आनंद सिंह ने 80.57 मीटर के करियर-बेस्ट थ्रो से जीता गोल्ड, एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारत के आनंद सिंह ने 13 जुलाई 2026 को ओरडोस, चीन में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में पुरुषों की भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) स्पर्धा में 80.57 मीटर के करियर-बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। 22 वर्षीय इस उत्तर प्रदेश के एथलीट ने पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
ऐतिहासिक थ्रो का विवरण
आनंद सिंह ने ओरडोस में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय इवेंट में उतरते हुए 80.57 मीटर का थ्रो फेंका, जो उनके पिछले पर्सनल बेस्ट से 2.89 मीटर अधिक है। यह सुधार किसी युवा एथलीट के लिए असाधारण माना जाता है और उनकी तेज़ प्रगति का प्रमाण है।
गौरतलब है कि आनंद ने इस चैंपियनशिप में 77.68 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ प्रवेश किया था, जो उन्होंने 28 जून को भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के छठे और अंतिम राउंड में हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में वह रोहित यादव, यशवीर सिंह और सचिन यादव के बाद चौथे स्थान पर रहे थे।
करियर की उड़ान
इस साल की शुरुआत में आनंद ने पटियाला में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन में 76.94 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय भाला फेंक में नीरज चोपड़ा की विरासत के बाद युवा एथलीटों की एक नई पीढ़ी उभर रही है।
तीन अलग-अलग प्रतियोगिताओं में — पटियाला, भुवनेश्वर और अब ओरडोस — आनंद का प्रदर्शन लगातार ऊपर की ओर रहा है, जो उनकी तकनीकी परिपक्वता और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।
भारतीय दल का प्रदर्शन
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने 9 से 12 जुलाई 2026 तक ओरडोस में आयोजित इस चैंपियनशिप के लिए 54 सदस्यीय राष्ट्रीय ट्रैक एवं फील्ड टीम को शॉर्टलिस्ट किया था। पुरुष वर्ग में विभास्कर कुमार, सैम वसंत एस, शिवाजी परशुराम और भरतप्रीत सिंह जैसे एथलीट शामिल रहे, जबकि महिला वर्ग में शैली सिंह, हुइड्रोम भूमेश्वर और प्राची देवकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
आगे की राह
आनंद सिंह का यह प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रीय सीनियर टीम चयन के लिए मज़बूत दावेदार बनाता है। 80 मीटर का आंकड़ा पार करना भाला फेंक में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है और अब नज़रें उनके अगले अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर टिकी होंगी।