया, जिसमें उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

थरूर ने क्या कहा

थरूर ने कहा, 'यह वाकई चौंकाने वाला है। मंदिर आस्था का केंद्र होता है। लोग वहाँ जाते हैं, भगवान से प्रार्थना करते हैं और कुछ दान करते हैं। जब आप दान पेटी में कुछ डालते हैं या भगवान के सामने चढ़ावा चढ़ाते हैं, तो वह मंदिर के लिए होता है — एक पवित्र मकसद के लिए — और इसका उपयोग पूरी तरह सिर्फ मंदिर के लिए ही होना चाहिए, किसी और मकसद के लिए नहीं।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब आपको पता चलता है कि लाखों ही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए का गबन किया गया है, तो यह भरोसे और आस्था के साथ बहुत बड़ा धोखा है।' थरूर ने स्वीकार किया कि इस धोखाधड़ी से पीड़ित श्रद्धालुओं की भावनाओं की कल्पना मात्र से उन्हें गहरी पीड़ा हुई।

मामले की पृष्ठभूमि

कुछ दिन पूर्व राम मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था। आरोप है कि देश-विदेश के भक्तों से प्राप्त नकद राशि और आभूषणों का प्रबंधन करने वाले कई कर्मचारियों ने कथित तौर पर इन्हें निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया और कथित तौर पर इनसे आलीशान मकान तक बनवाए। गौरतलब है कि राम मंदिर देश के सर्वाधिक दर्शनीय धार्मिक स्थलों में से एक है और यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं।

मोदी के दीर्घतम कार्यकाल पर थरूर की टिप्पणी

इसी साक्षात्कार में थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोदी में 'जबरदस्त ऊर्जा और जोश है, उनके पास एक विजन है और वे हिंदी के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में से एक हैं।' हालाँकि, थरूर ने यह भी रेखांकित किया कि जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने संचयी रूप से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद सँभाला था, भले ही उनके कार्यकाल अलग-अलग चरणों में थे।

राजनीतिक संदर्भ

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार और मंदिर न्यास पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक स्थल पर पारदर्शी ऑडिट व्यवस्था होनी चाहिए थी। यह मामला संसद के आगामी सत्र में भी उठाए जाने की संभावना है।

आगे क्या होगा

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मंदिर न्यास या संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कोई औपचारिक जाँच शुरू हुई है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकरण से धार्मिक संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग और तेज होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मामला एक वास्तविक संस्थागत चूक की ओर इशारा करता है: देश के सर्वाधिक दर्शनीय मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे के लिए कोई मजबूत ऑडिट तंत्र क्यों नहीं था? यह सवाल केवल राम मंदिर तक सीमित नहीं — भारत के अधिकांश बड़े धार्मिक ट्रस्टों में वित्तीय पारदर्शिता आज भी एक कमज़ोर कड़ी है। जब तक स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक जवाबदेही का ढाँचा नहीं बनता, ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला क्या है?
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद और आभूषणों के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर में धन-संग्रह का काम सँभालने वाले कुछ कर्मचारियों ने करोड़ों रुपए का कथित तौर पर गबन किया और निजी लाभ के लिए उपयोग किया।
शशि थरूर ने राम मंदिर घोटाले पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे 'चौंकाने वाला और निंदनीय' बताया। उन्होंने कहा कि दान पेटी या चढ़ावे में डाली गई राशि पूरी तरह मंदिर के पवित्र उद्देश्य के लिए होती है और करोड़ों रुपए का कथित गबन करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था के साथ 'घोर विश्वासघात' है।
क्या इस मामले में कोई जाँच शुरू हुई है?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मंदिर न्यास या संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कोई औपचारिक जाँच शुरू हुई है या नहीं। मामला सार्वजनिक होने के बाद विपक्षी दलों ने पारदर्शी जाँच की माँग की है।
थरूर ने PM मोदी के दीर्घतम कार्यकाल पर क्या कहा?
थरूर ने मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और उन्हें ऊर्जावान, विजनरी और हिंदी के बेहतरीन वक्ताओं में से एक बताया। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने संचयी रूप से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद सँभाला था।
राम मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था कैसे होती है?
राम जन्मभूमि मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालु नकद, आभूषण और अन्य वस्तुएँ चढ़ावे के रूप में देते हैं। इनके प्रबंधन की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट के नियुक्त कर्मचारियों पर होती है। कथित घोटाले ने इस व्यवस्था में पारदर्शी ऑडिट तंत्र की कमी को उजागर किया है।
राष्ट्र प्रेस
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