'मा इंटी बंगारम' ने रचा इतिहास: ₹100 करोड़ कमाने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बनी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री एवं निर्माता सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म 'मा इंटी बंगारम' ने तेलुगु सिनेमा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। निर्माताओं के दावे के अनुसार, यह फिल्म दुनियाभर में ₹100 करोड़ की कमाई करने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बन गई है। 19 जून को रिलीज हुई इस फैमिली एक्शन-कॉमेडी ड्रामा ने बॉक्स ऑफिस पर यह उपलब्धि हासिल की है।
ऐतिहासिक उपलब्धि का ऐलान
सामंथा के प्रोडक्शन हाउस ट्रालाला मूविंग पिक्चर्स ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए फिल्म को 'ब्लॉकबस्टर' घोषित किया। पोस्ट में कहा गया, 'मा इंटी बंगारम' ने 'गोल्डन सेंचुरी' पूरी कर इतिहास रच दिया है — यह दुनियाभर में ₹100 करोड़ का कारोबार करने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बन गई है। गौरतलब है कि यह घोषणा निर्माताओं की ओर से की गई है और स्वतंत्र बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स द्वारा इसकी पुष्टि अलग से की जानी बाकी है।
फिल्म की टीम और निर्माण
फिल्म का निर्देशन नंदिनी रेड्डी ने किया है, जबकि इसकी कहानी राज निदिमोरु ने लिखी है। सामंथा के अलावा, दिगंत और गुलशन देवैया अहम भूमिकाओं में हैं। श्रीमुखी, गौतमी, आनंद, लक्ष्मी, श्रीनिवास गाविरेड्डी और मंजूषा ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाए हैं।
सामंथा के अपने स्टंट और चुनौतियाँ
फिल्म की रिलीज से पूर्व चेन्नई में आयोजित प्री-रिलीज कार्यक्रम में सामंथा ने बताया था कि उन्होंने एक्शन दृश्यों के लिए खुद स्टंट किए और इस दौरान कई चोटें भी सहीं। उन्होंने कहा था, "फिल्म में कोई स्लो मोशन, उड़ते हुए या ओवर-द-टॉप एक्शन सीन नहीं हैं। सभी फाइट सीक्वेंस पूरी तरह वास्तविक हैं। मुझे भी कई मुक्के लगे, खून भी बहा, लेकिन मैंने सभी एक्शन सीन खुद किए। शायद यही वजह है कि दर्शकों को फिल्म का एक्शन इतना वास्तविक लग रहा है।"
निर्माता के रूप में सामंथा का नज़रिया
इस वर्ष जनवरी में सामंथा ने फिल्म के बारे में कहा था, "'मा इंटी बंगारम' एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसकी ताकत उसकी संवेदनशीलता और साहस दोनों से आती है। इस किरदार को निभाना और निर्माता के रूप में इस फिल्म को आगे बढ़ाना मेरे लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा है।" यह फिल्म तेलुगु सिनेमा में महिला-केंद्रित कहानियों के बढ़ते बाज़ार की ओर इशारा करती है, जो अब बड़े बजट और व्यापक वितरण के साथ आ रही हैं।
आगे क्या
₹100 करोड़ की यह उपलब्धि तेलुगु इंडस्ट्री में महिला-प्रधान फिल्मों के लिए एक नई मिसाल कायम कर सकती है। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि इस सफलता के बाद और अधिक निर्माता महिला-केंद्रित प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।