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आनंद सिंह ने 80.57 मीटर के करियर-बेस्ट थ्रो से जीता गोल्ड, एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में रचा इतिहास

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आनंद सिंह ने 80.57 मीटर के करियर-बेस्ट थ्रो से जीता गोल्ड, एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में रचा इतिहास

सारांश

उत्तर प्रदेश के 22 वर्षीय आनंद सिंह ने ओरडोस में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय इवेंट में ही इतिहास रच दिया — 80.57 मीटर का थ्रो, पिछले बेस्ट से 2.89 मीटर का सुधार, और भाला फेंक में भारत के लिए एशियन अंडर-23 गोल्ड। यह सिर्फ एक पदक नहीं, एक नई पीढ़ी का उदय है।

मुख्य बातें

आनंद सिंह ने एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में पुरुष भाला फेंक स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता।
उनका थ्रो 80.57 मीटर रहा — करियर-बेस्ट और पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार।
पिछले पर्सनल बेस्ट 77.68 मीटर से 2.89 मीटर का सुधार दर्ज किया।
यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय इवेंट था, जो ओरडोस, चीन में आयोजित हुआ।
AFI ने इस चैंपियनशिप के लिए 54 सदस्यीय भारतीय टीम भेजी थी।

भारत के आनंद सिंह ने 13 जुलाई 2026 को ओरडोस, चीन में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में पुरुषों की भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) स्पर्धा में 80.57 मीटर के करियर-बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। 22 वर्षीय इस उत्तर प्रदेश के एथलीट ने पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।

ऐतिहासिक थ्रो का विवरण

आनंद सिंह ने ओरडोस में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय इवेंट में उतरते हुए 80.57 मीटर का थ्रो फेंका, जो उनके पिछले पर्सनल बेस्ट से 2.89 मीटर अधिक है। यह सुधार किसी युवा एथलीट के लिए असाधारण माना जाता है और उनकी तेज़ प्रगति का प्रमाण है।

गौरतलब है कि आनंद ने इस चैंपियनशिप में 77.68 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ प्रवेश किया था, जो उन्होंने 28 जून को भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के छठे और अंतिम राउंड में हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में वह रोहित यादव, यशवीर सिंह और सचिन यादव के बाद चौथे स्थान पर रहे थे।

करियर की उड़ान

इस साल की शुरुआत में आनंद ने पटियाला में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन में 76.94 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय भाला फेंक में नीरज चोपड़ा की विरासत के बाद युवा एथलीटों की एक नई पीढ़ी उभर रही है।

तीन अलग-अलग प्रतियोगिताओं में — पटियाला, भुवनेश्वर और अब ओरडोस — आनंद का प्रदर्शन लगातार ऊपर की ओर रहा है, जो उनकी तकनीकी परिपक्वता और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।

भारतीय दल का प्रदर्शन

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने 9 से 12 जुलाई 2026 तक ओरडोस में आयोजित इस चैंपियनशिप के लिए 54 सदस्यीय राष्ट्रीय ट्रैक एवं फील्ड टीम को शॉर्टलिस्ट किया था। पुरुष वर्ग में विभास्कर कुमार, सैम वसंत एस, शिवाजी परशुराम और भरतप्रीत सिंह जैसे एथलीट शामिल रहे, जबकि महिला वर्ग में शैली सिंह, हुइड्रोम भूमेश्वर और प्राची देवकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।

आगे की राह

आनंद सिंह का यह प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रीय सीनियर टीम चयन के लिए मज़बूत दावेदार बनाता है। 80 मीटर का आंकड़ा पार करना भाला फेंक में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है और अब नज़रें उनके अगले अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर टिकी होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अंडर-23 स्तर पर सफलता और सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है — AFI को इस प्रतिभा को सही कोचिंग और प्रतियोगिता एक्सपोज़र देकर संवारना होगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनंद सिंह ने एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में कितने मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड जीता?
आनंद सिंह ने 80.57 मीटर के करियर-बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय इवेंट था और उन्होंने पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार किया।
आनंद सिंह का पिछला पर्सनल बेस्ट क्या था?
आनंद सिंह का पिछला पर्सनल बेस्ट 77.68 मीटर था, जो उन्होंने 28 जून को भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम राउंड में हासिल किया था। ओरडोस में उन्होंने इसे 2.89 मीटर से बेहतर किया।
एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 कहाँ आयोजित हुई?
यह चैंपियनशिप चीन के ओरडोस शहर में 9 से 12 जुलाई 2026 के बीच आयोजित हुई। AFI ने इसके लिए 54 सदस्यीय भारतीय ट्रैक एवं फील्ड टीम भेजी थी।
आनंद सिंह कहाँ के एथलीट हैं और उनका करियर कैसा रहा है?
आनंद सिंह उत्तर प्रदेश के 22 वर्षीय एथलीट हैं। इस साल पटियाला में इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन में 76.94 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे और भुवनेश्वर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर।
भाला फेंक में 80 मीटर का आंकड़ा पार करना क्यों महत्वपूर्ण है?
भाला फेंक में 80 मीटर को एक प्रमुख मील का पत्थर माना जाता है जो एथलीट को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी स्तर पर स्थापित करता है। इस आंकड़े को पार करने से आनंद सिंह सीनियर राष्ट्रीय टीम चयन के लिए मज़बूत दावेदार बन गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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